पंजाब में भारी बारिश के चलते मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पंजाब में भारी बारिश के चलते मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

देश भर में भारी बारिश से तबाही मची हुई है. अकेले पंजाब में सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में हैं. वहीं चार लोगों की जान भी चल गई है.

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भाखड़ा डैम से छोड़े जा रहे पानी के कारण सतुलज दरिया उफान पर है. रोपड़, पठानकोट, लुधियाना व फिरोजपुर के गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. फिरोजपुर, जालंधर, नवांशहर व कपूरथला के 197 गांवों को खाली करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. यह आदेश भाखड़ा डैम से सतलुज दरिया में एक लाख 89 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के मद्देनजर दिया गया है.

सतलुज दरिया में भाखड़ा डैम से छोड़े गए पानी व भारी वर्षा के कारण स्वां नदी ने श्री आनंदपुर साहिब के दर्जनों गांवों को अपनी चपेट में ले लिया. गांव निक्कूवाल, महंदली कलां, बुर्ज, चंदपुर बेला, बल्लोवाल, गज्जपुर, हरीवाल आदि का सम्पर्क संसार से टूट गया.

यहां बचाव में एनडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं. वहीं हिमाचल में भारी बरसात के बाद पठानकोट में चक्की दरिया सारे उफान पर है. रविवार प्रातः काल तड़के चक्की दरिया किनारे वाली भदरोया रोड का 300 मीटर भाग दरिया में समा गया. सड़क किनारे लगे बिजली के 2 टावर भी धराशायी हो गए.

1988 के बाद पहली बार इतना ज्यादा पानी
बीबीएमबी के चेयरमैन अभियंता दविंदर शर्मा ने बोला है कि भाखड़ा डैम के पीछे बनी विशाल गोबिंद सागर झील में पिछले 24 घंटों के दौरान हमारे अनुमान से दो गुना पानी आया है.

शर्मा ने बोला कि बीते 24 घंटों के दौरान झील में 3 लाख 11 हजार 134 क्यूसेक पानी आया जिसके चलते भाखड़ा डैम का जलस्तर 1679 फुट के पार चला गया है. उन्होंने बोला कि 1988 के बाद यह पहली बार हुआ है कि इतनी भारी मात्रा में पानी आया है. पंजाब में बारिश रुकने पर भाखड़ा डैम से छोड़े जाने वाले पानी की गति गको व बढ़ाया जा सकता है.

पाकिस्तान को नहीं छोड़ा पानी
रणजीत सागर बांध (आरएसडी) की झील से माधोपुर हेड वर्क्स के जरिये पाक की ओर पानी नहीं छोड़ा गया. नतीजतन झील का जलस्तर खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रहा है.

रविवार शाम 5 बजे तक झील का जलस्तर 521.80 मीटर पहुंच गया था. अगर ऐसे ही दशा रहे तो सोमवार को फ्लड गेट खोलने पड़ेंगे. आरएसडी के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर नरेश महाजन ने बताया कि चमेरा बांध प्रशासन ने 3 फ्लड गेट खोल रखे हैं. जिसके चलते हर घंटे आरएसडी झील में 80 हजार क्यूसेक पानी जमा हो रहा है.