लॉकडाउन : घर पर इन एक्सरसाइज़ की मदद से रखे अपने आपको फिट

लॉकडाउन : घर पर इन एक्सरसाइज़ की मदद से रखे अपने आपको फिट

समय व परिस्थितियां कुछ भी हों, अपनी स्वास्थ्य से समझौता नहीं करना चाहिए. इसके लिए एक्सरसाइज़ करना बेहद महत्वपूर्ण है. इस समय घर पर नियमित रूप से कोई भी एक्सरसाइज़ या योग कर सकते हैं. 

इससे न केवल स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, बल्कि लॉकडाउन से उपजी परिस्थितियों में आप तनाव से भी मुक्त रह सकेंगे. थोड़ी बहुत एक्सरसाइज़ हर आयु के आदमी को करनी ही चाहिए. अगर आप जििमंग करते थे, तो घर पर भी इसे बिना जिमिंग साधनों के भी जारी रख सकते हैं. सुबह-शाम की सैर पर जाने वाले बुजुर्ग भी यथासंभव अपने घर की छत पर या बालकनी या घर के अंदर ही सैर जारी रखें.

क्यों महत्वपूर्ण है कसरत?

शरीर की हड्डियां प्रोटीन, कैल्शियम व विटामिन डी से बनी होती हैं. हर दिन हड्डियों की टूट-फूट व मरम्मत होती रहती है. हड्डियों पर कैल्शियम का एब्जॉर्प्शन व डिपोज़िशन होता रहता है. जब हम मांसपेशियों के व्यायाम करते हैं, तो वे मजबूत हो जाती हैं. इससे हड्डियों को भी मजबूती मिलती है. एक्सरसाइज़ करने से हड्डियों में प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में पहुंचता है व उनके टूटने की संभावना कम हो जाती है. वहीं दूसरी ओर गतिहीन जीवनशैली से हड्डियों का प्रोटीन व कैल्शियम घुलने लगता है व ऑस्टियोपोरोसिस की संभावना बढ़ती है. इससे खासतौर पर बुजुर्गों में हड्डी टूटने का भय बढ़ सकता है.

घर पर ही रहकर हम क्या-क्या कर सकते हैं?

1. नियमित स्ट्रैचिंग : शरीर की मांसपेशियों में लोच बनी रहे, इसके लिए नियमित तौर पर स्ट्रेचिंग करना बेहद महत्वपूर्ण है. अगर एक्सरसाइज़ नहीं कर पा रहे हैं, तो कम से कम स्ट्रैचिंग के लिए वक्त जरूर निकालना चाहिए. अपनी गर्दन, पीठ, छाती, पेट, साइड, हाथ, पैरों व कूल्हों की मांसपेशियों की स्ट्रैचिंग करें. इसके लिए सामान्य रूप से खड़े होकर धीरे-धीरे एक-एक अंग को जैसे हाथों को सीधा करें, उन्हें क्लॉकवाइज-एंटीक्लॉक वाइज घुमाएं. स्ट्रेचिंग के ढेर सारे ढंग हो सकते हैं. ये ढंग आप यूट्यूब पर या अन्य चैनल्स पर भी खोज सकते हैं.

2. एरोबिक्स करें : एरोबिक में सबसे अच्छा व्यायाम है सैर. यह हार्ट रेट को सामान्य बनाए रखने व मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. यह दौड़ की तुलना में बेहतर है, क्योंकि इससे जोड़ों पर दबाव कम पड़ता है. अब सवाल यह उठता है कि लॉकडाउन में सैर करने कहां जाएं? सैर आप अपने घर में ही कर सकते हैं, यहां तक कि एक कमरे में भी कर सकते हैं. सैर करने का मतलब कहीं दूर जाना नहीं, बल्कि अपने पैरों को गतिशील करना है. पीठ के बल लेटकर 10 मिनट तक हवा में साइकिलिंग की जा सकती है. इससे भी जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है व चोट की संभावना कम हो जाती है.

3. स्क्वैट करें : विभिन्न ढंग के स्क्वैट अभ्यास व्यायाम का बहुत अच्छा उपाय है. इसमेंे किसी खास उपकरण की भी आवश्यकता नहीं पड़ती. इससे शरीर का निचला भाग व कोर स्ट्रेंथ मजबूत होती है. आप कई तरह की स्क्वैट अभ्यास कर सकते हैं. इसे करने का ठीक उपाय आप यूट्यूब पर देख सकते हैं.

4. प्लैंक : प्लैंक अभ्यास के कई सारे फायदे हैं. महज़ दो मिनट की प्लैंक अभ्यास से वज़न कम करने में मदद मिलती है. यह सिटअप्स व क्रंचेस से भी बेहतर रिजल्ट देती है. प्लैंक 10 उपायों से की जा सकती है. इसे करने का ठीक उपाय भी आप यूट्यूब पर देख सकते हैं.

5. योग व प्राणायाम : ये अपने आप में संपूर्ण व्यायाम है. इसमें आप एक साथ स्ट्रैचिंग व मसल बिल्डिंग कर सकते हैं. स्वस्थ रहने के लिए रोज़ाना सूर्य नमस्कार करना ही बहुत ज्यादा है. इसके अतिरिक्त मंडूकासन, पवनमुक्तासन, मरकटासन, ताड़ासन, पश्चिमोत्तासन, सर्वांगासन जैसे योग कर सकते हैं. प्राणायाम में कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम व प्रणव नाद प्राणायाम तनाव को कम करने में मदद करेंगे.

क्या करें, क्या न करें?

अगर आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या किसी तरह की भारी-भरकम एक्सरसाइज़ कर रहे हैं, तो बॉडी को वॉर्मअप करना न भूलें. सामान्य एरोबिक्स या योग में वॉर्मअप करने की आवश्यकता नहीं है. भारी व्यायाम से दो घंटे पहले कुछ न खाएं. तुरंत पहले चाय-काफी भी न पिएं. इन दिनों डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है. इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें. हां, व्यायाम के बीच में बेहद पानी नहीं पिएं. घर में एक्सरसाइज़ के दौरान नियमितता बनाए रखना महत्वपूर्ण है. बीच में ब्रेक न लें, फोन-मैसेज या वार्ता भी न करें.