कानपुर में कैटरिंग का कार्य करने गए चार भाइयों के विरूद्ध दर्ज हुआ किडनैपिंग का मुद्दा

कानपुर में कैटरिंग का कार्य करने गए चार भाइयों के विरूद्ध दर्ज हुआ किडनैपिंग का मुद्दा

कानपुर देहात के रसूलाबाद निवासी एक किशोर मुंबई में कैटरिंग का कार्य करता रहा व उसके परिजनों ने गांव के चार भाइयों के विरूद्ध उसके किडनैपिंग की रिपोर्ट दर्ज करा दी. इनमें से एक आदमी कारागार में भी रहा. जमानत मिलने पर वह बाहर आया.


अब चार वर्ष बाद लॉकडाउन के कारण किशोर घर लौटा तो इसका खुलासा हुआ. मुनौरापुर निवासी रामजीवन कठेरिया का 16 वर्षीय बेटा गोविंद साल 2016 में दिल्ली गया था. वह वहां से वह लापता हो गया था. पिता ने गांव के सुनील कुमार, उसके तीन भाइयों दीपू, मान सिंह, रीतू पर किडनैपिंग की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

पुलिस ने सुनील को कारागार भेजा था. बाद में वह जमानत पर बाहर आया था. गोविंद 24 मई को आकस्मित गांव पहुंचा. गांव के लोग उसे देखकर अचरज में पड़ गए. सुनील ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. गोविंद ने पुलिस को बताया कि वह मुंबई में कैटरिंग का कार्य करता था.

लॉकडाउन में कार्य छिनने और अन्य प्रवासी मजदूरों को घर लौटते देखा तो ट्रेन से लौट आया. पुलिस ने गोविंद को क्वारंटीन सेंटर भेजा है. थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने बताया कि गोविंद ने पूछताछ में बताया कि गलत ट्रेन पर सवार होने से वह भटक कर मुंबई पहुंच गया था. इसकी जानकारी परिजनों को थी. 

गोविंद के किडनैपिंग में सुनील, उसके भाई दीपू, मान सिंह, रीतू पर उसी समय रिपोर्ट दर्ज की गई थी. सुनील की गिरफ्तारी हुई थी. वह जमानत पर अगस्त, 2018 से बाहर है. गलत रिपोर्ट दर्ज कराने पर गोविंद के पिता के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी.