CM नीतीश कुमार पाए गए कोरोना पॉजिटिव, घर में ही आइसोलेट

CM नीतीश कुमार पाए गए कोरोना पॉजिटिव, घर में ही आइसोलेट

विस्तार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मुख्यमंत्री दफ्तर के हवाले से बताया गया कि सीएम नीतीश में कोरोना के हल्के लक्षण हैं।

चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें घर में ही आइसोलेशन में रखा गया है। बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी से जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन करने की बात कही। 

पिछले दिनों जारी आदेश में राज्य में 6 से 21 जनवरी के बीच रात्रि प्रतिबंध (रात 10 बजे से सुबह 5 तक) को बढ़ा दिया गया। इसके अलावा सभी धार्मिक स्थल, मॉल, सिनेमा, क्लब, स्वीमिंग पूल, जिम, स्टेडियम व पार्क को भी 21 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया जा चुका है।

नीतीश पिछले सोमवार को उनके 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में उपस्थित कई लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके एक दिन बाद ही दोनों डिप्टी सीएम सहित कई मंत्रियों ने कैबिनेट बैठक से ठीक पहले कोरोना संक्रमित होने की जानकारी दी थी।

कोरोना संक्रमित होने के बाद नीतीश कुमार ने शराब, दहेज और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ राज्यव्यापी 'समाज सुधार अभियान' सहित कई कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में मुख्यमंत्री के आवास पर तैनात कई कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।


FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: छात्रों को भड़काने के आरोप में खान सर के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज किया गया. पटना के पत्रकार नगर थाना की पुलिस ने हिरासत में लिए गए छात्रों के बयान के आधार पर खान सर समेत एसके झा सर, नवीन सर, अमरनाथ सर, गगन प्रताप सर, गोपाल वर्मा सर पर हिंसा भड़काने और साजिश करने के आरोप के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

पुलिस की मानें तो प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए किशन कुमार, रोहित कुमार, राजन कुमार और विक्रम कुमार ने इस बात को कबूल किया है कि खान सर समेत अन्य ने छात्रों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया था.

इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज 

इसी बयान के आधार पर पटना के विभिन्न कोचिंग संचालकों और अज्ञात तीन-चार सौ लोगों को षड्यंत्र के तहत नाजायज मजमा बनाकर सड़क मार्ग को बाधित करने, दण्डाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अपमानित करने, तोड़फोड़ करने और यातायात व लोकमार्ग को बाधित करने आदि के आरोप में भारतीय दंड विधान की धारा- 147/ 148/ 149/ 151/ 152/ 186/ 187/ 188/ 323/ 332/ 353/ 504/ 506/ 120 (B) के अंतर्गत आरोपित किया गया है.खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी लेकिन मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था.उन्होंने आरोप लगाया की RRB की वजह से घटनाएं हुईं. सुनिए क्या कहा.

खान सर ने दी थी सफाई

बता दें कि खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी. लेकिन उन्होंने खुद पर मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था. उन्होंने आरोप लगाया कि आरआरबी की वजह से घटनाएं हुईं है. उन्होंने कहा था कि सबसे बड़ी समस्या यह आई कि 24 जनवरी को जब राजेंद्र नगर टर्मिनल पर 500 के करीब एनटीपीसी के छात्र हंगामा कर रहे थे, तभी आरआरबी ने ग्रुप डी वालों के लिए तीन बजे ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया. एनटीपीसी के छात्र सोच रहे थे कि कुछ अच्छी सूचना मिलेगी. लेकिन आरआरबी की नोटिफिकेशन ने आग में घी डालने का काम किया. बोर्ड का नोटिफिकेशन ग्रुप डी वालों के लिए था. नोटिफिकेशन में बताया गया था कि ग्रुप-डी के अभ्यर्थियों का अब मेंस एग्जाम लिया जाएगा.

ग्रुप डी वाले भी करने लगे हंगामा

ऐसे में ग्रुप डी के सिंगल एग्जाम वाले जो डेढ़ करोड़ छात्र हैं, जो एनटीपीसी छात्रों का हंगामा मीडिया के माध्यम से देख रहे थे, वे लोग परीक्षा की बात से उग्र हो गए और एनटीपीसी के छात्रों के साथ शामिल हो गए. अब जो हंगामा हो रहा है उनमें ग्रुप डी के ज्यादा छात्र हैं. यह सारी गलती आरआरबी की है. खान सर ने कहा कि पहले ही एनटीपीसी गलती कर चुका था, जिससे छात्र गुस्से में थे. उसी वक्त आरआरबी ने नोटिफिकेशन जारी कर हंगामे को और बढ़ा दिया. हालांकि, अब आरआरबी ने परीक्षा स्थगित कर दिया है.