चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के साथ  हिंदुस्तान करेगा ये काम, जानिए कैसे...

चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के साथ  हिंदुस्तान करेगा ये काम,  जानिए कैसे...

आज (22 जुलाई) इसकी लॉन्चिंग के साथ ही हिंदुस्तान अंतरिक्ष क्षेत्र में कई अहम उपलब्ध्यिां हासिल करने वाला है। चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान को बाहुबली रॉकेट कहे जाने वाले जीएसएलवी मार्क 3/एम1 रॉकेट से दोपहर 2:43 बजे लॉन्‍च किया जाएगा।

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लेकिन क्‍या आप जाने हैं चंद्रयान-2 के साथ विक्रम व प्रज्ञान भी चांद पर जा रहे हैं।

3.8 टन वजनी है चंद्रयान-2
हिंदुस्तान की ओर से चंद्रयान-2 का कुल वजन 3.8 टन (3,850 किलोग्राम) है। इस चंद्रयान-2 त‍हत एक ऑर्बिटर, एक लैंडर व एक रोवर भी चांद पर जा रहे हैं। इनका नाम चंद्रयान-2 ऑर्बिटर, विक्रम लैंडर व प्रज्ञान रोवर है। चंद्रयान-2 को इसरो 22 जुलाई को लॉन्‍च करेगा। लेकिन चांद की सतह पर लैंडर विक्रम 7 सितंबर, 2019 को लैंड करेगा।

कुछ ऐसा है चंद्रयान-2 ऑर्बिटर
चंद्रयान-2 ऑर्बिटर का वजन 2,379 किलोग्राम है। यह 3.2*5.8*2.1 मीटर बड़ा है। इसकी मिशन जीवन 1 वर्ष की है। सारे चंद्रयान-2 मिशन में यही ऑर्बिटर अहम किरदारनिभाएगा। इसी के जरिये चांद की सतह पर उतरने वाले विक्रम लैंडर व भूमि पर उपस्थित इसरो के वैज्ञानिकों के बीच सम्पर्क हो पाएगा। यह चांद की कक्षा पर उपस्थित रहेगा। यह चांद की सतह पर उपस्थित लैंडर विक्रम व रोवर प्रज्ञान से मिली जानकारियों को भूमि पर वैज्ञानिकों के पास भेजेगा।

8 उपकरणों से शोध करेगा ऑर्बिटर
1. चंद्रयान-2 ऑर्बिटर के पास चांद की कक्षा से चांद पर शोध करने के लिए 8 उपकरण रहेंगे। इनमें चांद का डिजिटल मॉडल तैयार करने के लिए टेरेन मैपिंग कैमरा-2 है।

2. चांद की सतह पर उपस्थित तत्‍वों की जाँच के लिए इसमें चंद्रययान-2 लार्ज एरिया सॉफ्ट एक्‍स-रे स्‍पेक्‍ट्रोमीटर (क्‍लास) है।

3. क्‍लास को सोलर एक्‍स-रे स्‍पेक्‍ट्रम इनपुट मुहैया कराने के लिए सोलर एक्‍स-रे मॉनीटर है।

4. चांद पर पानी की मौजूदगी का पता लगाने व वहां उपस्थित मिनरल्‍स पर शोध के लिए इसमें इमेजिंग आईआर स्‍पेक्‍ट्रोमीटर है।