यूपी में औरैया में मर्डर के बाद पुलिस पर फायरिंग के मुद्दे में अरैस्ट हुए दो आरोपी की यह याचिका खारिज

यूपी में औरैया में मर्डर के बाद पुलिस पर फायरिंग के मुद्दे में अरैस्ट हुए दो आरोपी की यह याचिका खारिज

यूपी में औरैया के मोहल्ला नारायनपुर में अधिवक्ता और उनकी बहन की मर्डर के बाद पुलिस पर फायरिंग के मुद्दे में अरैस्ट दो आरोपी हरिगोविंद उर्फ गुड्डू और सच्चिदानंद उर्फ पप्पू निवासी गांव भड़ारीपुर की जमानत याचिका सत्र न्यायाधीश डाक्टर दीपक स्वरूप सक्सेना ने खारिज कर दी.


इस मुद्दे से जुड़े एक अन्य आरोपी रामचंद्र मिश्रा उर्फ भइयन निवासी गांव भड़ारीपुर का अग्रिम जमानत प्रार्थना लेटर भी न्यायालय ने निरस्त कर दिया. मोहल्ला नारायनपुर स्थित हनुमान मंदिर परिसर में 15 मार्च को अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी बहन सुधा की गोली मारकर मर्डर कर दी गई थी.
मर्डर के आरोप में सपा नेता और एमएलसी कमलेश पाठक और उनके दो भाइयों सहित एक दर्जन से अधिक आरोपियों को अरैस्ट कर कारागार भेजा जा चुका है. इस दोहरे हत्याकांड में करीब 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस पर फायरिंग करने का मुकदमा भी पुलिस की ओर से दर्ज कराया गया है. 

पुलिस ने 10 मई की रात में सपा नेता कमलेश पाठक के पैतृक गांव भड़ारीपुर से हरिगोविंद उर्फ गुड्डू तथा सच्चिदानंद उर्फ पप्पू को अरैस्ट कर कारागार भेजा था. मंगलवार को दोनों आरोपियों की जमानत याचिका सत्र न्यायाधीश डाक्टर दीपक स्वरूप सक्सेना की न्यायालय में प्रस्तुत की गई.

बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दोनों को बेगुनाह बताया, लेकिन अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने जमानत प्रार्थना लेटर का विरोध किया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला जज ने दोनों आरोपी हरिगोविंद उर्फ गुड्डू तथा सच्चिदानंद उर्फ पप्पू की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दीं.

इसी प्रकरण में ग्राम भड़ारीपुर निवासी रामचंद्र मिश्रा उर्फ भइयन ने अपने को बेगुनाह बताते हुए अग्रिम जमानत पर मुक्त किए जाने का प्रार्थना लेटर प्रस्तुत किया. कोर्ट ने रामचंद्र मिश्रा का अग्रिम जमानत प्रार्थना लेटर भी निरस्त कर दिया. इससे पहले न्यायालय 14 मई को इसी मुद्दे में शुभम द्विवेदी की अग्रिम जमानत प्रार्थना लेटर निरस्त कर चुकी है.