15 अगस्त के बाद  यूपी में शुरू होगा ये...

15 अगस्त के बाद  यूपी में शुरू होगा ये...

जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 37० को रद्द किए जाने से करीब एक महीने पहले यूपी के बरेली जिला कारागार में कुछ 'हाई-प्रोफाइल' कैदियों को रखने के लिए अधिकारियों को आवश्यक तैयारी करने के लिए बोला गया था. कारागार अधीक्षक यू। के।

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मिश्रा, जिला ऑफिसर वी। के। सिंह व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी।ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए कारागार परिसर का दौरा किया था.

हालांकि, इन्हें सभी कैदियों की पहचान के बारे में कोई जानकारी नहीं थीं, जिन्हें लाया जाना था. कारागार अधीक्षक ने कहा, “हमें बताया गया था कि आइसोलेशन वार्ड में रखे गए लोकल कैदियों को कहीं व शिफ्ट कर दिया जाए. कोई नहीं जानता था कि नए कैदी कौन हैं व कहां से आने वाले थे.”

10 अगस्त को जम्मू एवं कश्मीर की विभिन्न जेलों से कुल 20 कैदियों को बरेली जिला कारागार में स्थानांतरित किया गया. तैयारी के हिस्से के तौर पर सारे परिसर को 200 से अधिक पैन-टिल्ट-जूम (पीटीजेड) सुरक्षा कैमरों के साथ कवर किया गया था जो 'रिमोट डायरेक्शनल' व जूम नियंत्रण में सक्षम हैं.

पीटीजेड कैमरों को आअसलेशन सेल में भी लगाया गया था, ताकि घाटी के इन कैदियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके. इन कैदियों को कारागार में अन्य कैदियों के साथ वार्ता करने की अनुमति नहीं दी गई है.

जेल के एक शीर्ष ऑफिसर ने बोला कि आगरा में, कश्मीर के कैदियों को सेंट्रल कारागार में रखा गया है जबकि बरेली में जिला कारागार को कई कारणों की वजह से वरीयता दी गई थी.उन्होंने कहा, “सबसे पहले, इस कारागार में एक नया कॉम्प्लेक्स है जिसमें सभी नवीनतम प्रौद्योगिकी व अन्य बुनियादी ढांचे हैं. इसके अलावा, कैदियों की संख्या क्षमता से बहुत ज्यादा कम है.”