उप राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़

उप राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़

जगदीप धनखड़ बीजेपी के सदस्य हैं और पश्चिम बंगाल राज्य के वर्तमान गवर्नर के रूप में कार्य करते हैं बीजेपी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार के रूप में जगदीप धनखड़ के नाम की घोषणा की जेपी नड्डा ने घोषणा की, “भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ होंगे” जगदीप वर्तमान में पश्चिम बंगाल के गवर्नर हैं उन्हें टीएमसी और पश्चिम बंगाल गवर्नमेंट का विरोध करने के लिए जाना जाता है पश्चिम बंगाल के वर्तमान गवर्नर जगदीप धनखड़ 6 अगस्त 2022 को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए के उम्मीदवार हैं

जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई 1951को किठाना गांव, झुंझुनू जिला, राजस्थान में हुआ था जगदीप एक जाट परिवार से ताल्लुक रखते हैं उनके पिता का नाम चौ गोकल चंद एवं मां का नाम केसरी देवी है और दोनों का मृत्यु हो चुका है जगदीप के बड़े भाई का नाम कुलदीप धनखड़ है जिनकी विवाह सुचेता से हुई है जगदीप के परिवार में 4 भाई बहन हैं उनके छोटे भाई का नाम रणदीप धनखड़ है, जिनकी पत्नी का नाम सरोज है उनकी एक बहन भी है जिसका नाम इंद्रा है और उनकी बहन के पति का नाम धर्म पाल डूडी है

जगदीप धनखड़ की प्रारंभिक शिक्षा कक्षा 1 से 5 तक सरकारी प्राथमिक विद्यालय, किठाना गांव में हुई और उसके बाद कक्षा 6 में उन्होंने 4-5 किलोमीटर की दूरी पर सरकारी मिडिल स्कूल, घरधाना में प्रवेश लिया और विद्यालय दूर होने के कारन वह गांव के अन्य विद्यार्थियों के साथ विद्यालय तक पैदल यात्रा करते थे वर्ष 1962 में उन्होंने सैनिक विद्यालय से भी अपनी शिक्षा प्राप्त की है उनके बड़े भाई कुलदीप धनखड़ ने भी अपनी पढाई पूरी करने के लिए उसी विद्यालय में दाखिला लिया था उसके बाद अपनी आगे की पढाई पूरी करने के लिए उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से संबद्ध प्रतिष्ठित महाराजा कॉलेज, जयपुर में 3 वर्ष के बीएससी (ऑनर्स) भौतिकी की पढाई करने के लिए में प्रवेश लिया और वहां से स्नातक की उपाधि प्राप्त की उसके बाद उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी में एलएलबी की पढाई करने के लिए दाखिला लिया और साल 1978-1979 में एलएलबी की डिग्री हासिल की 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने से पहले जगदीप धनखड़ 1989 से 1991 तक राजस्थान के झुंझुनू से सांसद थे वह जनता दल के सदस्य भी थे धनखड़ 1993 से 1998 के बीच राजस्थान के किशनगढ़ से विधान सभा के सदस्य भी रहे वर्ष 1989 में झुंझुनू संसदीय क्षेत्र से 9वीं लोकसभा के लिए चुने गए वर्ष 1990 में एक संसदीय समिति के अध्यक्ष चुने गए उसके बाद वर्ष 1990 में केंद्रीय मंत्री और 1993-1998 में अजमेर जिले के किशनगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से राजस्थान विधानसभा के लिए चुने गए राजस्थान राज्य में जाट समुदाय सहित अन्य पिछड़े वर्गों को ओबीसी का दर्जा देने में शामिल था हिंदुस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने हिंदुस्तान के संविधान के अनुच्छेद 155 के अनुसार 20 जुलाई, 2019 को जगदीप धनखड़ को पश्चिम बंगाल का गवर्नर नियुक्त करते हुए वारंट जारी किया

कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थोट्टाथिल बी नायर राधाकृष्णन ने 30 जुलाई, 2019 को राजभवन, कोलकाता में जगदीप धनखड़ को पद की शपथ दिलाई लोकसभा और राजस्थान विधानसभा दोनों में, वह जरूरी समितियों का हिस्सा थे वह केंद्रीय मंत्री रहते हुए यूरोपीय संसद में एक संसदीय समूह के उप नेता के रूप में एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे तब से, उनका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के साथ तीखा संबंध रहा है जहां तृणमूल कांग्रेस पार्टी उन्हें पश्चिम बंगाल में बीजेपी का एजेंट कहती है, वहीं भगवा पार्टी उन्हें संविधान का रक्षक कहती है जगदीप ने कई मुद्दों पर जानकारी देते हुए पश्चिम बंगाल गवर्नमेंट को फटकार लगाई है दोनों पक्षों के बीच ताजा टकराव सीएम को राज्य के विश्वविद्यालयों का असली प्रमुख बनाने का मामला था उन्होंने इस निर्णय के लिए राज्य गवर्नमेंट की काफी आलोचना की थी धनखड़ राज्य गवर्नमेंट पर राज्य में सियासी हिंसा को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाते रहते हैं वे समय-समय पर ममता बनर्जी पर तीखे हमले करते रहते हैं

जगदीप धनखड़ की पत्नी का नाम सुदेश धनखड़ है, जो साल 1979 में ग्रामीण परिवेश के एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी बनस्थली विद्यापीठ से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं. सुदेश धनखड़ की सामाजिक कार्य और जैविक खेती, बाल शिक्षा और उत्थान में गहरी रुचि है धनखड़ का कोई बेटा नहीं है, उनकी एक ही बेटी है और उसका नाम कामना है कामना ने एमजीडी स्कूल, जयपुर से पढ़ाई की है, और उसके बाद मेयो गर्ल्स, अजमेर में, संयुक्त राज्य अमेरिका में बीवर कॉलेज (अब अर्काडिया विश्वविद्यालय) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की उसके पास यूके, इटली और ऑस्ट्रेलिया में समर कोर्स थे वह अंग्रेजी, हिंदी और इतालवी में धाराप्रवाह है, इतालवी दूतावास, नयी दिल्ली और फिर इटली में एक संस्थान रोम में इटालियन भाषा भी सीखी है