देहरादून में पुष्पांजलि बिल्डर के दीपक मित्तल ने हर तरह से खुलेआम लोगों के साथ की धोखाधड़ी

देहरादून में पुष्पांजलि बिल्डर के दीपक मित्तल ने हर तरह से खुलेआम लोगों के साथ की धोखाधड़ी

देहरादून में पुष्पांजलि बिल्डर के दीपक मित्तल ने हर तरह से खुलेआम लोगों के साथ धोखाधड़ी की. उसने फ्लैट जल्दी बनाने के नाम से अनुबंधित खरीदारों से पैसा लिया व उनकी रजिस्ट्री किसी दूसरे को कर दी. इस तरह उसने दर्जनों लोगों को इस तरह से भी शिकार बनाया. 


दरअसल, राजपाल वालिया की शिकायत पर डालनवाला में जो मुकदमा दर्ज कराया गया है. इसमें दीपक मित्तल की इसी करतूत का भी जिक्र है. कंपनी की जब माली हालत बेकार हो गई तो उसने ठेकेदार व खरीदारों को विश्वास में लिया था. कुछ खरीदारों की एक बैठक बुलाई व बोला कि वह उन्हें यदि एडवांस पैसा दे देंगे तो वह फ्लैट का निर्माण जल्द से जल्द करा सकता है. ऐसे में उन्हें अतिक्रमण भी जल्द मिल सकता है. लोगों ने इस बात के लिए हामी भर दी. 
चूंकि, यह पैसा एक एकाउंट में जमा होना था तो उसने यह एकाउंट भी उसकी शाखा में खुलवाया जिसमें कंपनी का खाता था. अब वह धीरे धीरे लोगों को विश्वास में लेता रहा व ज्वाइंट एकाउंट की स्थान कंपनी के एकाउंट में ही पैसे मंगवाता रहा, लेकिन न तो ठेकेदार व न ही किसी खरीदार को इस बात की भनक हुई कि यह पैसा आखिर किस खाते में जा रहा है? कंपनी के खाते से लेनदेन में दीपक मित्तल ही मुख्य खातेदार था तो उसने कंपनी के खाते से चुपचाप भारी रकम अपने खातों में जमा करा ली.इस बीच उसने वे अनुबंधित फ्लैट कई दूसरे लोगों को रजिस्ट्री कर दिए. उनसे भी रजिस्ट्री कराने के नाम पर पैसे हड़पे. इसकी किसी को भनक नहीं लगी. जब तक मुद्दा खुलता वह देश छोड़कर जा चुका था. 

शिकंजा कसने को बन रही रणनीति : डीआईजी 
डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि अभी तक की जानकारी में दीपक मित्तल और उसके परिवार के दुबई भाग जाने की सूचना मिली है. ऐसे में उस पर किस तरह से शिकंजा कसा जा सकता है इस पर विधिक राय के अतिरिक्त रणनीतिक विचार विमर्श भी हो रहा है. ताकि, जल्द से जल्द वह हिंदुस्तान आए व उसे हिरासत में लिया जा सके. 

बैंक नीलाम कर रहा पुष्पांजलि बिल्डर्स की संपत्ति

पुष्पांजलि बिल्डर्स लोगों का पैसा लेकर ही नहीं भागा बल्कि बैंकों को भी खासा नुकसान पहुंचा गया है. पंजाब नेशनल बैंक का करीब 20 करोड़ कर्ज़ न चुकाने पर अब बैंक बिल्डर दीपक मित्तल व उसकी पत्नी की संपत्ति को नीलाम करने जा रहा है. इस विषय में बैंक ने नोटिस आदि प्रक्रिया भी पूरी कर ली है. 

बैंक की ओर से जारी सूचना के अनुसार दीपक मित्तल ने पुष्पांजलि बिल्डर्स के कई प्रोजेक्ट के लिए कर्ज़ लिया था. इसके लिए दीपक मित्तल, उसकी पत्नी राखि मित्तल व एक अन्य ने अपनी संपत्तियों को बैंक में बंधक रखा है. गत मार्च तक कर्ज़ की असल राशि लगभग साढ़े 19 करोड़ रुपये है. जबकि, इस बार ब्याज की रकम लगभग 75 लाख रुपये है. बैंक गत एक मार्च को पुष्पांजलि बिल्डर्स के कर्ज़ एकाउंट को एनपीए घोषित कर चुका है.

इस राशि को पाने के लिए बैंक दीपक मित्तल और राखि मित्तल समेत कई अन्य संपत्तियों को नीलाम करने जा रहा है. इनमें सहस्रधारा रोड स्थित धरती का बहुत ज्यादा बड़ा भाग भी है. इसके अतिरिक्त वो सब संपत्तियां भी हैं जहां पर कई तरह के प्रोजेक्ट चल रहे हैं. यह कर्ज़ पंजाब नेशनल बैंक इंदिरा नगर शाखा से लिया गया था.

