संविधान के आर्टिकल 14 का उल्लंघन नहीं: शाह

संविधान के आर्टिकल 14 का उल्लंघन नहीं: शाह

लोकसभा में सोमवार को तीखी बहस के बीच नागरिकता संशोधन बिल पेश हो गया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बिल को पेश किया और इस दौरान विपक्षी पार्टियों पर जमकर बरसे. विपक्ष के विरोध के कारण बिल सीधे पेश नहीं हो पाया, बल्कि मतदान के जरिए पेश हुआ. लोकसभा में बहुमत होने के कारण भाजपा को इसमें दिक्कत नहीं आई और बड़े अंतर के साथ सरकार ने इस बिल की पहली परीक्षा को पास कर लिया. विपक्ष को जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि ये बिल संविधान के खिलाफ नहीं है.

मतदान के आधार पर पेश हुआ बिल

कांग्रेस, टीएमसी समेत कई विपक्षी पार्टियों ने नागरिकता संशोधन बिल का विरोध किया और इसे संविधान के खिलाफ बताया. इसी विरोध के बाद बिल को पेश करने के लिए लोकसभा में मतदान कराना पड़ा, नागरिकता संशोधन बिल पेश करने के पक्ष में 293 और पेश करने के विरोध में 82 वोट पड़े. सोमवार को सदन में कुल मतदान 375 हुआ था.

शिवसेना ने बिल पर दिया सरकार का साथ

महाराष्ट्र चुनाव के बाद एनडीए से अलग होने वाली शिवसेना ने इस बिल पर मोदी सरकार का साथ दिया है. शिवसेना पहले ही कह चुकी थी कि वह घुसपैठियों को बाहर निकालने के पक्ष में है, यही कारण रहा कि बिल पेश करने के लिए जब मतदान हुआ तो शिवसेना सरकार के साथ रही. हालांकि, शिवसेना की मांग है कि जिन लोगों को नागरिकता मिलेगी, उन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं मिले.

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नागरिकता बिल किसी भी तरह से संविधान का उल्लंघन नहीं करता है और ना ही ये बिल अल्पसंख्यकों के खिलाफ है. अमित शाह ने कहा कि ये बिल .001% भी अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस की वजह से ही इस बिल को लाने की जरूरत पड़ी है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा क्योंकि धर्म के आधार पर कांग्रेस ने देश का विभाजन किया. इस बिल की जरूरत नहीं पड़ती, अगर कांग्रेस ऐसा नहीं करती, कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश को बांटा.