कांग्रेस पार्टी के ये नेता पहुचे आईसीयू , जानिए कैसे...

ग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को सरकार पर कटाक्ष करते हुए बोला कि देश की अर्थव्यवस्था आईसीयू में है व नरेन्द्र मोदी सरकार ने उन सभी लोगों के विरूद्ध लुक आउट नोटिस जारी किया है जो नागरिक स्वतंत्रता का बचाव कर रहे हैं. उनका सरकार द्वारा लुक आउट नोटिस जारी करने का मतलब पी चिदंबरम में था.

जिनके विरूद्ध जाँच एजेंसी ने नोटिस जारी किया था व फिर उन्हें अरैस्ट कर लिया गया. गुरुवार को सीबीाई ने राउज ऐवेन्यू न्यायालय ने पूर्व गृह व वित्त मंत्री को पेश किया. जहां से उन्हें आईएनएक्स मीडिया में हुए करप्शन के मुद्दे में 26 अगस्त तक के लिए CBI की हिरासत में भेज दिया गया है. सिब्बल न्यायालय में चिदंबरम की तरफ से पेश हुए.

उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, 'पिछले कुछ हफ्तों की घटनाओं से पता चला है कि अर्थव्यवस्था व स्वतंत्रता दोनों को बचाने की जरूरत है. देश की अर्थव्यवस्था आईसीयू में हैं व सरकार उन लोगों के विरूद्ध लुक आउट नोटिस जारी कर रही है जो नागरिक स्वतंत्रता का बचाव कर रहे हैं.'

इससे पहले कपिल सिब्बल ने चिदंबरम की गिरफ्तारी पर कहा, 'कानूनी बिरादरी के सदस्यों के तौर पर यह हमारे लिए बहुत चिंता की बात है. नागरिकों के लिए भी यह चिंता का विषय होना चाहिए. सिब्बल ने इशारों-इशारों में उच्चतम न्यायालय पर भी सवाल उठाए व बोला कि हम केवल सुनवाई चाहते थे लेकिन पीठासीन न्यायाधीश ने सुनवाई के बदले बोला कि वह मुद्दे की फाइल को मुख्य न्यायाधीश के पास भेज रहे हैं. क्या किसी नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार नहीं है.'

सिब्बल ने आगे बोला कि जब उच्चतम न्यायालय हैंडबुक के मुताबिक सीजेआई संवैधानिक बेंच में बिजी हैं तो नियम यह है कि दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश इसकी सुनवाई करें. हमें अपना अधिकार नहीं मिला. रजिस्ट्रार ने बताया कि चीफ जस्टिस शाम 4 बजे इस पर सुनवाई करेंगे. 4 बजे सुनवाई का समय ही नहीं बचता है.