UNGA के अध्यक्ष को लेकर पाक को लगा यह बड़ा झटका

UNGA के अध्यक्ष को लेकर पाक को लगा यह बड़ा झटका

 पाक (Pakistan) कश्मीर मामले को उठाने में अब तक असफल रहा है. कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद से वह बिल्कुल निर्बल हो चुका है. अब तक वह इस मामले को संयुक्त राष्ट्र (UN) में उठाने के लिए कई कोशिश कर चुका है. 

मगर उसे हमेशा नाकामयाबी हाथ लगी है. हाल में तुर्की के डिप्लोमैट वोल्कन बोजकिर को यूएनजीए (UNGA) का अध्यक्ष चुना गया था. इसके बाद से पाक को नयी आस जगी है कि वह अब इस मुद्दे को जोरशोर से वैश्विक मंच उठाएगा.

हालांकि पाक की इस आस को सोमवार को झटका लगा है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र आमसभा में यूएनजीए अध्यक्ष ने पाक को शिमला समझौते की याद दिलाई है. उन्होंने कश्मीर सहित सभी द्विपक्षीय मुद्दों को हल करने के लिए शिमला समझौते का हवाला दिया.

दरअसल पाक चाहता है कि तुर्की से अपनी दोस्ती का उपयोग वह यूएन के मंच पर कश्मीर मामले को जोरशोर से उठाए. इसी खास मकसद से यूएनजीए के नए अध्यक्ष व उनकी टीम को पाक में आने का न्योता दिया गया है. बीते कई महीनों से तुर्की व पाक के बीच नजदीकियां देखने को मिल रहीं हैं. दोनों इस्लामिक देश हैं.

ऐसे में पाकिस्तान पीएम इमरान खान यूएनजीए के अध्यक्ष वोल्कन बोजकिर की पाक यात्रा को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित हैं. बीते दिनों का उनका पाकिस्तान दौरा टल गया था. इसके लिए पाक बहुत ज्यादा तैयारियां भी कर रहा था. इस यात्रा में बोजकिर के साथ पाक के विदेश मंत्री कुरैशी के साथ बैठकें होनी थीं. इसका इरादा साफ था कि उनका फोकस कश्मीर मामले को सामने रखना था.

सूत्रों के अनुसार हिंदुस्तान भी इस दौरे पर निगाह रखे हुए है. इस पहले कश्मीर पर चाइना का साथ पाकिस्तान के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ था. इस मुद्दे में हिंदुस्तान को कई राष्ट्रों का समर्थन प्राप्त था. हालांकि, तुर्की भी पाक का साथ देता रहा है. लेकिन हिंदुस्तान का बोलना है कि यूएनजीए अध्यक्ष के रूप में तुर्की के डिप्लोमेट का रवैया वैश्विक विचारधारा के अनुकूल होगा.