देसी घी खाने से नहीं होती है ये बीमारी

देसी घी खाने से नहीं होती है ये बीमारी

सर्दियों में खाने-पीने के बहुत से विकल्प उपस्थित रहते हैं. इन विकल्पों में से एक है देसी घी, जिनका प्रयोग न सिर्फ आपकी स्वास्थ्य के लिए अच्छा है बल्कि आपकी स्कीन के लिए भी यह बहुत लाभकारी है. आइए, जानते हैं सर्दियों में देसी घी खाने के फायदे-


-देसी घी को ब्रेन फूड भी बोला जाता है, क्योंकि यह मस्तिष्क के लिए बेहद लाभकारी होता है.

-देसी घी में विटामिन ए होता है, जो आंखों की लाइट के लिए बहुत ज्यादा अच्छा होता है. देसी घी आई प्रेशर को कंट्रोल करता है व यह ग्लूकोमा के मरीजों के लिए भी बहुत ज्यादा लाभकारी है.

एक कटोरी में दो चम्मच घी, दो चम्मच बेसन व आवश्यकतानुसार पानी डालकर गाढ़ा पेस्ट बना लें. इसे अपने चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगाएं व उसके बाद ठंडे पानी से अपने चेहरे को धो लें. बेहतर परिणाम के लिए हफ्ते में तीन बार यह फेस पैक लगाएं.

-सर्दी के मौसम में कब्ज की समस्या ज्यादा होती है. यदि आप सोने से पहले एक कप गर्म दूध में दो चम्मच घी मिलाकर पिएंगे तो बहुत ज्यादा बेहतर महसूस करेंगे. देशी घी पाचन क्रिया को अच्छा रखने में बहुत ज्यादा मददगार होता है.

-सर्दी में स्किन ही नहीं बल्कि सिर में भी रूसी व ड्रायनेस की समस्या ज्यादा होती है. इसका नतीजा यह होता है कि बाल ज्यादा झड़ने लगते हैं. ऐसे में अगर देसी घी मालिश की जाए, तो इससे बाल झड़ने की समस्या अच्छा हो जाती है. आयुर्वेद में तीन प्रकार के खाद्य पदाथों की तासीर बताई गई है. पहली- ठंडी, दूसरी- गर्म व तीसरी- सामान्य. देसी घी गर्म तासीर वाली श्रेणी में आता है, इसलिए सर्दी से बचाने में यह बहुत मददगार होता है.

-कोल्ड व कफ ठंड के मौसम में सबसे ज्यादा परेशान करने तकलीफें हैं. आयुर्वेद में एक इसका एक तरीका है- 'न्यासा'. मतलब देसी घी की कुछ बूंदें नाक में डाली जाती हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञ की मदद से इसकी प्रक्रिया को समझा जा सकता है.