यूपी के कानपुर में चौबेपुर के पूर्व एसओ विनय तिवारी व बीट प्रभारी केके शर्मा को किया गया अरैस्ट 

 यूपी के कानपुर में चौबेपुर के पूर्व एसओ विनय तिवारी व बीट प्रभारी केके शर्मा को किया गया अरैस्ट 

 यूपी के कानपुर (Kanpur) में विकरु गांव शूटआउट (Shootout) मुद्दे में निलंबित (Suspended) किए गए चौबेपुर के पूर्व एसओ विनय तिवारी (Vinay Tiwari) व बीट प्रभारी केके शर्मा (KK Sharma) को अरैस्ट (Arrest) कर लिया गया है। 

मुठभेड़ के समय पुलिस टीम की जान खतरे में डालने व मौके से फरार होने के साथ ही क्रिमिनल विकास दुबे (Vikas Dubey) से विषय में इन्हें हिरासत में लिया गया है। आईजी मोहित अग्रवाल (IG Mohit Agarwal) व एसएसपी दिनेश कुमार पी (SSP Dinesh Kumar P) इनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

विनय तिवारी की किरदार मिली संदिग्ध

दरअसल अब तक की जाँच में एसओ विनय तिवारी की किरदार संदिग्ध मिली है। साथ ही यह बात भी साफ हो रही है कि उन्होंने 2/3 जुलाई की रात विकास दुबे के घर पर दबिश देने जा रही पुलिस टीम (Police Team) की इनफार्मेशन लीक की थी। पुलिस की ही मुखबिरी के बाद विकास दुबे ने अपने हथियारबंद गुर्गों के साथ मिलकर आठ पुलिसवालों को मृत्यु के घाट उतार दिया था। पूरा थाना किया गया लाइन हाजिर



बता दें इस मुद्दे में एसओ विनय तिवारी, दरोगा कुंवर पाल, केके शर्मा व सिपाही राजीव चौधरी पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं एसएसपी ने सारे थाने के बाकी 68 स्टाफ को भी लाइन हाजिर कर दिया है। सभी के विरूद्ध जाँच जारी है। अब चौबेपुर थाने में 55 नए पुलिसवालों की तैनाती की गई है।

शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा ने की थी विनय तिवारी की शिकायत

बताते चलें कि कानपुर हत्याकांड में शहीद हुए सीओ विल्ल्हौर देवेंद्र मिश्रा ने 14 अप्रैल को ही तत्कालीन एसएसपी अनंत देव त्रिपाठी को विभागीय चिट्ठी लिखकर एसओ विनय तिवारी व क्रिमिनल विकास दुबे के सांठगाँठ की जानकारी दी थी। साथ ही किसी गंभीर गह्तना की संभावना जताई थी। हालांकि तत्कालीन एसएसपी ने इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद मंगलवार को शासन ने उन्हें डीआईजी एसटीएफ के पद से हटाते हुए मुरादाबाद पीएसी भेज दिया। अब उनके विरूद्ध भी जाँच जारी है।

STF की जाँच में हुआ मुखबिरी में खुलासा

इस हत्याकांड में अब तक की जाँच में इस बात का खुलासा हो चुका है कि पुलिस विभाग ने ही मुखबिरी की। एसटीएफ के हाथ लगे ऑडियो से पता चला है कि चौबेपुर थाने में तैनात दरोगा केके शर्मा ने विकास दुबे से वारदात की रात से पहले शाम साढ़े पांच बजे विकास दुबे से बात की थी। उसके बाद दबिश से अच्छा पहले रात 12.11 बजे सिपाही राजीव चौधरी ने विकास दुबे को दबिश व पुलिस फोर्स की संख्या बतायी। जिस पर विकास दुबे ने बोला कि आज वह पोलकी से निपट लेगा।