पुष्पांजलि बिल्डर्स के डायरेक्टर दीपक मित्तल के विरूद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है. यह मुकदमा कंपनी के ही एक अन्य डायरेक्टर ने डालनवाला कोतवाली में दर्ज कराया. आरोप है कि दीपक मित्तल ने कंपनी के अन्य डायरेक्टर को विश्वास में लेकर कंपनी का पैसा अपने कामों में लगाया. पुष्पांजलि बिल्डर्स प्रकरण में अब तक यह दूसरा मुकदमा है. 

पुष्पांजलि बिल्डर्स के विरूद्ध राजपुर थाने में एक महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ था. महिला के साथ-साथ इस मुद्दे में कुल 88 शिकायतें हैं. आरोप है कि पुष्पांजलि बिल्डर्स ने उनसे फ्लैट के लिए मोटी रकम वसूली व तय समय पर फ्लैट नहीं दिए. अब बताया जा रहा है कि दीपक मित्तल परिवार समेत दुबई भाग गया है. यहां पर कंपनी के कार्यालय आदि भी बंद हैं. साथ ही बाकी प्रोजेक्ट का कार्य भी बंद पड़ा हुआ है. मुद्दे की जाँच के लिए डीआईजी अरुण मोहन जोशी एसआईटी का गठन भी कर चुके हैं.

इधर, शुक्रवार शाम को ही कंपनी के एक अन्य डायरेक्टर राजपाल वालिया ने भी दीपक मित्तल के विरूद्ध तहरीर दी. वालिया का बोलना है कि कंपनी का कार्य कुछ दिनों से बहुत अच्छे से चल रहा था. लेकिन, पिछले वर्ष अक्तूबर में दीपक ने अन्य डायरेक्टरों को विश्वास में लेना बंद कर दिया. वालिया के अनुसार दीपक ने बिना किसी को विश्वास में लिए ठेकेदार के साथ त्रिस्तरीय अनुबंध कर लिया. इसके तहत लोगों को फ्लैट जल्द दिलाने व ठेकेदार को भुगतान करने के लिए एस्क्रो एकाउंट खोले गए. इनमें खरीददार पैसे जमा कराते थे, जिनके माध्यम से कार्य आगे बढ़ता गया. 

इस तरह इस एकाउंट में करीब 63 लाख रुपये एकत्र हो गए. इस बीच पता चला कि दीपक मित्तल ने इन एकाउंट से पैसे कंपनी के एकाउंट में ट्रांसफर करना प्रारम्भ कर दिए हैं. यही नहीं इस रकम को वह अपने कार्य में प्रयोग करता रहा. ऐसा करते जब उसे बहुत ज्यादा समय हो गया तो इसका विरोध किया गया. लेकिन, एक दिन उसने फोन बंद कर लिए व किसी से सम्पर्क नहीं किया. 

सिविल न्यायालय में भी दायर किया मुकदमा 
वालिया के अनुसार उन्होंने दिसंबर 2019 में ही दीपक वालिया को ई-मेल के माध्यम से अपनी सहमति न दिए जाने को सम्पर्क किया था. लेकिन, जब वह नहीं माना तो उन्होंने एक मुकदमा सिविल न्यायालय में भी दाखिल कर दिया. दीपक मित्तल की इस हेराफेरी के कारण ही फ्लैट बनने में परेशानी हो रही है.

शातिर दीपक मित्तल लंबे समय से लोगों का पैसा हड़पने की साजिश पर कार्य कर रहा था. उसके इरादों की भनक किसी को नहीं लग पाई थी. संपत्तियों को बचाने के लिए उसने कई परिजनों के नाम कर दी हैं. सूत्रों के मुताबिक इनमें वे परिजन शामिल हैं जिनका कंपनी से कोई लेना देना नहीं है. 

दरअसल, किसी भी मुद्दे में फरार चल रहे अभियुक्तों की संपत्ति के अटैचमेंट की सिफारिश भी की जाती है. ताकि, पीड़ित लोगों व सरकार के धन की भरपाई उसकी संपत्तियों से की जा सके. इसी से बचने के लिए मित्तल ने अपनी संपत्तियां परिजनों के नाम कर दी हैं.

सूत्रों के मुताबिक उसके पास जो सपंत्तियां थीं उन्हें वह अपने परिजनों के नाम कर चुका है. ये वो संपत्तियां हैं जो बैंक में बंधक नहीं रखी हुई हैं. राजपुर थाने में दर्ज मुकदमे में दीपक की पत्नी राखी भी आरोपी है. कारण है कि राखी भी पुष्पांजलि बिल्डर्स में पदाधिकारी है. सूत्रों के मुताबिक पुलिस पूरी प्रयास कर रही है कि इन संपत्तियों को दीपक मित्तल से संबंधित दर्शाया जा सके.