कांग्रेस पार्टी के नेता चिदंबरम को लेकर आज न्यायालय में होगी सुनवाई

हेराफेरी मुद्दे में प्रवर्तन निदेशालय व CBI के विरूद्ध पी चिदंबरम की दो अग्रिम जमानत याचिका पर उच्चतम न्यायालय में आज सुनवाई होगी।

लेकिन सीबीआई द्वारा अरैस्ट किए जाने के बाद एक याचिका अर्थहीन हो गई है। हालांकि तब भी मुद्दा सुनवाई के लिए आएगा क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय ने अभी तक चिदंबरम को अरैस्टनहीं किया है।

ऐसे में उच्चतम न्यायालय से चिदंबरम को अब राहत मिलने की उम्मीद बेहद ही कम है। दरअसल, गुरुवार को राॅउज एवेन्यू न्यायालय में चिदंबम को पेश किया गया था जहां 26 अगस्त तक रिमांड पर भेज दिया था। CBI की तरफ से पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने वरिष्ठ कांग्रेस पार्टी नेता की हिरासत की मांग की थी।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बोला था कि जाँच में खुलासा हुआ है कि इंद्राणी मुखर्जी द्वारा 50 लाख डॉलर का भुगतान किया गया। इंद्राणी इस मुद्दे में एक सह-आरोपी है। लेकिन, चिदंबरम ने CBI द्वारा यह सवाल पूछने पर मना कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि जब उन्हें दस्तावेज दिखाए गए तो चिदंबरम चुप रहे व टाल-मटोल करते रहे। इससे उन्हें आगे व दस्तावेजों का सामना कराए जाने को बल मिला।

सीबीआई की ओर से पेश सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला दिया था, जिसने चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से मना कर दिया व उन्हें आईएनएक्स मीडिया मुद्दे में 'सरगना' बताया। मेहता ने न्यायालय मुद्दे की डायरी भी दी, जिससे चिदंबरम को हिरासत में लेने के लिए मजबूत मुद्दा बने। उन्होंने उच्चतम न्यायालयके कई फैसलों का हवाला दिया। वरिष्ठ कांग्रेस पार्टी नेता और एडवोकेट कपिल सिब्बल ने चिदंबरम की तरफ से पेश होते हुए बोला था कि मौजूदा मुद्दे में आरोपी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को दिल्ली उच्च न्यायालय से जमानत मिली है। उन्होंने जोर दिया कि जाँच पूरी कर ली गई है, क्योंकि ड्राफ्ट चार्जशीट तैयार कर ली गई है।