जारी हिंसक अशांति के बीच संसद ने कैबिनेट का त्याग पत्र

जारी हिंसक अशांति के बीच संसद ने कैबिनेट का त्याग पत्र

हाल ही में इराक में पिछले दो महीने से जारी हिंसक अशांति के बीच संसद ने कैबिनेट का त्याग पत्र रविवार (1 दिसंबर) को मंजूर कर लिया। इस हिंसा में 420 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है व इसको लेकर देशभर में हजारों लोगों ने शोक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों की मृत्यु की संख्या बढ़ने के बाद इराक के पीएम आदेल अब्दुल महदी ने शुक्रवार (29 नवंबर) को बोला था कि वह अपना त्याग पत्र संसद को सौंप देंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनकारी सत्तारूढ़ सदस्यों पर अयोग्य, भ्रष्ट व विदेशी शक्तियों के प्रति झुके होने का आरोप लगा रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदर्शनों का केन्द्र पहले बगदाद में स्थित था व उसके बाद यह शिया बहुल दक्षिण व उत्तरी क्षेत्रों व सुन्नी बहुल मोसुल शहर में फैल गया था। जंहा प्रदर्शनों में काले कपड़े पहने सैकड़ों विद्यार्थियों ने जान गंवाने वाले कार्यकर्ताओं के लिए शोक मार्च निकाला। संसद का सत्र रविवार 91 दिसंबर) दोपहर में प्रारम्भ हुआ व कुछ ही मिनट में अब्दुल महदी का त्याग पत्र मंजूर कर लिया गया। संविधान में उल्लेखित व्यवस्था के अनुसार उन्हें व सारे कैबिनेट को एक ''कार्यवाहक सरकार" के तौर पर काम करने की जिम्मेदारी दी गई।

वहीं संसद के अध्यक्ष ने बोला कि वह अब राष्ट्रपति बरहम सालेह को नया पीएम नियुक्त करने के लिए कहेंगे। इस बीच, संसद सत्र से पहले देश की राजधानी बगदाद में जारी हिंसा के बीच सुरक्षा बलों की गोली लगने से सरकार विरोधी एक प्रदर्शनकारी की मृत्यु हो गई। नाम नहीं बताने की शर्त पर सुरक्षा एवं चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि बगदाद के ऐतिहासिक राशिद मार्ग पर एक प्रदर्शनकारी की मृत्यु हो गई व 10 लोग घायल हो गए। वहीं सुरक्षा बलों ने इराक की संसद व अन्य सरकारी संस्थानों की ओर जाने वाली अहरार पुल के पास कंक्रीट के अवरोधकों से भीड़ को हटाने के लिए गोलीबारी की थी, तभी यह घटना हुई।