ताक्वांडो के साथ पंच में माहिर हैं मनीष-गमनदेव

ताक्वांडो के साथ पंच में माहिर हैं मनीष-गमनदेव

स्वामी विवेकानंद की जयंती अर्थात 12 जनवरी को सारे देश में राष्ट्रीय युवा दिवस के के रूप में मनाई जाती है। स्वामी विवेकानंद ने संसार के सामने हिंदुत्व के विचारों को रखा व सनातन परंपरा को आगे बढ़ाया। हमारे हिंदुस्तान देश में ऐसे कई महान शख़्सियतों ने जन्म लिया जो युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत रहे।

 देश के पूर्व राष्ट्रपति व मिसाइल मैन के नाम से पहचाने जाने वाले अब्दुल कलाम भी इन्हीं शख़्सियतों में से एक हैं। बतौर वैज्ञानिक उन्होंने देश को मिसाइल टेक्नोलॉजी में दुनिया स्तरीय बना दिया वहीं एक राष्ट्रपति के रूप में करोड़ों युवाओं को सपने देखने व उन्हें पूरा करने की प्रेरणा भी दी। इतना ही नहीं अब्दुल कलाम का निधन भी आई आई एम शिलांग में एक सम्बोधन के दौरान हुआ। अब्दुल कलाम के विचार युवाओं के लिए बेहद प्रेरक रहे हैं। इनके विचार को ज़िंदगी में उतारने के बाद कभी भी निराश नहीं होंगे।

ताक्वांडो के साथ पंच में माहिर हैं मनीष-गमनदेव: मनीष सैनी व गमनदेव सैनी ने ताइक्वांडो व बाक्सिंग में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है। दोनों खिलाड़ी ताक्वांडो में हाथ पैर चलाने व रिंग में मुक्के का पंच लगाने में माहिर हैं। बाक्सिंग के 48 से 50 किग्रा वजन में मनीष साल 2017 व 2019 में स्टेट खेल चुके हैं। उन्हें सिल्वर मेडल हासिल हुआ। जबकि गमनदेव सैनी बाक्सिंग में 75 से 80 किग्रा वजन के खिलाड़ी हैं। 2016 में हरिद्वार में हुए स्टेट चैंपियनशिप में गमन ने गोल्ड जीता था। दोनों खिलाड़ी ताक्वांडो में स्टेट व नेशनल खेल चुके हैं।

पूर्व क्रिकेटर का बेटा फुटबाल को कर रहा किक: आपकी जानकारी के लिए हम आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि जोया के गांव टिकिया के रहने वाले पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद रिजवान पाशा के बेटे मोहम्मद फरहान फुटबाल में जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। वह दिल्ली जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। फरहान दिल्ली की जूनियर फुटबाल टीम के मेम्बर रह चुकेे हैं। साल 2018 में उत्तर प्रदेश अंडर-19 टीम से कटक में हुई डा। बीसी राय ट्राफी में खेला था।

बल्ले के साथ विकेट के पीछे भी शोएब का कमाल: वहीं यह भी बोला जा रहा है अमरोहा के यूथ क्रिकेट एकेडमी से जुड़े सहारनपुर के रहने वाले शोएब सिद्दीकी का चयन पिछले वर्ष यूपीसीए अंडर-19 टीम हुआ था। शोएब ने अमरोहा में रहकर क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। वह दाहिने हाथ के बल्लेबाज के साथ-साथ विकेटकीपर भी हैं। जंहा शोएब ने जोन के मैचों में शानदार बल्लेबाजी कर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षिक किया था।