बिहार में कोरोना! 24 घंटे में सामने आएं इतने नए मामले, मरने वालों की संख्या इतने हजार के पार

बिहार में कोरोना! 24 घंटे में सामने आएं इतने नए मामले, मरने वालों की संख्या इतने हजार के पार

बिहार में कोरोना का प्रकोप जारी है। रोज हजारों की संख्या में संक्रमित मिल रहे हैं। वहीं बिहार में रविवार को कोविड-19 के 5,022 नए मामले सामने आए, जो पिछले दिन की तुलना में 496 अधिक है। इन मामलों को मिलाकर संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7,45,399 हो गई है। 


 24 घंटों में कोरोना से एक व्यक्ति की मौत
राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसी के साथ मरने वालों की संख्या बढ़कर 12,101 हो गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक बुलेटिन में कहा गया है कि राज्य में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या रविवार को 16,897 हो गई।

बिहार की राजधानी पटना कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित
कोरोना वायरस के मामलों से बिहार की राजधानी पटना सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां रविवार को कोरोना के 2,018 मामले दर्ज किए गए। शुक्रवार और शनिवार को पटना में 1,314 और 1,956 नए कोरोना वायरस के मामले दर्ज किए थे। इस बीच बिहार में पिछले 24 घंटों में 435 सहित 7,16,401 मरीज अब तक बीमारी से ठीक हो चुके हैं।

बिहार में अब तक 6.23 करोड़ लोगों का कोरोना टेस्ट
रविवार को राज्य में कोरोना से ठीक होने वाले लोगों के संख्या मामूली घटकर 96.11 फीसदी रह गई। शनिवार को राज्य में ठीक होने की दर 96.70 फीसदी  थी। बिहार में कोरोना के लिए अब तक कुल 6.23 करोड़ नमूनों का परीक्षण किया गया है, जिसमें पिछले 24 घंटों में 1.96 लाख शामिल हैं।

राजद का कार्यालय अनिश्चित काल के लिए बंद
बिहार में शनिवार को कोरोना के 4526 नए मामले सामने आए थे। संक्रमण के मामले बढ़ने पर राज्य के मुख्य विपक्षी दल राजद ने राजधानी में स्थित अपना कार्यालय शनिवार को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया है, पार्टी के मुताबिक कार्यालय में कुछ कार्यकर्ता कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, इसके बाद यह फैसला लिया गया है।


FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: छात्रों को भड़काने के आरोप में खान सर के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज किया गया. पटना के पत्रकार नगर थाना की पुलिस ने हिरासत में लिए गए छात्रों के बयान के आधार पर खान सर समेत एसके झा सर, नवीन सर, अमरनाथ सर, गगन प्रताप सर, गोपाल वर्मा सर पर हिंसा भड़काने और साजिश करने के आरोप के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

पुलिस की मानें तो प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए किशन कुमार, रोहित कुमार, राजन कुमार और विक्रम कुमार ने इस बात को कबूल किया है कि खान सर समेत अन्य ने छात्रों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया था.

इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज 

इसी बयान के आधार पर पटना के विभिन्न कोचिंग संचालकों और अज्ञात तीन-चार सौ लोगों को षड्यंत्र के तहत नाजायज मजमा बनाकर सड़क मार्ग को बाधित करने, दण्डाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अपमानित करने, तोड़फोड़ करने और यातायात व लोकमार्ग को बाधित करने आदि के आरोप में भारतीय दंड विधान की धारा- 147/ 148/ 149/ 151/ 152/ 186/ 187/ 188/ 323/ 332/ 353/ 504/ 506/ 120 (B) के अंतर्गत आरोपित किया गया है.खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी लेकिन मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था.उन्होंने आरोप लगाया की RRB की वजह से घटनाएं हुईं. सुनिए क्या कहा.

खान सर ने दी थी सफाई

बता दें कि खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी. लेकिन उन्होंने खुद पर मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था. उन्होंने आरोप लगाया कि आरआरबी की वजह से घटनाएं हुईं है. उन्होंने कहा था कि सबसे बड़ी समस्या यह आई कि 24 जनवरी को जब राजेंद्र नगर टर्मिनल पर 500 के करीब एनटीपीसी के छात्र हंगामा कर रहे थे, तभी आरआरबी ने ग्रुप डी वालों के लिए तीन बजे ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया. एनटीपीसी के छात्र सोच रहे थे कि कुछ अच्छी सूचना मिलेगी. लेकिन आरआरबी की नोटिफिकेशन ने आग में घी डालने का काम किया. बोर्ड का नोटिफिकेशन ग्रुप डी वालों के लिए था. नोटिफिकेशन में बताया गया था कि ग्रुप-डी के अभ्यर्थियों का अब मेंस एग्जाम लिया जाएगा.

ग्रुप डी वाले भी करने लगे हंगामा

ऐसे में ग्रुप डी के सिंगल एग्जाम वाले जो डेढ़ करोड़ छात्र हैं, जो एनटीपीसी छात्रों का हंगामा मीडिया के माध्यम से देख रहे थे, वे लोग परीक्षा की बात से उग्र हो गए और एनटीपीसी के छात्रों के साथ शामिल हो गए. अब जो हंगामा हो रहा है उनमें ग्रुप डी के ज्यादा छात्र हैं. यह सारी गलती आरआरबी की है. खान सर ने कहा कि पहले ही एनटीपीसी गलती कर चुका था, जिससे छात्र गुस्से में थे. उसी वक्त आरआरबी ने नोटिफिकेशन जारी कर हंगामे को और बढ़ा दिया. हालांकि, अब आरआरबी ने परीक्षा स्थगित कर दिया है.