कोरोना संकट के बीच जोखिम भरे निवेश विकल्पों की स्थान निवेशकों ने तोड़ा यह बड़ा रिकॉर्ड

कोरोना संकट के बीच जोखिम भरे निवेश विकल्पों की स्थान निवेशकों ने तोड़ा यह बड़ा रिकॉर्ड

Gold ETF में इस वर्ष की पहली छमाही में निवेशकों ने 3,500 करोड़ रुपये का निवेश किया. कोरोना संकट के बीच जोखिम भरे निवेश विकल्पों की स्थान निवेशकों ने सेफ हैवेन समझे जाने वाले गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में निवेश किया. 

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (Amfi) के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष जनवरी से जून के बीच निवेशकों ने इस फंड से 160 करोड़ रुपये निकाले थे. यह श्रेणी पिछले वर्ष के मध्य से अब तक बेहतर प्रदर्शन करने वालों में शामिल है. अगस्त, 2019 से अब तक Gold ETFs में निवेशकों ने 3,723 करोड़ रुपये इंवेस्ट किए हैं.

आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष एक जनवरी से लेकर 30 जून तक निवेशकों ने सोने से ETFs में कुल 3,530 करोड़ रुपये का निवेश किया. जनवरी में निवेशकों ने Gold ETF में 202 करोड़ रुपये का निवेश किया. वहीं, फरवरी में निवेशकों ने 1,483 करोड़ रुपये का निवेश इस फंड में किया. निवेशकों ने मार्च में मुनाफावसूली के लिए 195 करोड़ रुपये निकाले.

अप्रैल में इस फंड में निवेशकों ने 731 करोड़ रुपये निवेश किए. मई व जून में इस फंड में क्रमशः 815 करोड़ रुपये व 494 करोड़ रुपये का निवेश आया.

मार्निंगस्टार इंवेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट (मैनेजर रिसर्च) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ''कोरोनावायरस के मामलों में वृद्धि से त्वरित रिकवरी की संभावनाएं धूमिल हुई हैं. इसके चलते निवेशकों ने अपने एसेट का एक भाग सोने में निवेश करके अपना जोखिम घटाया है क्योंकि गोल्ड को अनिश्चिचतता के समय में निवेश के लिहाज से सुरक्षित माना जाता है.''

Grow के सह-संस्थापक व सीओओ हर्ष जैन ने बोला कि बहुत से निवेशक मार्केट की उथल-पुथल को देखते हुए अपना पैसा सोने में लगा रहे हैं.

बकौल श्रीवास्तव सोना किसी भी निवेशक को पोर्टफोलियो में रणनीतिक संपत्ति के तौर पर कार्य करता है. उन्होंने बोला कि मार्केट में परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने व आर्थिक गिरावट के समय सोना निवेशक के नुकसान को कम करता है.