राजगढ़ में गैरकानूनी ढंग से शराब बिक्री को लेकर हुई जमकर फायरिंग

राजगढ़ में गैरकानूनी ढंग से शराब बिक्री को लेकर हुई जमकर फायरिंग

 राजस्थान (Rajasthan) के चूरू (Churu) जिले में लॉकडाउन 4.0 (Lockdown) में शराब (Liquor) बिक्री की छूट के साथ ही गैरकानूनी शराब के कारोबार को लेकर गैंगवार प्रारम्भ हो गयी है। 

22 मई को राजगढ़ में गैरकानूनी ढंग से शराब बिक्री को लेकर हुई फायरिंग में गढ़वाल ट्रेवल्स के मालिक राजेन्द्र गढ़वाल की मृत्यु हो गयी। जबकि दो अन्य घायल हो गये थे। राजगढ सीआई विष्णुदत्त बिश्नोई इस मुद्दे की जाँच कर रहे थे, लेकिन 23 मई की प्रातः काल उनका मृत शरीर उनके सरकारी आवास पर फांसी के फंदे से लटका मिला। राजगढ की इस वारदात के बाद बीते मंगलावर की देर रात जिले का भालेरी क्षेत्र भी गोलियों की धांय-धांय से गूंज उठा।

भलोरी में दो पक्षों में गैरकानूनी ढंग से शराब बिक्री को लेकर फिल्मी स्टाइल में हुए टकराव में एक पक्ष ने दूसरे पर अंधाधुन्ध फायरिंग कर दी, जिसमें 24-25 वर्ष के दो लोग घायल हो गये। घायलों को चूरू के राजकीय भरतिया अस्पताल लाया गया, जहां दोनो का इलाज जारी है। इन घायल युवकों ने शराब के गैरकानूनी कारोबार का खुलासा किया है कि किस तरह शराब ठेकेदार गांवों में अपना टारगेट पूरा करने के लिये गैरकानूनी ब्रांच चलाते हैं व जब कोई शराब बिक्री से मना करता है तो उसपर गोलियां चलाते हैं।

इसलिए हुई वारदात
पुलिस के मुताबिक घायलों ने बताया कि भालेरी के रामपुरा बस स्टेण्ड पर नरपत सिंह अपनी गाड़ी के टायरों में हवा भराने पहुंचा था, तभी वहीं तीन गाड़ियों में सवार लोग आये व उसकी पिकअप गाड़ी को टक्कर मारकर तोड़ दी, इसके बाद नरपत सिंह, गोगसिंह आदि भालेरी थाने में मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे। जब वह वापस जा रहे थे उसी वक्त उन पर फायरिंग कर दी गयी, जिसमें गोलियां नरपतसिंह व गोगसिंह को लगी, जिससे दोनों घायल हो गये। भालेरी पुलिस ने अस्पताल में घायलों के पर्चा बयान के आधार पर आरोपी नरेन्द्र सिंह कोटवाद, रणजीत बालरासर, रणजीत चाडसर, विक्रम सोमासी, मोहर सिंह व दस पन्द्रह अन्य लोगों के विरूद्ध मुद्दा दर्ज किया है।
अवैध ढंग से शराब की बिक्री
घायल नरपतसिंह ने पुलिस को बताया कि झारियां गांव में रणजीत बालरासर का शराब ठेका है। ठेकेदार से नरपतसिंह ने अन्य आसपास गांवों में गैरकानूनी ढंग से शराब बेचने के लिये 7 ब्रांच ले रखी है। ये ब्रांच अपनी शराब का बिक्री का टारगेट पूरा करने के लिये ठेकेदार द्वारा दी जाती है। यहां शराब ठेके का माल खपाया जाता है। घायल नरपतसिंह ने बताया कि इस काले खेल में आबकारी विभाग की मिलीभगत है।