मौसमी बीमारी के कारण बन्द नाक को खोलने के उपाय

मौसमी बीमारी के कारण बन्द नाक को खोलने के उपाय

आजकल मौसमी बीमारियां ज्यादा परेशान करती है। मौसम परिवर्तन होने के कारण अचानक आये बदलाव के कारण जुखाम होना आम बात हैं। नाक बंद होने के कारण बैचेनी सी होने लगती हैं। कई बार कफ जमने से गला भी ख़राब हो जाता हैं। नाक बंद को खोलने के लिए लोग कैमिकल युक्त नोजल ड्रॉप्स का भी इस्तेमाल करते हैं लेकिन इनका ज्यादा इस्तेमाल करने से बाद में सेहत से जुड़ी और भी कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं।

करें ये उपाय:

बंद नाक को खोलने के लिए गुनगुने पानी में नमक डाल लें। इस पानी को नाक में डालने से आराम मिलता हैं। इस बात का बिशेष ध्यान रखें की नाक में एकदम से ही सारा पानी न डालें, बल्कि 1-2 बून्द ही काफी हैं।

गर्म पानी की स्टीम (भांप) लेने से बंद नाक खुल जाती हैं। दिन में 2-3 बार स्टीम जरूर लें।

तुलसी सेहत के लिए रामबाण हैं। अदरक के रस में तुलसी के पत्तों का रस और शहद मिला लें। इस मिश्रण का सेवन दिन में 2-3 बार करे।


कोविड होने के कितने दिन बाद तक बच्‍चों पर दें विशेष ध्‍यान

कोविड होने के कितने दिन बाद तक बच्‍चों पर दें विशेष ध्‍यान

नई दिल्‍ली कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर (Covid Third Wave) को लेकर लोगों में चिंता है वहीं कई वैज्ञानिकों के तीसरी लहर में बच्‍चों के कोविड प्रभावित होने की आसार जताने के बाद यह चिंता और भी ज्‍यादा बढ़ गई है ऐसे में कोविड और कोविड के बाद होने वाली रोंगों (Post Covid Disease) को लेकर भी सावधान रहना महत्वपूर्ण है

भारत में आई पहली और दूसरी लहर में कोविड-19 की चपेट में आए कुछ बच्‍चों में मल्‍टी सिस्‍टम इन्‍फ्लेमेट्री सिंड्रोम (multi system inflammatory syndrome) की रोग देखी गई है इसमें बच्‍चों के दिल, दिमाग, फेफड़ों, किडनी और लीवर पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ा है हिंदुस्तान के कई राज्‍यों में बच्‍चों में कोविड-19 से ठीक होने के बाद आकस्मित अन्‍य बीमारियां उभर आईं, जिसे लेकर जानकारों ने भी चिंता जाहिर की है

कोविड-19 के बाद पैदा हुई ये वे बीमारियां हैं जो पोस्‍ट कोविड इफैक्‍ट या लांग कोविड के रूप में बच्‍चों को लंबे समय तक परेशान करेंगी बच्‍चों में डायबिटीज और ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या भी सामने आई है ऐसे में कोविड-19 से बचाव के साथ ही स्‍वास्‍थ्‍य जानकार अभिभावकों को बच्‍चों को कोविड के बाद होने वाली रोंगों से बचाने की सलाह दे रहे हैं

ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के पूर्व निदेशक डाक्टर एमसी मिश्र कहते हैं कि बच्‍चों को कोविड-19 से बचाने के लिए उनकी सुरक्षा और कोविड-19 के नियमों का पालन सबसे ज्‍यादा महत्वपूर्ण है पहले तो बच्‍चों को कोविड-19 की चपेट में आने से बचाना है यदि बच्‍चों को कोविड-19 हो भी जाता है तो अभिभावकों को उनके स्‍वास्‍थ्‍य पर नजर रखनी होगी ताक‍ि उन्‍हें पोस्‍ट कोविड होने वाली लाइफलांग रोंगों से बचाया जा सके
कोविड-19 होने के बाद इतने दिन तक रखें विशेष ध्‍यान

