दुनिया स्वास्थ्य संगठन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व विशेषज्ञों ने दिया कोरोना से जुड़े इन सवालो का जवाब

 दुनिया स्वास्थ्य संगठन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व विशेषज्ञों ने दिया कोरोना से जुड़े इन सवालो का जवाब

 कोरोना वायरस ने पूरी संसार को अपनी चपेट में ले लिया है. लोगों के मन में रोज नए-नए सवाल उठ रहे हैं. यहां हम दुनिया स्वास्थ्य संगठन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही कोरोना से जुड़ी जानकारियों को आप तक पहुंचाएंगे. 

क्या पहली बार एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है?
जवाब-

नहीं. इससे पहले भी 2002-03 में सार्स के समय सिंगापुर व चाइना के एयरपोर्ट पर इन्हें लगाया गया था. तब से वहां प्रयोग जारी है. साल 2009 में स्वाइन फ्लू के समय मुंबई देश का पहला एयरपोर्ट था, जहां थर्मल स्कैनर लगाए गए थे. नाइजीरियन एयरपोर्ट पर हीट स्कैनर लगाए गए, जिससे ईबोला संक्रमण रोकने में मदद मिली.

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए घर पर कोई पेय बना सकते हैं?
जवाब-आयुष मंत्रालय ने इसके लिए एक खास काढ़े का नुस्खा बताया है. चार भाग तुलसी के पत्ते, दो भाग दालचीनी, दो भाग सोंठ व एक भाग कृष्ण मरीच लें. इनका मोटा पाउडर बना लें व 3 ग्राम का टी-बैग या 500 मिलिग्राम पाउडर की गोलियां बना लें. इसे 150 मिलीलीटर उबले पानी में घोल कर चाय की तरह दिन में एक या दो बार पिएं.

क्या महामारी से बाहर निकलने का रास्ता सिर्फ एंटीबॉडी टेस्ट है?
जवाब-

एंटीबॉडी टेस्ट से इतना ही जान सकते हैं कि हम वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. पर इस बात की अभी भी स्पष्ट जानकारी नहीं है कि उन एंटीबॉडी से शरीर कितना इम्यून हो चुका है व कब तक वायरस के विरूद्ध इम्यूनिटी बनी रहेगी. सामान्य ढर्रे पर लौटने को सिर्फ टेस्टिंग से ही बात नहीं बनेगी. निवारण के तौर पर टीका ही बेहतर विकल्प होगा.
 
75 प्रतिशत कोरोना के मुद्दे संसार के सिर्फ बारह राष्ट्रों से आए हैं. इन राष्ट्रों में पीड़ितों की संख्या 39 लाख है.