ब्रिटेन में कम्युनिटी स्प्रेड जैसी स्थिति के बीच जानिए Genome Sequencing होती क्या है, इसका क्या फायदा है

ब्रिटेन में कम्युनिटी स्प्रेड जैसी स्थिति के बीच जानिए Genome Sequencing होती क्या है, इसका क्या फायदा है

आईआईटी के वैज्ञानिकों का दावा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट की वजह से भारत में कोरोना की तीसरी लहर फरवरी में आ सकती है। हालांकि अनुमान है कि यह दूसरी लहर के मुकाबले कमजोर रह सकता है। आईआईटी के डाटा वैज्ञानिक दल की ओर से किए गए अध्ययन के अनुसार तीसरी लहर में एक से डेढ़ लाख तक अधिकतम मामले प्रतिदिन आ सकते हैं। अध्ययन दल में शामिल डाटा वैज्ञानिक मनिंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस बड़े आंकड़े के पीछे ओमिक्रॉन ही हो सकता है।

हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे पहले नौ नवंबर को कोरोना के इस घातक वैरिएंट के संक्रमण के बारे में पता चला था, तब से अबतक यह कई देशों को अपनी गिरफ्त में ले चुका है। इतना ही नहीं अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह कम्युनिटी स्प्रेड जैसी स्थिति का कारण बन चुका है। यूके के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने संसद में बताया कि देश में कोरोना के नए वेरिएंट के 336 केस सामने आ चुके हैं. इंग्लैंड में इसका कम्युनिटी स्प्रेड हो रहा है। भारत की बात करें तो पिछले तीन दिनों में यहां भी तेजी से मामलों में इजाफा देखने को मिला है। यहां अब तक 23 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।

सरकार का जीनोम सीक्वेंसिंग पर जोर
भारत में अब तक ओमिक्रॉन के कई मामले आ चुके हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों से यूरोप, अमेरिका, रूस और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय देशों से उड़ान भरने वाले यात्रियों की जीनोम सीक्वेंस रिपोर्ट लेने सहित कई सख्त उपाय करने को कहा है। बाहर से आने वाले यात्रियों के सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भारत के अलग-अलग प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है। देश भर में सीक्वेंसिंग के लिए 288 जगहों की पहचान की गई। 
 


पेट की अंदरूनी समस्या को जड़ से खत्म करता है तांबे के बर्तन में पानी का सेवन, जाने अन्य लाभ

पेट की अंदरूनी समस्या को जड़ से खत्म करता है तांबे के बर्तन में पानी का सेवन, जाने अन्य लाभ

जानें अनजाने अपने भी कई बार लोगों से यह बातें सुनी होगी कि तांबे के बर्तन में रखा गया पानी आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। आज इस आर्टिकल में हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि आखिर क्यों तांबे के बर्तन में पानी पीना आपके सेहत के लिए इतना फायदेमंद होता है।

साथ ही हम आपको बताएंगे कि कौन से समय में तांबे के बर्तन में रखा गया पानी पीना आपकी सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद हो सकता है । और इसे पीने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, तांबे के बर्तन में रखा गया पानी इसमें पैदा होने वाले बैक्टीरिया को खत्म करके पानी को पूरी तरह से शुद्ध कर देता है।

पेट की अंदरूनी समस्या को जड़ से खत्म करें

तांबे के बर्तन में रखा पानी पेट की समस्याओं के लिए रामबाण औषधि माना जाता है। आजकल लोगों को अक्सर गैस, अपच जैसी परेशानियां बनी रहती हैं, ये पानी इन परेशानियों से छुटकारा दिलाने में कारगर है। इस पानी में ऐसे तमाम गुण होते हैं जो नुकसानदायक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और पेट की सूजन और इन्फेक्शन को दूर करते हैं। तांबे के बर्तन का पानी आंतों की गंदगी को साफ करता है। इसके अलावा इस पानी से त्वचा संबन्धी तमाम समस्याओं से भी बचाव होता है।

कब न पिए
अगर अल्सर की समस्या है या एसिडिटी है तो इस पानी को न पिएं, गर्म तासीर का होने की वजह से ये समस्या को बढ़ा सकता है।

तांबे के बर्तन में दूध या दूध से बनी चीजें और खट्टी चीजें न डालें।

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सुबह खाली पेट पीना हो सकता है लाभकारी
अगर आपको तांबे के बर्तन में पानी पीने का पूरा लाभ उठाना है तो आपको सुबह सुबह उठकर तांबे के बर्तन में पानी पीना चाहिए । खाली पेट सुबह सुबह तांबे के बर्तन में पानी पीने से आपको सबसे ज्यादा लाभ मिलता है।