डाक्टर मिश्र कहते हैं कि बच्‍चों की स्वास्थ्य का ध्‍यान अभिभावकों को ही रखना होता है ऐसे में कोविड-19 से संक्रमित होकर ठीक हो गए बच्‍चों को लेकर लापरवाह नहीं होना है रोग ठीक होने के कम से कम दो से छह हफ्तों तक इनकी अच्‍छे से नज़र करनी है और किसी भी रोग के लक्षण उभरते हैं तो उसका चिकित्‍सकीय उपचार कराना है

डाक्टर कहते हैं कि मल्‍टी सिस्‍टम इन्‍फ्लेमेट्री सिंड्रोम (multi system inflammatory syndrome) के लक्षण कोविड-19 होने के दो से छह सप्ताह के भीतर दिखाई देने लगते हैं इनमें बीपी का बढ़ना घटना, लगातार बुखार, अंगों का लाल हो जाना, आंखों की सूजन आदि शामिल है ऐसे किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें अन्यथा बच्‍चों के अंगों पर प्रभाव पड़ सकता है उनके शारीरिक अंग बेकार हो सकते हैं

लिहाजा महत्वपूर्ण है कि कोविड-19 से बचाव के साथ ही कोविड-19 होने के बाद भी बच्‍चों की स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहा जाए और सावधानियां बरती जाएं यदि एक बार बच्‍चे के किसी अंग में कमी आ गई तो वह जीवनभर की कठिनाई पैदा कर सकती है ऐसे में बच्‍चों का विशेष ध्‍यान रखें


नासा के रोवर परसिवरेंस ने मार्स पर देखी धरती पर मौजूद वॉल्‍केनिक रॉक जैसी चट्टान       दस वर्ष बाद पहली बार आज मिलेंगे बाइडन और पुतिन, तनातनी के बीच जानें       अब तक चोरी की घटना का कोई सुराग नहीं,पीड़ित परिवार से मिलकर जिला प्रधान ने जाना हाल-चाल, शहर की विधि व्यवस्था पर एसपी से करूंगी बात: शालिनी       भारतीय मूल की सरला विद्या बनीं अमेरिका में संघीय जज, बाइडन ने किया मनोनीत       सरला से बढ़ा भारत का मान, बाइडन ने किया कनेक्टिकट राज्‍य का संघीय जज मनोनीत, जानें       बाइडन ने पुतिन को कहा था 'हत्‍यारा', जानें- जिनेवा में उनसे मुलाकात के पूर्व कैसे पड़े नरम, कही ये बात       अंतरिक्ष में Manned Mission को तैयार चीन, कल रवाना होंगे तीन एस्‍ट्रॉनॉट्स       रेडिएशन लीकेज से चीन का इनकार, कहा...       पाक सेना प्रमुख बाजवा ने अफगानिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ...       पाक की संसद में जमकर हुआ हंगामा, सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने एक दूसरे पर फेंके बजट के दस्तावेज       सिंध में पैसे देकर कोई कुछ भी कर सकता है, प्रांत में नहीं है सरकार जैसी कोई चीज- चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्‍तान       कुलभूषण जाधव मामले में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने सुनवाई 5 अक्टूबर तक टाली       पाकिस्तान : 13 साल की लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कर कराया गया निकाह       फेक न्यूज प्रसारित करने वालों पर सीएम योगी सख्त, बोले- संप्रदायिक उन्माद फैलाने की कोशिश नहीं स्वीकार       इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इस वर्ष नहीं बढ़ेगी फीस, योगी सरकार का बड़ा फैसला       सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान में सीएम वर्चुअल, जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं       नीतीश कुमार ने कहा कि बारिश और बाढ़ के मद्देनजर पूरी तरह से अलर्ट रहे आपदा प्रबंधन विभाग       तीसरी लहर से लड़ने को नोएडा जिम्स अब डॉक्टर-पैरामेडिकल स्टाफ को कर रहा तैयार       UP School Reopening: क्या एक जुलाई से खुलेंगे स्कूल ?       चिराग-नीतीश की अदावत के बीच पिस रही भाजपा