इस शोध में तलाशे शिखा देवी ओबेरॉय की कुछ महर्वपूर्ण उपलब्धियां, जाने

इस शोध में तलाशे शिखा देवी ओबेरॉय की कुछ महर्वपूर्ण उपलब्धियां, जाने

5 अप्रैल 1983 को जन्मीं शिखा देवी ओबेरॉय पूर्व भारतीय-अमेरिकी पेशेवर टेनिस खिलाड़ी व भारतियों की श्रेणी में पूर्व में नंबर 1 रही हैं. निरुपमा संजीव के बाद डब्ल्यूटीए की रैंकिंग में शीर्ष 200 में पहुँचने वाली वह दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी हैं । टेनिस पसंद करने वाले लोगों के बीच शिखा ओबेरॉय का नाम नया नहीं है.

मुम्बई में जन्मी शिखा ओबेरॉय का बचपन न्यू जर्सी में बिताया व वहीं से उनका टेनिस प्रशिक्षण भी प्रारम्भ हुआ. शिखा की एक बड़ी बहन व तीन छोटी बहनें हैं व ये पांचों बहनें टेनिस खेलती हैं, किन्तु शिखा ने अपनी मेहनत व लगन से देश का नाम आगे बढ़ाया व टेनिस जगत में इंडिया को पहचान दिलाने में जरूरी किरदार निभाई.

शिखा की कुछ महर्वपूर्ण उपलब्धियां:-

- 2004 के यूएस ओपन में, शिखा आधुनिक युग में दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं, जिसने जापान के साओरी ओबाटा को हराकर ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में किसी राउंड में जीत दर्ज की
- 2005 में, शिखा बहन नेहा के साथ, कोलकाता में व ग्वांगझोउ में पार्टनरशिप करते हुए 2 डब्ल्यूटीए डबल्स फाइनल में पहुँची.
- 2006 में, शिखा ने 2006 के एशियाई खेलों में हिंदुस्तान का अगुवाई किया, जहां उन्होंने राउंड 1 में बहरीन की लिंडा अहमद को हराया.
- 2007 में शिखा ऑकलैंड में फाइनलिस्ट थीं