चीन में तलाक लेने वाले जोड़ों के लिए पहले एक महीने का जारी किया गया 'कूलिंग ऑफ' पीरियड

चीन में तलाक लेने वाले जोड़ों के लिए पहले एक महीने का जारी किया गया 'कूलिंग ऑफ' पीरियड

चीन में पारित किए गए नए कानून के मुताबिक, तलाक लेने वाले जोड़ों के लिए पहले एक महीने का 'कूलिंग ऑफ' पीरियड पूरा करना जरूरी कर दिया गया है। चाइना में तलाक के मुद्दे कम करने के लिए ये कदम उठाया गया है, जिसमें तलाक लेने वाले दंपति को पहले एक महीने इंतजार करना होगा, उसके बाद ही उनके आवेदन पर विचार किया जाएगा।

लेकिन इस नए कानून को लेकर लोगों में गुस्सा है क्योंकि लोग इसे व्यक्तिगत मुद्दे में सरकार की दखलंदाजी मान रहे हैं। पारित होने के बाद से ही ये कानून चाइना में ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म वीबो पर ट्रेंड करने वाले टॉपिक में शुमार हो गया, लोगों ने  हैशटैग "oppose the divorce cool-off period" का प्रयोग करते हुए ढाई करोड़ से ज्यादा विचार पोस्ट किए।   

अगर कोई आदमी घरेलू हिंसा को लेकर तलाक मांगेगा तो उस केस में 'कूलिंग ऑफ' पीरियड लागू नहीं होगा। सोशल साइट पर एक उपभोक्ता ने सवाल उठाया, "हम तलाक भी आजादी से नहीं ले सकते? अभी भी बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो जल्दबाजी में बिना सोचे समझे विवाह कर लेते हैं, ऐसे में विवाह करने के लिए भी कूलिंग ऑफ पीरियड मिलना चाहिए!"

एक दूसरे उपभोक्ता ने इस कानून पर टिप्पणी करते हुए लिखा, "सरकार ने औनलाइन सभी लोगों के विरोध के बाद भी तलाक के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड का कानून पारित कर दिया, इसका मतलब ये है कि जनता की राय के लिए उनका सम्मान महज दिखावा है। "

2003 से चाइना में तलाक के मुद्दे में तेजी से बढ़े हैं, उस वक्त विवाह के कानून उदार थे व महिलाएं आर्थिक तौर पर ज्यादा आत्मनिर्भर होती गईं। पिछले वर्ष चाइना में 40 लाख से ज्यादा जोड़े विवाह के बंधन में बंधे थे, जो कि 2003 से 13 लाख ज्यादा थे, उस वक्त शादीशुदा लोगों को बिना न्यायालय जाए आपसी सहमति से तलाक मिल जाता था।  

उससे पहले, तलाक लेने के लिए पति पत्नी को एक दूसरे को न्यायालय में घसीटना पड़ता था। चाइना में लागू नया सिविल कोड अगले वर्ष एक जनवरी से लागू होगा। चाइना में पारित दूसरे नए कानूनों में यौन उत्पीड़न की परिभाषा का दायरा बढ़ाया गया है, जमीन कब्जाने के विरूद्ध नए प्रावधान किए गए हैं व लोगों को अपने मृत संबंधियों के अंग दान करने की छूट दी गई है।