यहां अचानक बढ़ गयी है नींबू की कीमत, ये खास वजह बनी इसका कारण

यहां अचानक बढ़ गयी है नींबू की कीमत, ये खास वजह बनी इसका कारण

प्रकृति से नींबू एक ऐसा पदार्थ है जिसमें अनेक गुण मौजूद रहते है और खासतौर पर गर्मियों में नींबू काफी लाभदायक साबित होता है, इतना ही नहीं जिस कारण इसकी मांग भी काफी हद तक बढ़ जाती है और इसमें मौजूद रस शरीर की सेहत के लिए काफी फायदेमंद भी रहता है। आम तौर पर आपने देखा होगा कि एक नींबू 1, 2, 5 या 10 रु में आराम से मिल जाता है।

27,000 रुपये हुईं नींबू की कीमत:

एक नींबू की कीमत 27,000 रुपये तय हुईं है और आखिर इस नींबू में ऐसा क्या है जो इतना महंगा यह बिका है। तमिलनाडू के एक मंदिर में भगवान के सामने ये नींबू चढ़ाए गए थे। हाल ही में 11 दिनों तक लगातार चले पंगुनी उथीराम फेस्टिवल की समाप्ति पर मंदिर प्रशासन ने ऐसे 9 नींबू नीलामी के लिए रखे थे और इनमें से सभी नींबू कुल 68,000 रुपये में नीलाम हुए है। जबकि इनमें से सिर्फ एक नींबू के लिए 27,000 रुपए दिए गए थे।

ये थी कीमत बढ़ने की वजह:

ये सभी नींबू पूजा के लिए भगवन के दर में रखें थे। सर्वप्रथम एक कपल ने 27000 रुपये कीमत देकर एक नींबू खरीदा और इस मंदिर में यह परंपरा कई सालों से चल रही है। जबकि पूजा में पहले 9 दिनों तक नीबू चढ़ाये जाते है और इन नींबूओं को काफी लाभकारी भी माना जाता है।


आजादी और आध्यात्मिकता से जीवन हुआ आसान, स्त्रियों में बढ़ा 'हैप्पीनेस लेवल'

आजादी और आध्यात्मिकता से जीवन हुआ आसान, स्त्रियों में बढ़ा 'हैप्पीनेस लेवल'

Level of Happiness In Women : एक ताजा सर्वे में पता चला है कि कुछ दशक पहले की स्त्रियों की तुलना में आज की युवतियां अधिक खुश रहने लगी हैं और ये परिवर्तन उनमें अपनी लाइफ से जुड़ा हर निर्णय लेने की उनकी बड़ी हुई क्षमता की वजह से है दैनिक भास्कर अखबार में छपी न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक अब उन्हें हल्की बातों, जैसे क्या पहनना है, क्या खाना है, कैसे बैठना या उठना है, इसके लिए किसी की इजाजत लेने की आवश्यकता नहीं है वो अपने निर्णय स्वयं ले सकती है इसमें आध्यात्मिकता भी एक वजह है जो स्त्रियों के ‘लेवल ऑफ हैप्पीनेस (Level of Happiness)’ को बढ़ा रही है

इस रिपोर्ट के अनुसार, पुणे के रिसर्च सेंटर ‘‘ ने देश के 29 राज्यों की 43 हजार से अधिक स्त्रियों से उनकी खुशी को लेकर प्रश्न किए इन स्त्रियों की आयु 18 वर्ष से लेकर 70 वर्ष के बीच की थी

सर्वे में क्या निकला?
सर्वे में स्त्रियों के साथ वार्ता में सामने आया कि कम आयु की युवतियां अपनी लाइफ से अधिक संतुष्ट हैं 18 से 40 वर्ष के बीच की कम से कम 80 फीसदी प्रतिभागियों ने स्वयं को खुश बताया इनमें से ज्यादातर महिलाएं आध्यात्म से भी जुड़ी हुई थीं, यानी पूजा-पाठ या किसी तरह का मेडिटेशन जैसी सक्रिय िटी से वो जुड़ी हुई थीं

आजादी स्त्रियों को खुशी दे रही
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि हिंदुस्तान के अतिरिक्त दूसरे राष्ट्रों में भी स्त्रियों में हैप्पीनेस के लेवल को समझने के लिए स्टडी हुई है यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया द्वारा की गई ऐसी ही एक स्टडी के लिए डे रिकंस्ट्रक्शन मेथड (Day Reconstruction Method) की सहायता ली गई, जिससे ये समझने की प्रयास थी कि एक दिन में स्त्रियों के इमोशंस में कितना उतार-चढ़ाव आता है इसके नतीजों के मुताबिक आजादी स्त्रियों को खुशी दे रही है

पुरुषों के मुकाबले बेटर हैंडलर
इस स्टडी में ये भी पाया गया कि फिट रहना भी स्त्रियों को अधिक खुश रखता है शोध के अनुसार अभ्यास करना स्त्रियों को उनकी सैलरी मिलने जैसी खुशी देता है सर्वे में एक चौंकाने वाली बात ये भी सामने आई कि यदि महिला और पुरुष को एक जैसी कठिनाई दी गई, तो महिला उसे अधिक सरलता से डील करती है