महिला टीम के सहायक स्टाफ को लेकर हालिया टकराव ने बीसीसीआइ के नए पदाधिकारियों को दे दिया मौका

महिला टीम के सहायक स्टाफ को लेकर हालिया टकराव ने बीसीसीआइ   के नए पदाधिकारियों को दे दिया मौका

महिला टीम के सहायक स्टाफ की नियुक्ति को लेकर हुए हालिया टकराव ने बीसीसीआइ के नए पदाधिकारियों को मौका दे दिया है. मालूम हो कि 23 अक्टूबर को सौरव गांगुली अध्यक्ष, जय शाह सचिव, अरुण सिंह धूमल कोषाध्यक्ष, माहिम वर्मा उपध्यक्ष व जयेश जॉर्ज संयुक्त सचिव पद पर आसीन होंगे. बोर्ड के एक महान ने बोला कि उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) के कार्यकाल के दौरान जौहरी व सबा ने मनमाने निर्णय किए जिसका हिसाब लेने का समय आ गया है.

इनके अतिरिक्त भी कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों के बारे में बहुत ज्यादा शिकायतें हैं. उनकी भी जाँच की जाएगी. महिला टीम के सहायक स्टाफ की नियुक्ति में की गई गलतियां तो एक बानगी है, ऐसे बहुत सारे निर्णय हैं जिससे भारतीय क्रिकेट का नुकसान हुआ है. यही नहीं इनके कार्यकाल के दौरान बीसीसीआइ के पूर्व दिग्गजों व कई प्रदेश संघों के अधिकारियों की बहुत ज्यादा बेइज्जती भी की गई. पिछले कुछ वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) में बीसीसीआइ का रुतबा घटा है जबकि बोर्ड के कुछ अधिकारियों को करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा रहा है.

इडुल्जी व रंगास्वामी भड़कीं

सीओए मेम्बर डायना इडुल्जी व बीसीसीआइ की शीर्ष परिषद की नयी मेम्बर शांता रंगास्वामी ने बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी को लेटर लिखकर महिला राष्ट्रीय टीम के लिए सहायक स्टाफ की 'असंवैधानिक' नियुक्ति पर सवाल उठाए. सबा करीम महिला क्रिकेट से जुड़े मुद्दे देखते हैं. इन नियुक्तियों के लिए वह शक के घेरे में हैं. हेमलता काला की अगुआई वाली महिला चयन समिति ने एक दिन पहले सीईओ को मेल लिखकर दावा किया था कि उन्हें सहयोगी स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया से दूर रखा गया था. इडुल्जी व रंगास्वामी ने इस रवैये की आलोचना की. मालूम हो कि 23 अक्टूबर से पहले वर्तमान ऑफिसर अपने मनमुताबिक निर्णय ले रहे हैं.

बीसीसीआइ के नए संविधान के अनुसार चयनकर्ता ही पुरुष व महिला राष्ट्रीय टीम के सहयोगी स्टाफ की नियुक्त करते हैं. हाल में पुरुष टीम के सहायक स्टाफ की नियुक्ति के लिए इस प्रक्रिया का पालन किया गया था. इडुल्जी ने सीईओ को भेजे ईमेल में लिखा है बोला कि मुझे शांता से भी ईमेल मिला है. इसे आपको व चयनकर्ताओं को भी भेजा गया है जिसमें उन्होंने बताया है कि ये चीजें जानबूझकर की गईं ताकि शीर्ष पर बैठे लोग अपने व्यक्तियों को गलत ढंग से इन पदों पर बिठा लें. यह बहुत ही गंभीर आरोप है. उन्होंने लिखा कि यह राष्ट्रीय भारतीय टीम है जो यात्रा कर रही है व उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है. मुझे हैरानी है कि क्या आप पुरुष टीम के साथ भी ऐसा ही करोगे? इस सारे टकराव का केन्द्र सबा करीम हैं, जिनसे सम्पर्क किया गया तो उन्होंने बोला कि यह ईमेल सीईओ को लिखा गया है तो बेहतर यही होगा कि उनसे बात करो.

चयन के लिए गलत प्रक्रिया अपनाई गई : 63 वर्षीया इडुल्जी ने लेटर में लिखा कि महिला चयनकर्ताओं द्वारा आपको लिखे गए ईमेल को पढ़कर मैं दंग हूं कि वीडियो विश्लेषक के चयन के लिए गलत प्रक्रिया अपनाई गई. यह व भी चिंता की बात है कि पुष्कर सावंत वेस्टइंडीज के लिए फ्लाइट भी बुक करा चुके हैं जिन्हें सबा करीम व एनसीए इस पद पर चाहते थे. यह पूरी प्रक्रिया ही आंखों में धूल झोंकने वाली लगती है. महिला चयनकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्हें महिला टीम के गेंदबाजी व क्षेत्ररक्षण कोच की नियुक्ति के लिए भी विश्वास में नहीं लिया गया था. उन्हें सिर्फ वीडियो विश्लेषक की किरदार के लिए इंटरव्यू कराने को बोला गया जिसके लिए प्रक्रिया शुक्रवार को खत्म हुई. इडुल्जी व रंगास्वामी ने दावा किया कि वीडियो विश्लेषक की किरदार के लिए भी नियमों का उल्लंघन किया गया. एनसीए के गेंदबाजी कोच नरेंद्र हिरवानी व टी। दिलीप भारतीय महिला टीम के साथ क्रमश: गेंदबाजी व क्षेत्ररक्षण कोच के रूप में वेस्टइंडीज जाएंगे.