80 फीसद से ज्यादा लोग अगले 3 महीने में खरीदना चाहते हैं घर, बड़े कमरों की मांग ज्यादा

80 फीसद से ज्यादा लोग अगले 3 महीने में खरीदना चाहते हैं घर, बड़े कमरों की मांग ज्यादा

ज्यादातर लोग अगले तीन महीनों में खुद के रहने के लिए घर खरीदना चाहते हैं, जबकि बाजार में कुछ निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। JLL-RoofandFloor survey में ये जानकारी सामने आई है. मुंबई MMR, दिल्ली एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और पुणे के टॉप छह शहरों में 2,500 से अधिक संभावित घर खरीदारों में से लगभग 80% ने अगली एक तिमाही में घर खरीदने में अपनी रुचि दिखाई।

सर्वे के अनुसार, लगभग 80% संभावित होमबॉयर्स 75 लाख तक के घर खरीदना चाहते हैं। हालांकि, कोरोना महामारी के दौरान इसमें बहुत अधिक बदलाव नहीं आया है। जबकि लोगों को बड़ा घर चाहिए, जिसमें अच्छी-खासी जगह हो और घर के कमरे बड़े-बड़े हों। खरीदार बजट के हिसाब से बड़े घर पाने के लिए उपनगरीय में रहना चाहते हैं।

JLL के प्रबंध निदेशक शिव कृष्णन कहते हैं, अगले तीन महीनों में संभावित होमबॉयर्स के 80% से अधिक खरीदारी करना चाहते हैं। COVID के बाद के युग में उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं को देखते हुए डेवलपर्स बड़े आकार के घर लॉन्च कर रहे हैं। आवासीय अचल संपत्ति क्षेत्र में अभी भी अनिश्चितता का एक बड़ा सौदा है।

बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और साथ ही दिल्ली एनसीआर जैसे शहर प्रमुख शहर हैं जहां 3 बीएचके अपार्टमेंट की मांग बढ़ गई है। अपार्टमेंट के लेआउट, बालकनी का होना और काम के लिए एक अतिरिक्त छोटा कमरा और ऑनलाइन कक्षाएं लोगों की मांग है। यह प्रवृत्ति मुंबई और पुणे के शहरों में अधिक देखी जा रही है जहां 1बीएचके और 2बीएचके आमतौर पर सबसे अधिक मांग है।


Tesla: टेस्ला ने कर कम करने के लिए पीएमओ में दी दस्तक, इस वर्ष प्रारम्भ करना चाहती है इलेक्ट्रिक कार की बिक्री

Tesla: टेस्ला ने कर कम करने के लिए पीएमओ में दी दस्तक, इस वर्ष प्रारम्भ करना चाहती है इलेक्ट्रिक कार की बिक्री

Tesla Inc (टेस्ला इंक) ने भारतीय मार्केट में एंट्री करने से पहले इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात करों को कम करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के ऑफिस से निवेदन किया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार सूत्रों ने बताया, टेस्ला ने कुछ भारतीय वाहन निर्माताओं की आपत्तियों को खारिज कर दिया. टेस्ला इस वर्ष हिंदुस्तान में आयातित कारों की बिक्री प्रारम्भ करना चाहती है. लेकिन उनका बोलना है कि हिंदुस्तान में कर दुनिया में सबसे अधिक हैं.


टेस्ला ने कर कटौती के लिए सबसे पहले जुलाई में निवेदन किया था. जिस पर देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर की कई लोकल कंपनियों ने असहमति जताई थी. इनका बोलना है कि इस तरह के कदम से घरेलू मैन्युफेक्चरिंग में निवेश बाधित होगा. 

हिंदुस्तान में टेल्सा के नीति प्रमुख मनुज खुराना सहित कंपनी के ऑफिसरों ने पिछले महीने एक बंद दरवाजे की मीटिंग में कंपनी की मांगों को मोदी के ऑफिसरों के सामने रखा, और यह तर्क दिया कि कर बहुत अधिक हैं. इस चर्चा से परिचित चार सूत्रों ने यह बताया. 

तीन सूत्रों ने बोला कि टेस्ला ने अपने मुख्य कार्यकारी एलन मस्क और मोदी के बीच अलग से एक मीटिंग का निवेदन भी किया है. मोदी के ऑफिस और टेस्ला के साथ-साथ इसके कार्यकारी खुराना ने इस बारे में टिप्पणी के निवेदन का उत्तर नहीं दिया.

वैसे यह साफ नहीं है कि मोदी के ऑफिस ने विशेष रूप से टेस्ला को उत्तर में क्या बताया. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी वाहन निर्माता की मांगों पर सरकारी ऑफिसरों की राय विभाजित हैं. कुछ ऑफिसर चाहते हैं कि कंपनी किसी भी आयात कर में कटौती पर विचार करने से पहले लोकल मैन्युफेक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध हो.
एक सूत्र के अनुसार, मोदी के ऑफिस में मीटिंग के दौरान, टेस्ला ने बोला कि हिंदुस्तान में शुल्क संरचना देश में उसके कारोबार को "व्यवहार्य प्रस्ताव" नहीं बनाएगी.

हिंदुस्तान 40,000 US डॉलर या उससे कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 60 फीसदी का आयात शुल्क और 40,000 US डॉलर से अधिक मूल्य वाले वाहनों पर 100 फीसदी शुल्क लगाता है. विश्लेषकों ने बोला है कि इन दरों पर टेस्ला की कारें खरीदारों के लिए बहुत महंगी हो जाएंगी और उनकी बिक्री को सीमित कर सकती हैं. 
तीन सूत्रों ने बोला कि टेस्ला ने अपने मुख्य कार्यकारी एलन मस्क और मोदी के बीच अलग से एक मीटिंग का निवेदन भी किया है. मोदी के ऑफिस और टेस्ला के साथ-साथ इसके कार्यकारी खुराना ने इस बारे में टिप्पणी के निवेदन का उत्तर नहीं दिया.

वैसे यह साफ नहीं है कि मोदी के ऑफिस ने विशेष रूप से टेस्ला को उत्तर में क्या बताया. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी वाहन निर्माता की मांगों पर सरकारी ऑफिसरों की राय विभाजित हैं. कुछ ऑफिसर चाहते हैं कि कंपनी किसी भी आयात कर में कटौती पर विचार करने से पहले लोकल मैन्युफेक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध हो.