Uttarakhand Weather: इन इलाकों में छाया रहा कोहरा, ठंडी हवाओं ने छुड़ा दी लोगों की कंपकपी

Uttarakhand Weather: इन इलाकों में छाया रहा कोहरा, ठंडी हवाओं ने छुड़ा दी लोगों की कंपकपी

राजधानी देहरादून में गुरुवार की सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। सुबह यहां कोहरा छाया रहा। करीब साढ़े नौ बजे बाद सूर्य देव के दर्शन हो पाए। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

इससे पहले चल रही ठंडी हवाओं ने लोगों की कंपकपी छुड़ा दी। कोटद्वार, हरिद्वार, हल्द्वानी सहित अन्य मैदानी इलाकों में कोहरा छाया रहा। वहीं मसूरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, खराशाली सहित पहाड़ी इलाकों में धूप खिली रही। 

सर्दियों के मौसम में कपड़े धोने के बाद उन्हें सुखाना भी खासा मुश्किल होता है। कई बार धूप नहीं निकलती और कई बार निकलती तो है, लेकिन उसमें चमक और गर्मी नहीं होती। ऐसे में जब तेज धूप निकलती है तो लोगों को कपड़े सुखाने का मौका भी मिल जाता है। मंगलवार को राजधानी दून और आसपास के इलाकों में भी इसी तरह का मौसम रहा। 

मौसम केंद्र के अनुसार, मैदानी इलाकों हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कुछ स्थानों पर कोहरा बढ़ सकता है। गुरुवार को गढ़वाल के उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी जिलों में रात को पाल बढ़ सकता है। कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत में भी रात को पाला बढ़ेगा। 


उत्तराखंड में कोरोना! 24 घंटे में सामने आए 2904 नए मामले, कोविड में अनाथ हुए बच्चों को मिलेगी आपदा राहत राशि

उत्तराखंड में कोरोना! 24 घंटे में सामने आए 2904 नए मामले, कोविड में अनाथ हुए बच्चों को मिलेगी आपदा राहत राशि

प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2904 नए मामले सामने आए हैं, जबकि चार कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। दूसरी ओर, बुधवार को 1241 मरीजों ने कोरोना से जंग जीत ली।



स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में सामने आए 2904 नए मामलों में अल्मोड़ा में 19, बागेश्वर में 127, चमोली में 06, चंपावत में 30, देहरादून में 1016, हरिद्वार में 337, नैनीताल में 397, पौड़ी में 89, पिथौरागढ़ में 127, रुद्रप्रयाग में 252, टिहरी में 85, ऊधमसिंह नगर में 384 और उत्तरकाशी में 35 मामले शामिल हैं। प्रदेश में अब 32880 एक्टिव कोरोना केस हैं, जिनमें सर्वाधिक 14387 केस देहरादून जिले के हैं।

कोविड में अनाथ हुए बच्चों को मिलेगी आपदा राहत राशि

प्रदेश के कोविड में अनाथ हुए बच्चों को आपदा राहत राशि मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हलावा देते हुए मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधू ने समस्त जिलाधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किया है। कहा गया है कि 31 जनवरी तक इस तरह के बच्चों को राहत राशि उपलब्ध कराते हुए इससे शासन को अवगत कराएं।

मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने बाल स्वराज पोर्टल पर अपलोड ऐसे बच्चे जिनके दोनों अभिभावक या एकमात्र जीवित अभिभावक की कोविड 2019 से मौत हो गई है, उन्हें आपदा राहत राशि दी जाए। बाल स्वराज पोर्टल पर 25 जनवरी 2022 तक उत्तराखंड के इस तरह के 162 बच्चे पंजीकृत हैं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी व आईसीडीएस सुपरवाइजर की टीम बनाकर ऐसे बच्चों का सर्वेक्षण किया जाए। यह देखा जाए कि इन बच्चों को आपदा राहत राशि मिली या नहीं मिली। यदि इन बच्चों को यह राशि नहीं मिली तो उन्हें राशि उपलब्ध कराई जाए। जबकि एक फरवरी तक इस संबंध में रिपोर्ट सचिव आपदा प्रबंधन को उपलब्ध कराई जाए।