देश के 28 राज्यों में सिक्किम ऐसा जहा अभी एक नहीं मिला कोई मामला, जाने कैसे

देश के 28 राज्यों में सिक्किम ऐसा जहा अभी एक नहीं मिला कोई मामला, जाने कैसे

संसार के लगभग हर हिस्से तक कोरोना वायरस का संक्रमण पहुंच चुका है. बस अब कुछ ही देश ऐसे हैं, जहां पर इस वायरस ने अभी तक दस्तक नहीं दी है व कोई भी मुद्दा सामने नहीं आया है.

 देश के 28 राज्यों में सिक्किम इकलौता प्रदेश है, जहां पर अभी तक कोविड-19 का कोई मुद्दा सामने नहीं आया है. इसके पीछे सिक्किम द्वारा बहुत जल्द उठाए गए तरीका शामिल हैं.

उधर, संसार की बात करें तो संसार के 213 राष्ट्रों में कोरोना संक्रमण पहुंच चुका है. साथ ही कई देश ऐसे हैं जहां पर एक भी मुद्दा सामने नहीं आया है. इनमें तुर्कमेनिस्तान, उत्तर कोरिया, कोमोरोस, किरीबाती, लेसोटो, मार्शल आइलैंड, माइक्रोनेशिया, नोरू, जैसे देश शामिल हैं. इसके साथ ही कुछ देश ऐसे हैं, जहां पर 100 से अधिक मुद्दे सामने आने के बाद भी एक भी मृत्यु नहीं हुई है.

कोरोना से बचे अन्य देश : कोरोना से कोमोरोस, किरीबाती, लेसोटो, मार्शल आइलैंड, माइक्रोनेशिया जैसे कई छोटे देश अब तक बचे हुए हैं. इसे लेकर विशेषज्ञोंका मत है कि यहां पर दूसरे लोगों की आवाजाही कम है. संसार के नक्शे में इनका भाग बहुत ही छोटा है. वहीं आबादी के लिहाज से भी यह लोग कम है. इसलिए होने कि सम्भावना है कि यहां पर कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं पहुंचा हो. हालांकि यह उस समय तक ही है जब तक की कोरोना संक्रमित आदमी के सम्पर्क में नहीं आते. एक बार कोरोना संक्रमण का शिकार होने पर यहां भी मामलों की संख्या बहुत ही तेजी से बढ़ सकती है. अच्छी बात यह है कि अभी ये देश सुरक्षित हैं.

तुर्कमेनिस्तान व उत्तर कोरिया अलग : दुनिया में कोरोना के मुद्दे बढ़ रहे हैं, लेकिन तुर्कमेनिस्तान व उत्तर कोरिया जैसे राष्ट्रों में आधिकारिक रूप से एक भीमामला सामने नहीं आया है. इसे लेकर सवाल भी उठ रहे हैं. कई विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों राष्ट्रों की सरकारें सच्चाई छिपा रही है. इससे उन प्रयासों को धक्का लगता है जो महामारी से निपटने के लिए किए जा रहे हैं. संसार जब महामारी से निपटने के लिए कोशिशें कर रही हैं, तुर्कमेनिस्तान अलग रास्ते पर है.वहां पर 7 अप्रैल को दुनिया स्वास्थ्य दिवस पर साइकिल रैली निकाली गई. जबकि उत्तर कोरिया ने हाल ही में मिसाइल परीक्षण किया है. इससे पता चलता हैकि जब संसार वैश्विक संकट से जूझ रही है, इन दोनों को इसकी कोई परवाह नहीं है या फिर यह दोनों देश खुद को अलग अंदाज में पेश करना चाहते हैं.तुर्कमेनिस्तान को लेकर विशेषज्ञों का दावा है कि एड्स पीड़ित कोई भी आदमी वहां पर रह नहीं सकता है. कुछ दशकों में प्लेग सहित कई प्रकोप यहां आए औरज्यादातर के सबूतों को दबा दिया गया. वहीं उत्तर कोरिया से ठीक आंकड़ों का बाहर आना बहुत ज्यादा कठिन है.

100 से अधिक मामले, लेकिन नहीं हुई मृत्यु : दुनिया में कई देश हैं, जो अपने सीमित संसाधनों से इस वैश्विक महामारी से जूझ रहे हैं. इन राष्ट्रों में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के 100 से ज्यादा मुद्दे सामने आ चुके हैं. इसके बावजूद यहां पर अभी तक एक भी मृत्यु नहीं हुई है. जब संसार के सर्वाधिक सुविधा संपन्न देश इस खतरनाक वायरस के सामने बौने नजर आ रहे हैं, वहीं इन राष्ट्रों की कोशिशों ने नयी उम्मीदें जगाई हैं.

सक्किम छोड़ सारे देश में पैर पसार चुकी है कोरोना महामारी : हिंदुस्तान में सिक्किम को छोड़कर सभी राज्यों तक कोरोना वायरस का संक्रमण पहुंच चुका है. इसका कारण है कि जब संसार कोविड-19 को महामारी घोषित करने पर विचार कर रही थी, तभी सिक्किम प्रशासन ने 27 जनवरी को सभी प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग को जरूरी कर दिया था. सिक्किम ने बहुत जल्द ही सुरक्षा तरीका उठाए, जिससे इस महामारी को प्रदेश की सीमाओं के बाहर रखने में सफल हुआ है. पश्चिम बंगाल व असम की प्रयोगशालाओं में सिक्किम से 70 से ज्यादा सैंपल भेजे गए थे, जिनमें से सभी नकारात्मक रहे. स्क्रीनिंग के दौरान विदेश यात्रा करने वाले को सरकारी क्वारंटाइन सुविधा प्रदान की या सेल्फ आइसोलेशन के लिए प्रोत्साहित किया गया. लोगों ने भी इसमें सहभागिता निभाई व भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में बहुत कम लोग पहुंचने लगे.

वहीं 5 मार्च को सिक्किम सरकार ने विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया. देशव्यापी लॉकडाउन से पहले ही 17 मार्च को स्कूल-कॉलेजों, जिम व ऐसी ही भीड़भाड़ वाली जगहों को बंद कर दिया. इसके बाद उन लोगों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो दिल्ली व अन्य महानगरों से घर लौट रहे थे. उन्हें 14 दिन के लिए सेल्फ आइसोलेट किया गया. स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने प्रतिदिन निगरानी की. अपनी यात्राओं को छिपाने वालों को पकड़ने में प्रशासन ने तेजी दिखाई व कार्रवाई की. इन सम्मिलित प्रयासों ने जबरदस्त कार्य किया.