लॉकडाउन में महिलाएं इन तरीको से रखे अपने आपको रिलेक्स

लॉकडाउन में महिलाएं इन तरीको से रखे अपने आपको रिलेक्स

में अगर सबसे ज्यादा वजन किसी पर आया है तो वह है स्त्रियों पर. परिवार का हर मेम्बर घर पर बंद है, कार्य वाली बाई नहीं आ रही है व ऐसे में प्रातः काल से लेकर रात तक पति, बच्चों से लेकर घर के बुजुर्गों का ख्याल रखना सरल नहीं है.

  में लगता जरूर है कि बहुत समय मिल गया हो, लेकिन वास्तव में स्त्रियों के लिए स्थिति उलट है. उसमें भी घर बैठे  का कार्य करने वाली स्त्रियों के लिए ज्यादा व्यस्त दिनचर्या है. इसलिए ऐसे में महत्वपूर्ण है कि महिलाएं कुछ सेल्फ केयर टेक्निक अपनाकर खुद को तैयार कर सकती है, ताकि वे सारी परिस्थितियों का सामना कर सकें. यहां ऐसी कुछ तकनीकें बताई जा रही हैं, जिसमें अलावा समय निकाले बिना महिलाएं खुद को रिलेक्स कर सकती हैं.

जब खड़े हों, तो दो पैरों पर खड़े रहें

महिलाओं ने भले ही इस पर ध्यान दिया नहीं होगा लेकिन कई महिलाएं कार्य में इतना व्यस्त हो जाती है कि उन्हें ध्यान नहीं रहता कि वह एक पैर पर ही वजन देकर खड़ी है. आमतौर अधिकतर महिलाएं दो पैरों पर खड़ी नहीं होती हैं. एक पर दबाव डालती हैं व एक तरफ झुक जाती हैं. ऐसे में अनजाने में एक पैर दूसरे की तुलना में ज्यादा कार्य करता हैं. लंबे समय तक ऐसा करने से यह पोश्चर को बिगाड़ सकता है. इसलिए, इस बात पर ध्यान देना प्रारम्भ करें कि कैसे खड़े हैं व यह सुनिश्चित करें कि अपना वजन दोनों पैरों पर रहे.

जब बैठें, तो सीधे बैठें

इतने कार्य के बाद भी सोफे पर ही टिक जाना संभव है, लेकिन पीठ के सहारे बैठने में कठिनाई यह है कि पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति व बेकार हो सकती है. इसलिए बिना झुके सीधे बैठने की प्रयास करें. ऐसा करने का सबसे अच्छा उपाय क्रॉस-लेग्ड बैठना है. यह सुनिश्चित करेगा कि रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से पर भी दबाव न डालें. 

www.myupchar.com से जुड़े एम्स के डाक्टर केएम नाधीर का बोलना है कि खड़े होने व बैठने के दौरान शरीर की मुद्रा ठीक रखना बहुत महत्वपूर्ण है. ठीक मुद्रा न होने पर रीढ़ की हड्डी का दर्द होने लगता है जो कि आमतौर पर गर्दन व पीठ के बीच के हिस्से व पीठ के निचले हिस्से में भी होने कि सम्भावना है.

बिस्तर पर जाएं तो

www.myupchar.com से जुड़े डाक्टर लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का बोलना है कि पैर का दर्द कहीं भी महसूस होने कि सम्भावना है जैसे पंजे, एड़ी तलवों, एंकल आदि. लंबे समय तक खड़े रहने से भी यह दर्द परेशान कर सकता है. पैरों ने जितनी मेहनत की है, उसके लिए उन्हें आराम देना बहुत महत्वपूर्ण है. दीवार के पास लेट जाएं व पीठ के निचले हिस्से में एक तकिया या टॉवेल को गोल घुमाकर रख लें. अगर जमीन पर न लेटना हो तो बेड के हेडरेस्ट पर भी यह कार्य कर सकते हैं. दोनों पैरों को दीवार के समानांतर ऊपर उठाकर 90 डिग्री के कोण में टिका दें. पैरों को सीधा रखें व अपनी बांहों और कंधों को आराम दें. रोज 15 मिनट के लिए ऐसा करने पर रक्त उल्टा दिशा में बहेगा व पैरों को आराम मिलेगा. पैरों की सूजन कम होगी व उनमें भारीपन महसूस नहीं होगा. पैरों की मांसपेशियों को आराम पहुंचेगा. मस्तिष्क तक ऑक्सीजन का प्रवाह होता है, जिससे तनाव दूर होगा.

कुछ समय के लिए इंसानों से दूर रहें

अपना आपा न खोने की प्रयास करें, लेकिन उसे खो देना व फिर बाकी दिन पछतावा करना. इसकी चिंता न करें, यह स्वाभाविक है. बस थोड़ी सी चुप्पी की आवश्यकता है. हर दिन एक समय अपने लिए रखें जब किसी से बात नहीं करेंगे, व्हाट्सएप पर भी नहीं. जो चाहें वह करें, लेकिन इंसानों से कोई वार्ता नहीं. अगर ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो एक कार्य करें. नारियल के ऑयल के दो चम्मच अपने मुंह में डालें व इसे लगभग 15 मिनट तक घुमाएं. यह मौन भी रखने में मदद करेगा व कुछ  फायदा भी देगा.