यूपी के संभल में एक शिव मंदिर में पुजारी व उसके बेटे के साथ हुआ यह बड़ा कांड

यूपी के संभल में एक शिव मंदिर में पुजारी व उसके बेटे के साथ हुआ यह बड़ा कांड

यूपी (Uttar Pradesh) के संभल (Sambhal) में एक शिव मंदिर में पुजारी (Priest) व उसके बेटे के मृत शरीर (Deadbody) मिले हैं। मृत शरीर मिलने की सूचना के बाद हड़कंप मच गया व आसपास लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।

 मौके पर पहुंची पुलिस ने मृत शरीर को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मुद्दे में एसपी यमुना प्रसाद का बोलना है कि दोनों ने आत्महत्या की है।

एसपी बोले- पुजारी ने पुत्र की मर्डर कर की आत्महत्या

मुद्दा संभल के नखासा थाना क्षेत्र के रसूलपुर सराय का है। यहां शिव मंदिर पर अमर सिंह नाम का पुजारी व उनका 16 वर्षीय पुत्र रहते थे। आज प्रातः काल दोनों पिता-पुत्र के मृत शरीर मंदिर में संदेहास्पद हालत में पड़े मिले। इसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना मिलते ही एसपी यमुना प्रसाद सहित पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह बात सामने आ रही है कि मृतक पुजारी बीमार था जबकि उसका पुत्र मानसिक रूप से विक्षिप्त था। जिसे लेकर पुजारी अक्सर परेशान रहता था व बीती रात पुजारी ने पहले अपने पुत्र की मर्डर की व उसके बाद खुद आत्महत्या कर ली। वैसे दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है व विधिक कार्रवाई की जा रही है। उधर गांव में पुजारी व उसके पुत्र की मृत्यु को लेकर तरह-तरह की चर्चा बनी हुई है? पिछले महीने बुलंदशहर में हुई थी 2 साधुओं की हत्या

बता दें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr) में पिछले महीने 2 साधुओं (Two Saints) की मर्डर (Murder) कर दी गई थी। एसएसपी बुलंदशहर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन पहले मंदिर परिसर से एक चिमटा चोरी हो गया था। बाबा जगदीश दास ने चिमटा चोरी का संदेह गांव के ही एक नशेड़ी युवक मुरारी के ऊपर जताया था। जिससे मुरारी बाबा से नाराज था व उसने बाबा को देख लेने की धमकी भी दी थी। पुलिस ने आरोपी मुरारी को अरैस्ट कर लिया है।

नशेड़ी निकला था हत्यारा

आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि दोनों साधुओं की मर्डर डंडे से पीटकर की है। चूंकि दोनों घटना के वक्त भी नशे में थे। अरैस्ट किए जाने के बाद भी वे नशे में थे। इसी दौरान पूछताछ में आरोपियों ने बोला कि भगवान की ख़्वाहिश थी। रात में वे मंदिर गए थे। वहां साधुओं के पास डंडा पड़ा था, जिससे उन्होंने उनकी मर्डर कर दी।