शख्स ने बॉस के लिए टॉयलेट पेपर पर लिखा अपना इस्तीफा, हो गया वायरल

शख्स ने बॉस के लिए टॉयलेट पेपर पर लिखा अपना इस्तीफा, हो गया वायरल

लोग नौकरी पाने के लिए लगातर मेहनत करते हैं तो वहीं नौकरीपेशा लोग अपना काम पूरा करने के लिए जी तोड़ मेहनत भी कर रहे हैं। लेकिन सोचिए कोई कर्मचारी अपने बॉस को अपना रिजाइन लेटर टॉयलेट पेपर पर लिखकर भेज तो शायद यह एक अजूबा होगा। एक कर्मचारी ने जब नौकरी छोड़ी तो उसका रेजिगनेशन लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया क्योंकि उसने इसे टॉयलेट पेपर पर लिखा है।

दरअसल, इस कर्मचारी का रिजाइन लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। लेविस नाम के इस कर्मचारी ने इसे सोशल मीडिया स्पेस रेडिट पर पोस्ट किया है। डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस शख्स ने लेटर की कई तस्वीरें शेयर की हैं। जैसे ही शख्स की कहानी वायरल हुई लोग मौजे लेने लगे। हालांकि इनमें से कुछ लोगों ने यह भी पूछा कि ऐसा क्या हो गया कि शख्स को टॉयलेट पेपर पर अपना रेजिगनेशन लिखना पड़ा।

रिपोर्ट के मुताबिक, टॉयलेट पेपर पर लिखे गए इस नोट में लिखा है कि मैं 25 तारीख को यहां से चला जाऊंगा। इतना ही नहीं इसके लिए कर्मचारी ने एक बिना कपड़े का कार्टून भी बनाया है, कार्टून को उसने अपने रूप में प्रेजेंट किया है। उसने आगे लिखा कि आज मैं अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं। हालांकि लेविस ने लोगों को यह भी बताया कि उसके बॉस को उसका इस्तीफा पसंद आया है, क्योंकि वो एक आराम की नौकरी कर रहा था।


आखिर कोलकाता पुलिस क्यों पहनती है सफेद यूनिफॉर्म क्या जानते हैं आप?

आखिर कोलकाता पुलिस क्यों पहनती है सफेद यूनिफॉर्म क्या जानते हैं आप?

देशभर में पुलिस खाकी वर्दी पहनती हैं और पश्चिम बंगाल में भी पुलिस द्वारा खाकी वर्दी ही पहनी जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पुलिस द्वारा खाकी नहीं बल्कि सफेद वर्दी पहनी जाती हैं। इसके पीछे का कारण बेहद हैरान करने वाला हैं। आज इस कड़ी में हम आपको इसी से जुड़ी जानकारी देने जा रहे हैं।

खाकी वर्दी और सफेद वर्दी अंग्रेजों के जमाने से ही चली आ रही है। ब्रिटिश राज में जब पुलिस का गठन हुआ था, तब उनकी पुलिस सफेद रंग की वर्दी पहनती थी, लेकिन ज्यादा देर तक ड्यूटी करने के दौरान वो जल्द ही गंदी भी हो जाती थी। इस कारण पुलिसकर्मियों ने वर्दी को जल्दी गंदा होने से बचाने के लिए उसे अलग-अलग रंगों से रंगना शुरू कर दिया।

सफेद रंग की वर्दी पर अलग-अलग रंग लगाने की वजह से जवानों की यूनिफॉर्म अलग-अलग रंगों की दिखने लगती थी। ऐसे में यह पहचान पाना मुश्किल हो जाता था कि वो शख्स पुलिस का ही जवान है। इसी समस्या से निजात पाने के लिए अंग्रेज अफसरों ने खाकी रंग की वर्दी बनवाई, ताकि वो जल्दी गंदा न हो।

साल 1847 में अंग्रेज अफसर सर हैरी लम्सडेन ने पहली बार आधिकारिक तौर पर खाकी रंग की वर्दी को अपनाया था। तब से यही खाकी भारतीय पुलिस की वर्दी बन गई, जो अब तक चली आ रही है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पश्चिम बंगाल में पुलिस खाकी वर्दी ही पहनती है, लेकिन वहीं की कोलकाता पुलिस सफेद। उस समय कोलकाता पुलिस को भी खाकी रंग की वर्दी पहनने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे खारिज कर दिया था। इसके पीछे उन्होंने कारण दिया कि कोलकाता तटीय इलाका है और यहां काफी गर्मी और नमी रहती है। ऐसे में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सफेद रंग ज्यादा बेहतर है, क्योंकि इस रंग से सूरज की रोशनी परावर्तित हो जाती है और ज्यादा गर्मी नहीं लगती है।