एलएसी पर चाइना से विवाद के बीच बरेली ने एक बार फिर 'जय जवान, जय किसान' का लगाया नारा

एलएसी पर चाइना से विवाद के बीच बरेली ने एक बार फिर 'जय जवान, जय किसान' का लगाया नारा

भारत-चीन सरहद पर इन दिनों तनाव है. एलएसी पर चाइना से विवाद के बीच बरेली ने एक बार फिर 'जय जवान, जय किसान' का नारा बुलंद किया है. ड्रैगन को सबक सिखाने के लिए बरेली के किसान त्रिशूल एयरबेस के विस्तारीकरण के लिए अपनी जमीनें कम रेट पर भी देने को तैयार हैं. किसानों ने रक्षा मंत्री को लेटर भेजकर अपने जज्बात का इजहार किया है. 

भारत-चीन सीमा के बेहद करीब बरेली के त्रिशूल एयरबेस के विस्तार की तैयारी कई वर्ष से की जा रही है. इसके लिए एयरबेस से सटे तीन गांव हाजीपुर बृजलाल, नगरिया कला व भूड़ा की 94 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है. 600 किसानों की जमीन का अधिग्रहण होना है. 2013 के धरती अधिग्रहण कानून के मुताबिक जमीन खरीदी जानी है. ड्रैगन की हरकत को देखते हुए किसान बगैर किसी के शर्त के त्रिशूल के विस्तार के लिए जमीन देने को तैयार हैं.

इतना ही नहीं सर्किल रेट के चार गुने की बजाय जो सरकार तय कर देगी वही मुआवजा लेने पर सहमत हैं. किसानों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अपना प्रस्ताव भेज दिया है. रक्षा मंत्री से तुरंत जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई कराने की अपील की है, जिससे कि एयरफोर्स अपना विस्तार कर ताकत को बढ़ा सके. साथ ही चाइना को सबक सिखाने में त्रिशूल अहम किरदार निभा सके. 

किसानों के जज्बात सुनिए 
हम चाइना को सबक सिखाने बार्डर पर तो नहीं जा सकते लेकिन त्रिशूल एयरबेस को अपनी जमीन देकर सामरिक ताकत बढ़ाने में योगदान करना चाहते हैं. हमारी 22 बीघा जमीन एयरफोर्स के विस्तार में आ रही है. बगैर किसी मोलभाव के जमीन देने को तैयार हैं. गांव के सभी किसान तैयार हैं. - हरिशंकर साहू, प्रधान पति भूड़ा

ड्रैगन को उसकी भाषा में ही जवाब देना महत्वपूर्ण हो गया है. हम हर तरह से देश व सेना को योगदान करने को तैयार हैं. 2015 में त्रिशूल के विस्तार के लिए जमीन चिह्नित हुई थी. हम एयरफोर्स को पहले भी सहमति दे चुके हैं. रक्षा मंत्रालय हमारी जमीनों की जो मूल्य तय करेगा, हम उसको स्वीकार कर लेंगे. - मटरु खां, पूर्व प्रधान नगरिया कला

तीनों गांवों के  सर्किल रेट प्रति हेक्टेयर 
गांव        सर्किल रेट 
नगरिया कला    1.50 करोड़ 
भूड़ा        85 लाख 
हाजीपुर बृजलाल    65 लाख 

जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक
एयरफोर्स के प्रस्तावित विस्तार में आने वाली जमीन की  खरीद-बिक्री पर रोक लगी है. बगैर तहसील की एनओसी के तीनों गांवों की प्रस्तावित जमीन की खरीद-बिक्री नहीं हो सकती.

पेट्रोलिंग रोड का झंझट हो जाएगा खत्म 
एयरफोर्स स्टेशन के चारों ओर पेट्रोलिंग रोड को लेकर चल रही खींचतान भी समाप्त हो जाएगी. त्रिशूल का विस्तार होने से पेट्रोलिंग रोड की आवश्यकता खत्म हो जाएगी. 

त्रिशूल एयरबेस के विस्तार की प्रस्तावित जमीन पर रक्षा मंत्रालय को फैसला लेना है. जमीन को लेकर किसानों के सहमति लेटर को प्रस्ताव में शामिल कर भेजा जा सकता है.