किआ ने जारी किया नई एसयूवी कारेन्स का आधिकारिक डिजाइन स्केच, 16 दिसंबर को होगा वर्ल्ड प्रीमियर

किआ ने जारी किया नई एसयूवी कारेन्स का आधिकारिक डिजाइन स्केच, 16 दिसंबर को होगा वर्ल्ड प्रीमियर

Kia India (किआ इंडिया) ने कंपनी के बहुप्रतीक्षित मॉडल Kia Carens (किआ कारेन्स) का स्केच जारी किया है। कंपनी अपनी इस एसयूवी का 16 दिसंबर, 2021 को वर्ल्ड प्रीमियर करने वाली है। शानदार इंटीरियर, स्मार्ट कनेक्टिविटी फीचर्स, बोल्ड एक्सटीरियर और तीसरी पंक्ति में बैठने वाले सभी लोगों के लिए अच्छा स्पेस लेकर आने वाली किआ कारेन्स भारत में मनोरंजक वाहनों की एक नई श्रेणी स्थापित करने के लिए तैयार है। किआ कारेन्स को उन आधुनिक भारतीय परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित और डिजाइन किया गया है जो एक साथ घुमने-फिरने का आनंद लेना चाहते हैं।

किआ कारेन्स ने भारत में कंपनी की नए डिजाइन फिलॉसफी 'ओपोजिट्स यूनाइटेड' की शुरुआत की है। यह बोल्ड डिजाइन प्रकृति और मानवता में पाए जाने वाले विरोधाभासों से प्रेरित है। डिजाइन फिलॉसफी पांच मजबूत खंभों - 'बोल्ड फॉर नेचर, जॉय फॉर रीजन, पावर टू प्रोग्रेस, टेक्नोलॉजी फॉर लाइफ और टेंशन फॉर सेरेनिटी' पर आधारित है। कैरेंस का डिजाइन 'बोल्ड फॉर नेचर' थीम पर आधारित है और ब्रांड की नई डिजाइन दिशा से जुड़ते हुए प्रकृति की पूर्णता और सादगी का नजराना है।

किआ कारेन्स, कंपनी की अनूठी और पावरफुल डिजाइन लैंग्वेज को प्रदर्शित करता है, जो इसके चरित्र में ताजगी को दर्शाता है। कार का बाहरी हिस्सा हाई-टेक स्टाइलिंग दर्शाता है, जिसमें आगे की ओर Kia का यूनिक टाइगर फेस डिजाइन, आकर्षक रूप से हाइलाइट किया गया इनटेक ग्रिल, एलईडी हेडलैम्प्स और डे-टाइम रनिंग लाइट्स (डीआरएल) शामिल हैं। यह सभी एक साथ मिलकर इसे एक मजबूत और प्रभावशाली लुक देते हैं। इसकी एसयूवी जैसी साइड प्रोफाइल एक मस्कुलर, मजबूत और परिष्कृत शैली को रेखांकित करती है।

इंटीरियर को भारत में गतिशील जीवन शैली की जरूरतों और दैनिक उपयोग की प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। हाई-टेक रेपअराउंड डैश डिजाइन विस्तृत और शानदार केबिन की छाप देते हुए भविष्य-उन्मुख छवि को दर्शाता है। दरवाजों पर लगाया गया क्रोम गार्निश समग्र प्रीमियम फील को बढ़ाता है। 10.25 इंच का ऑडियो वीडियो नेविगेशन टेलीमैटिक्स (एवीएनटी) डैश बोर्ड के बीच में दिया गया है, जो आधुनिकता की फील देता है। 

किआ डिजाइन सेंटर के हेड और वाइस प्रेसिडेंट करीम हबीब ने कहा, "Kia कारेन्स हमारी लेटेस्ट डिजाइन फिलॉसफी 'ओपोजिट्स यूनाइटेड' को पूरी तरह से दर्शाता है। यह एक परिष्कृत व्यक्तित्व और अद्वितीय सौंदर्यशास्त्र की शैली के साथ स्पोर्टीनेस को सफलतापूर्वक जोड़ती है।" उन्होंने कहा, Kia कारेन्स इस बात का सच्चा प्रतिबिंब है कि आज के ग्राहक अपने तीन-पंक्ति वाले वाहनों से क्या चाहते हैं।"

किआ कारेन्स बाजार में इस वित्तीय वर्ष के आखिर से पहले लॉन्च होने की उम्मीद है। जिसका मतलब है कि फरवरी या मार्च 2022 के आसपास लॉन्च होगी। किआ कारेन्स को यहां भारत में बनाया जाएगा और अन्य देशों में निर्यात किया जाएगा। इसका मुकाबला Maruti Suzuki XL6 facelift (मारुति सुजुकी एक्सएल6 फेसलिफ्ट) से होगा, जिसके इसी समयावधि में बाजार में आने की भी उम्मीद है। इसके अलावा, वाहन अन्य लोगों के साथ-साथ Hyundai Alcazar (ह्यूंदै अलकाजार) को भी टक्कर देगा।


बायोगैस एसोसिएशन ने सरकार से ‘बायोगैस उर्वरक कोष’ बनाने का आग्रह किया

बायोगैस एसोसिएशन ने सरकार से ‘बायोगैस उर्वरक कोष’ बनाने का आग्रह किया

नयी दिल्ली। इंडियन बायोगैस एसोसिशन (आईबीए) ने सरकार से पांच साल के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये के आरंभिक प्रावधान के साथ ‘बायोगैस उर्वरक कोष’ स्थापित करने का अनुरोध किया है। संगठन ने कहा है कि इससे पांच करोड़ किसानों को लाभ पहुंचेगा तथा कच्चे तेल के आयात पर होने वाला खर्च भी कम होगा। आईबीए ने एक बयान में कहा कि किफायती परिवहन के लिए टिकाऊ विकल्प (एसएटीएटी) योजना के तहत पांच हजार संयंत्रों के लक्ष्य को पूरा करने में इस तरह के कोष की स्थापना स्वागत योग्य कदम होगा।

संगठन के अध्यक्ष ए आर शुक्ला ने कहा, ‘‘सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के बारे में लगातार बात कर रही है। इस योजना से पांच करोड़ किसानों को फायदा पहुंचेगा। यह कोष बनने पर भारत जीवाश्म ईंधन का आयात कम कर सकेगा और किसानों को भी जैविक उर्वरक मिल सकेगा।’’ बायोगैस एसोसिशन ने शहरों में गैस वितरण नेटवर्क और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन में बायोमीथेन (सीबीजी) के मिश्रण के लिए मात्रा को परिभाषित करने का भी सुझाव दिया है।

उसने कहा कि पहले पांच साल के लिए 5 प्रतिशत का एक अस्थायी मिश्रण कोटा तय किया जा सकता है। उसके बाद 10 साल में इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जा सकता है। आईबीए ने कहा कि जीएसटी परिषद ने बायोगैस संयंत्र से संबंधित उपकरण और उनके पुर्जों पर जीएसटी की दर पांच फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने की घोषणा की जिससे बायोगैस के उत्पादकों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।