कोरोना वायरस ने बढ़ाई चिंता: देश के इन शहरों में लगा कर्फ्यू

कोरोना वायरस ने बढ़ाई चिंता: देश के इन शहरों में लगा कर्फ्यू

कोरोना वायरस ने दुनियाभर में एक बार फिर तबाही मचानी शुरू कर दी है। अमेरिका समेत कई देशों में कोरोना संक्रमण के कारण हालत बेहद खराब हो चुके हैं। दुनिया के कई देशों ने एक बार फिर लाॅकडाउन लगा दिया है। भारत में भी दिल्ली समेत कई राज्यों में एक बार फिर कोरोना तेजी से फैल रहा है। राजधानी दिल्ली में कोरोना ने विकराल रूप ले लिया है। यहां हाल के दिनों प्रतिदिन 6 हजार से ज्यादा नए मामले आ रहे हैं।

इसके साथ ही देश के कई राज्यों में एक बार फिर मामले बढ़ रहे हैं। इसके देखते हुए प्रदेश की सरकारों ने अभी सतर्कता बरतना शुरू दिया है। कोरोना से नपिटने के लिए राज्यों सरकारों ने पाबंदिया भी लगानी शुरू कर दी हैं। इसके बाद सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या एक बार फिर देश लाॅकडाउन की तरफ बढ़ रहा है। हालांकि राज्यों ने लाॅकडाउन लगाने से इंकार किया है।

राजधानी दिल्ली में भी कई बाजारों को बंद किया जा सकता है। इसके साथ कई राज्यों के शहरों में नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। तो वहीं राजस्थान में सरकार ने 21 नवंबर से सभी जिलों धारा 144 लगाने का फैसला लिया है।

अब इस बीच गुजरात के 3 शहरों सूरत, वडोदरा और राजकोट में शनिवार यानी 21 नवंबर से रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाया जाएगा। अहमदाबाद में पहले ही फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि 20 नवंबर से 23 नवंबर तक रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगेगा।

मध्य प्रदेश के इन जिलों में नाइट कर्फ्यू
शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को जानकारी दी कि कोरोना संक्रमण प्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, रतलाम और विदिशा में अधिक हैं। इसलिए इन जिलों में 21 नवम्बर से आगामी आदेश तक रात 10 बजे से प्रात: 6 बजे कर्फ्यू लगा रहेगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। इमरजेंसी के हालात में ही आम नागरिक को इन दौरान आने जाने की अनुमति होगी।

मध्यप्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से शिवराज सरकार ने इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, रतलाम और विदिशा में रात 10 से 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राज्य में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे। लेकिन शिवराज सिंह चौहान ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा।


किसानों से बातचीत से पहले PM मोदी की बड़ी बैठक

किसानों से बातचीत से पहले PM मोदी की बड़ी बैठक

नई दिल्ली: केंद्रीय सरकार द्वारा लाये गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली बॉर्डर पर आज 10वें दिन भी जमे हुए हैं। सरकार और किसानों के बीच हो चुकी दो बार की वार्ता फेल हो चुकी है जिसका कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। इस बीच गृहमंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे। शनिवार को किसान संगठनों के साथ अगले दौर की बैठक से पहले ये बड़ी मीटिंग हुई। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी पहुंचे।

दोपहर 2 बजे किसानों के साथ एक बैठक
पीएम मोदी के साथ किसान आंदोलन को लेकर गृहमंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल की बैठक करीब 11:40 बजे खत्म हो गई। यह बैठक करीब दो घंटे चली। बैठक से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज दोपहर 2 बजे किसानों के साथ एक बैठक निर्धारित है। मुझे बहुत उम्मीद है कि किसान सकारात्मक सोचेंगे और अपना आंदोलन समाप्त करेंगे।

आज की बैठक में किसानों की शंकाओं को दूर किया जाएगा-कैलाश चौधरी
केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि केंद्र के साथ आज की बैठक में किसानों की शंकाओं को दूर किया जाएगा। हाल की बैठकों में, कुछ मुद्दों को स्पष्ट किया गया था। यह विपक्ष की राजनीति है, वे विरोध-प्रदर्शन को और भड़का रहे हैं. बैठक फलदायी होगी और हमें उम्मीद है कि किसान विरोध वापस लेंगे।

सरकार, तीन काले कानूनों को वापस ले-रामपाल जाट
दूसरी ओर किसान महापंचायत के नेता रामपाल जाट ने कहा कि सरकार को तीन काले कानूनों को वापस लेने की घोषणा करनी चाहिए और उसे लिखित में देना होगा कि एमएसपी जारी रहेगी। अगर आज की वार्ता से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलता है, तो राजस्थान के किसान एनएच-8 के साथ दिल्ली की ओर मार्च करेंगे और जंतर मंतर पर डेरा डालेंगे।

किसान कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर ठोस भरोसा चाहते हैं। केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की बात तो नहीं मान रही है लेकिन किसानों की कुछ ऐसी मांग हैं जिनपर वह राजी होती दिखाई दे रही है।

 किसानों का चिल्ला बॉर्डर (दिल्ली-नोएडा लिंक रोड) पर भी प्रदर्शन जारी
अभी फिलहाल किसानों का चिल्ला बॉर्डर (दिल्ली-नोएडा लिंक रोड) पर भी प्रदर्शन जारी है। एक किसान ने कहा कि अगर सरकार के साथ बातचीत में आज कोई नतीजा नहीं निकला तो फिर संसद का घेराव करेंगे। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर पिछले नौ दिन से डटे हुए हैं और उनके प्रदर्शन का 10वां दिन है। तमाम मसलों को लेकर दो बार केंद्र सरकार के साथ चर्चा हुई है। मगर अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आाया है।


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