नीतू को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरी महिलाएं, दो माह पूर्व ज्वालापुर हरिद्वार में हुई थी मौत

नीतू को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरी महिलाएं, दो माह पूर्व ज्वालापुर हरिद्वार में हुई थी मौत

पचौरिया गांव की नीतू राणा को न्याय दिलाने के लिए महिलाएं गुरुवार को सड़कों पर उतर आईं। उसकी मौत के मामले की सीबीआइ जांच कराने की मांग की। ससुराल वालों पर हत्या करने का आरोप लगाया है।

पचौरिया की महिलाएं गुरुवार को ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर तहसील पहुंची। हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम निर्मला बिष्टï को सौंपा। बताया कि नीतू का विवाह चार फरवरी को मुडेली गांव के युवक से हुआ। शादी के बाद नीतू हरिद्वार डैसो कंपनी में चली गई। जहां पर वह पिछले आठ-दस सालों से काम करती थी। वह गोविंदपुरी कोतवाली ज्वालापुर हरिद्वार में किराए का कमरा लेकर रहती थी।

आरोप है कि विवाह के बाद से ही उसका पति, सास, ससुर जेठ व जेठानी दहेज में कार व पांच लाख रुपये की मांग करते थे। 23 जुलाई को पति उसे राशन देने हरिद्वार गया। अगले दिन नीतू को लेकर देहरादून घूमने गया। 25 जुलाई की रात देहरादून से रात डेढ़ बजे नीतू ने अपनी छोटी बहन महिमा को कॉल की लेकिन रिसीव नहीं हुई। सुबह पांच बजे महिमा ने कॉल की मोबाइल स्विच ऑफ आया। इसके बाद नीतू का पति पचौरिया पहुंचा। बताया कि नीतू कहीं चली गई है। ज्वालापुर में गुमशुदगी भी दर्ज कराई। 12 अगस्त को लढ़ौरा कोतवाली मंगलौर हरिद्वार क्षेत्र में एक महिला का शव बरामद हुआ। कपड़ों से शिनाख्त नीतू के रूप में हुई।

महिलाओं ने मामले की सीबीआइ जांच करा हत्यारों को सजा दिलाने की मांग की। सीओ कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया। इस मौके पर लक्ष्मी राना, लक्ष्मी देवी, कावेरी देवी, मीना देवी, मदन सिंह, राजू राना,आनंद सिंह, महिमा राना, विक्रम सिंह रावत, पुष्पा देवी, ममता देवी, अनीता देवी, रेखा पांडे, शांति देवी, विमला देवी, हीरा देवी, सरस्वती देवी, कविता देवी, कमला देवी, हंसा देवी आदि थे। 


Uttarakhand Rains Update : सहायता के लिए अक्टूबर की सैलरी देंगे मुख्यमंत्री धामी, एयर एंबुलेंस भी प्रारम्भ होगी

Uttarakhand Rains Update : सहायता के लिए अक्टूबर की सैलरी देंगे मुख्यमंत्री धामी, एयर एंबुलेंस भी प्रारम्भ होगी

देहरादून उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अहम घोषणा करते हुए शुक्रवार को बोला कि वह अक्टूबर महीने का अपना वेतन सीएम राहत फंड में जमा करवाएंगे, जिससे उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते बने आपदा के दशा में लोगों की सहायता की जा सके आपदा ग्रस्त इलाकों के दौरे पर शुक्रवार को पीड़ितों से मिलते हुए धामी ने ये आदेश भी दिए कि दूरस्थ प्रभावित गांवों और इलाकों में लोगों की सहायता के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा भी प्रारम्भ की जाए इसके साथ ही, बड़ा अपडेट यह भी है कि प्रदेश में आज शनिवार को भी राहत एवं बचाव काम जारी रहेंगे

उत्तराखंड में वर्षाजनित आपदा में अब तक कम से कम 67 लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है जबकि ट्रेकिंग के दौरान बर्फबारी के चलते भी ट्रेकरों और पर्यटकों की मृत्यु की खबरें आ रही हैं इस बीच, धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के सिलसिले में शुक्रवार को चमोली ज़िले में उन पीड़ितों से मुलाकात की, जिनके परिजन आपदा के चलते लापता हैं आधिकारिक आंकड़े के अनुसार 64 मौतें हुई हैं और आपदा प्रभावित इलाकों के 11 लोग अब भी लापता हैं

पुष्कर सिंह धामी के बयान के विषय में एएनआई का ट्वीट

बताते चलें कि गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया था उनके साथ मुख्यमंत्री धामी भी उपस्थित रहे थे इस सर्वे के बाद बोला गया था कि केन्द्र सरकार उत्तराखंड के साथ पूरा योगदान बनाए हुए है इधर, सीएम धामी प्रदेश में 7000 करोड़ के नुकसान का आंकलन बता चुके हैं और इस बारे में केन्द्र को प्रस्ताव भेजने की बात कह चुके हैं