योगी मॉडल के आगे यूपी में थमी Corona की रफ्तार

योगी मॉडल के आगे यूपी में थमी Corona की रफ्तार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण (Corona Infection) को रोकने के लिए योगी सरकार (Yogi Government) की सक्रियता के चलते कोविड-19 संक्रमण की दर में एक बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है जिसके अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के अन्य कई जिलों के भी जल्द ही कोविड-19 मुक्त हो जाने की आसार जताई जा रही है शनिवार को 2.74 लाख टेस्ट के बावजूद पिछले 24 घंटे में केवल 524 पॉजिटिव केस (Positive Case) मिले अब रिकवरी रेट भी 98.1 फीसदी हो गई है अब तक कुल 5.30 करोड़ से अधिक टेस्ट हो चुके हैं

करीब एक लाख गांवों में 70,000 से अधिक नज़र समितियों ने घर घर जाकर की संक्रमितों की पहचान कर रही है इसी वजह से 25 करोड़ की सबसे अधिक आबादी के बाद भी उत्तर प्रदेश में मौत दर महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे बहुत कम आबादी वाले राज्यों से बहुत कम रही है उत्तर प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण को रोकने और कोविड-19 की तीसरी संभावित लहर से बचने के लिए युद्धस्तर पर वैक्सीनेशन का भी अभियान चलाया जा रहा है अब तक प्रदेश के 02 करोड़ 15 लाख 88 हजार 323 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है यूपी में औसतन प्रतिदिन 4 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है जिसके चलते बीते 24 घंटों में 3,91,441 लोगों का टीकाकरण किया गया है

वैक्सीनेशन अभियान तेज

दरअसल, अभी तक दो करोड़ से भी अधिक कोविड-19 वैक्सीन की डोज एडमिनिस्टर की जा चुकी हैं उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन लगभग चार लाख डोज लगाई जा रही हैं मुख्यमंत्री के आदेश पर अगले दो-तीन दिनों के भीतर 5 से 6 लाख लोगो को प्रतिदिन वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय किया गया है वहीं मुख्यमंत्री ने जुलाई माह में प्रतिदिन 10 से 12 लाख लोगो का वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए वैक्सीन लगवाने वालो की भी संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के भी आदेश दे दिए हैं


गोरखपुर में बोले सीएम योगी, देश को संकट से उबारने के लिए है RSS की पहचान

गोरखपुर में बोले सीएम योगी, देश को संकट से उबारने के लिए है RSS की पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहचान देश को संकट से उबारने वाले संगठन की है। संघ ने हमेशा ही देश और समाज को जोड़ने का कार्य किया है। जब देश पर कोई संकट आया है, संघ के स्वयंसेवक उसे दूर करने के लिए सबसे पहले आगे आए हैं। इसलिए हर मंच से देश के विकास में संघ की भूमिका तारीफ की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री गोरखपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गुरु पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

आरएसएस के गुरु पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देश के विकास में संघ की भूमिका पर की चर्चा

कोरोना के देशव्यापी संकट की चर्चा करते हुए उससे पार पाने में मुख्यमंत्री ने संघ के योगदान को याद किया। कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी दोनों लहर के दौरान संघ के स्वयंसेवक जरूरतमंदों तक पहुंचे और हर स्तर पर उनकी सेवा की। यहां तक कि राशन, दवा आदि का इंतजाम भी किया। क्वारंटाइन सेंटर बनाकर संक्रमितों की सेवा की। आधे घंटे के संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान में हिंदुओं की हो रही दुर्दशा की चर्चा भी की। कहा कि वहां खासतौर से दलितों को प्रताड़ित करने की लगातार सूचनाएं आ रही हैं। इसे लेकर उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा।


देश और समाज को जोड़ने का काम कर रहा संघ, कोरोना काल में पेश की सेवा की मिसाल

कहा कि ऐसे मामलों में विपक्ष की खामोशी समझ में नहीं आती। उन्होंने विपक्ष को ऐसी देशद्रोही भावना से उबरने की सलाह दी। इस अवसर पर उन्होंने स्थापना काल से संघ के महत्व और योगदान पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने पूरे विधि-विधान से गुरुपूजा की। अंत में प्रसाद का वितरण भी हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांत संघचालक पृथ्वीराज सिंह ने की । इस अवसर पर प्रांत प्रचारक सुभाष, सह प्रांत संघचालक डा. महेंद्र अग्रवाल, आत्मा सिंह, प्रांत संपर्क प्रमुख अरुण प्रकाश मल्ल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डा. धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, विधायक फतेह बहादुर, विपिन सिंह आदि मौजूद रहे।


जल्द मिलेगा भव्य राम मंदिर में दर्शन का अवसर

अयोध्या में जन्मभूमि पर बन रहे भव्य राम मंदिर का भी मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जिक्र किया। कहा कि मंदिर निर्माण की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। जन्मभूमि पर जल्द भव्य मंदिर में रामलला का दर्शन के अवसर लोगों को मिलेगा। निश्चित रूप से यह मंदिर पूरी दुनिया के लिए आस्था का केंद्र बनेगा।


मंदिर पहुंच सीएम ने की गुरु आराधना

इसके पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार की दोपहर बाद गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और फिर अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। बुधवार की शाम उन्होंने मंदिर से जुड़ी संस्थाओं के जिम्मेदारी की बैठक बुलाई और जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति की भी जानकारी हासिल की उसमें बेहतरी को लेकर अपने सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय के लोकार्पण समारोह की तैयारियों की समीक्षा भी की।