वीर भद्रासन करने से शरीर को मिलता है ये लाभ

वीर भद्रासन करने से शरीर को मिलता है ये लाभ

आजकल ध्यान केंद्रित रखना मुश्किल हो गया है, क्योंकि ऑफिस, घर व समाज से जुड़े मामले भिन्न-भिन्न दिशाओं में भटकाते हैं. वहीं जैसे-जैसे त्योहारी सीजन समीप आ रहा है.

तरह-तरह के कार्य में समय व ऊर्जा भी अधिक खर्च हो रहे हैं. ऐसी स्थिति में, यदि बिजी शेड्यूल में से दिनभर में महज 20 मिनट निकालकर दिमागी संतुलन साधने में सहायक क्रियाएं करते हैं, तो इससे आदमी तरोताजा महसूस करेगा व ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी.
योग का आधार ही है 'श्वास के जरिए संतुलन स्थापित करना'. योग में हर गति को नियंत्रित किया जाता है. सोच यह है कि जब साधक किसी स्थिति (योगासन की मुद्रा) में रहते हुए अपने वजन को संतुलित करता है व उसी समय अपनी सांस पर भी ध्यान केंद्रित करता है, तो इससे विचारों को नियंत्रित करने तथा मस्तिष्क को केंद्रित करने में सहायता मिलती है.
कई योग प्रशिक्षक यह सलाह भी देते हैं कि साधक अपने चेहरे की मांसपेशियों को शिथिल रखते हैं - जब साधक किसी योगासन को करते समय अपने चेहरे पर तनाव लाता है, तो इससे उसकी श्वास की गति पर प्रभाव पड़ता है.
इसलिए ऐसे योग प्रशिक्षक के साथ कोशिश व एक्सरसाइज करें, जो मुद्रा व श्वास को ठीक कर सके. व जब ठीक तरह से योग करना सीख जाएं तो संतुलन को बेहतर बनाने, ध्यान केंद्रित करने व मन को शांत करने के लिए नीचे दिए तीनों आसनों को आजमाएं.


वृक्षासन या ट्री पोज
जमीन पर सीधे खड़े हो जाएं. हाथों को सीधा करें व शरीर से चिपकाकर रखें.
बाएं घुटने को मोड़ें व पंजे को दूसरे पैर पर जांघ वाले हिस्से रखें. यदि यह संभव नहीं है, तो पैर को पिंडली पर टिकाने की प्रयास करें.
दाहिने पैर को सीधा रखने से संतुलन में मदद मिलेगी.
अपने सामने वाली की दीवार पर एक जगह चुनें, व उस पर ध्यान केंद्रित करें.
अच्छी तरह संतुलन बनाने के बाद, गहरी सांस लें व अपने हाथों को छाती के सामने नमस्कार मुद्रा में लाएं.
अगले चरण में, हाथों को सिर के ऊपर उठाएं. रीढ़ व अपने दाहिने पैर को सीधा रखें.
दीवार पर लगे बिंदु पर फोकस बनाए रखें.
हाथों को नमस्कार मुद्रा में जितना संभव हो ऊपर उठाएं. शरीर में खिंचाव महसूस करें.
गहरी सांसें लें व हर बार सांस छोड़ते समय शरीर को रिलेक्स करें.
कुछ समय के लिए इस मुद्रा में रहें. फिर धीरे से हाथों को नीचे लाएं व बाएं पैर को जमीन पर रखें.
शुरुआती स्थिति में सीधे खड़े हो जाएं, व यही प्रक्रिया दाएं पैर के लिए दोहराएं.


गरुड़ासन या ईगल पोज
पैरों के बीच थोड़ी दूरी बनाए रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं. इस योगासन के अगले चरण करने से पहले कुछ गहरी सांस लें.
पैरों को थोड़ा-सा मोड़ें व हाथों को सीधा सामने लाएं.
सांस लें व अपने दाहिने घुटने को कूल्हे के स्तर तक लाएं. संतुलन बनाने की प्रयास करें.
अब, अपने दाहिने पैर को अपने बाएं पैर पर लपेटने का कोशिश करें. दाहिने पैर को बाएं पैर की पिडंली पर ले जाकर लॉक लगाएं. यदि यह संभव नहीं है, तो दाएं पैर को बाएं पैर के ऊपर से ले जाते हुए जमीन पर टिकाने की प्रयास करें.
वीर भद्रासन या वॉरियर पोज
अपने हाथों व घुटनों के बल जमीन पर टिकें.
अब हाथों व पैरों को सीधा करते हुए वी आकार बनाएं. सांस लेते-छोड़ते हुए इस मुद्रा में रहें.
अब अपने दाहिने घुटने को मोड़ें व इस पैर को हथेलियों के बीच में लाएं. बाएं पैर को थोड़ा मोड़ें.
शरीर को सीधा करते हुए ऊपर उठाएं.