उत्तर प्रदेश पुलिस के किसी बड़े ऑफिसर ने प्रेस को किया संबोधित

उत्तर प्रदेश पुलिस के किसी बड़े ऑफिसर ने प्रेस को किया संबोधित

 कानपुर (Kanpur) के बिकरु गांव में 8 पुलिसवालों की बेरहमी से मर्डर के मुद्दे में पहली बार औपचारिक तौर पर उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) के किसी बड़े ऑफिसर ने प्रेस को संबोधित किया।

 2 जुलाई की आधी रात की घटना के 6 दिन बाद एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार (Prashant Kumar) ने पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मुद्दे की जानकारी दी।

हालांकि विकास दुबे के कारनामों पर बोलने के साथ ही प्रशांत कुमार ने उत्तर प्रदेश में पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष के क्राइम के ग्राफ (Crime Graph) पर ज्यादा फोकस किया। जितनी देर वह विकास दुबे व उसके गुर्गों के कारनामों पर बोले, लगभग उतना ही टाइम या उससे ज्यादा उन्होंने उत्तर प्रदेश में आपराधिक आंकड़ों को पेश करने में बिताया।

2019 के मुकाबले 2020 में क्राइम का ग्राफ कम उन्होंने बताया कि 2019 के मुकाबले वर्ष 2020 की पहली छमाही में क्राइम का ग्राफ कितना कम रहा है। पत्रकारों के लिए थोड़ा चौंकाने वाली बात थी लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस के ट्विटर हैंडल को देखने के बाद यह जगजाहिर हो गया कि प्रशांत कुमार ने विकास दुबे के मुद्दे पर बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश की आपराधिक घटनाओं का ब्यौरा क्यों दिया?



प्रियंका गांधी लगातार कर रहीं हमले

दरअसल 2 जुलाई के बाद से ही कांग्रेस पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) हर रोज क्राइम के कुछ आंकड़े पेश करती हैं, जिसमे यह बताया जाता है कि किस ढंग के क्राइम में यूपी सारे देश में सबसे टॉप पर है। प्रियंका गांधी ने कल मंगलवार को ट्वीट कर के आंकड़े जारी किए थे व बताया था कि मर्डर के मुद्दे में व बच्चों के विरूद्ध होने वाले क्राइम के मुद्दे में सारे देश में उत्तर प्रदेश टॉप पर है।

आज बुधवार को उन्होंने ट्विटर पर आंकड़ा पेश किया, जिसमें बताया गया है कि गैरकानूनी हथियारों व साइबर अपराध के मुद्दे में सारे देश में उत्तर प्रदेश टॉप पर है। इसके अतिरिक्त 2 दिन पहले उन्होंने ट्वीट करके यह जानकारी दी थी। पिछले 8 दिन में उत्तर प्रदेश में 50 मर्डर की घटनाएं हुई हैं।

देश के औसत से उत्तर प्रदेश का औसत कम

एडीजी प्रशांत कुमार ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्राइम से जुड़े कई आंकड़े पेश किए, जिसमें उन्होंने बताया कि 2019 के मुकाबले 2020 की पहली छमाही में तमाम अपराधों में कमी आई है। यूपी पुलिस ने ट्विटर के जरिए प्रियंका गांधी को जो जवाब दिया है, उसके तहत मर्डर व बच्चों के प्रति क्राइम व स्त्रियों के प्रति बढ़ते क्राइम का आंकड़ा जारी किया गया है। यह बताया गया है कि देश के औसत से उत्तर प्रदेश का औसत इन मामलों में कम है। हालांकि आंकड़े वर्ष 2018 तक के ही जारी किए गए हैं।

डकैती, लूट, अपहरण, बलात्कार के केसों में भारी कमी

प्रशांत कुमार ने बताया कि 2019 के मुकाबले 2020 की पहली छमाही में क्राइम का ग्राफ गिरा है। डकैती के मुद्दे में 35 फ़ीसदी, लूट 44 फ़ीसदी, मर्डर 8 फ़ीसदी, फिरौती व किडनैपिंग 41 फ़ीसदी, दुष्कर्म 25 फ़ीसदी, दहेज संबंधी मुद्दे 6 फ़ीसदी, महिला किडनैपिंग 36 फ़ीसदी व महिला संबंधी क्राइम 14 फ़ीसदी कम हुए हैं। इसके अतिरिक्त एससी एसटी के क्राइम के मुद्दे में भी गिरावट दर्ज की गई है।

बता दें कि कि कानपुर के बिकरु गांव में 8 पुलिसवालों के हत्यारोपी के हत्यारोपी विकास दुबे घटना के 6 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर है। 2 जुलाई की आधी रात घटित इस घटना के बाद से प्रियंका गांधी व कांग्रेस पार्टी क्राइम के मोर्चे पर प्रदेश सरकार की विफलता को लेकर घेरेबंदी करती जा रही है। इस मुद्दे में उत्तर प्रदेश पुलिस ने विकास दुबे के कई करीबी अपराधियों को एनकाउंटर में मार गिराया है व गिरफ्तारियां भी की गई है। विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए कई दूसरे राज्यों में भी दबिश दी जा रही है। हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने "विकास दुबे व राजनीति" इस विषय पर कोई भी टिप्पणी नहीं की व बोलने से मना किया।