हम जनता की आंखों में धूल नहीं झोंकते बल्कि आंखों में आंखें डालकर राजनीति करते हैं: राजनाथ सिंह

हम जनता की आंखों में धूल नहीं झोंकते बल्कि आंखों में आंखें डालकर राजनीति करते हैं: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज उत्तर प्रदेश दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने सीतापुर में बूथ अध्यक्ष सम्मेलन को संबोधित किया। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर जबरदस्त तरीके से हमला किया। अपने संबोधन की शुरुआत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये आध्यात्म की धरती है, ये देश की सुरक्षा करने वाले कैप्टन मनोज पांडेय की धरती है, आज यहां बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन इसी धरती पर हो रहा है। मैं कह सकता हूं कि इस बार भी भाजपा को दो तिहाई बहुमत से जीतने से कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने कहा कि आज आप सबकी उमंग, उत्साह देख रहा हूं, जो चमक आपके अंदर देख रहा हूं उसके लिए आपका धन्यवाद है, पार्टी आपका अभिनंदन करती है, आप हमारी ताकत आप हमारी पार्टी की जान हैं।

विपक्ष पर हमला करते हुए राजनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे कहा था कि हमारे घोषणा पत्र में कोई ऐसी बात ना आ जाए जिसे हम पूरा ना कर पाएं। किसी पार्टी का कोई नेता इस तरह चिंता नहीं करता है। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि घोषणा पत्र में जो भी डालना है डाल दो जनता की आंखों में धूल झोक कर सत्ता हासिल कर लो, लेकिन ऐसी सत्ता हम चिमटी से भी छूना नहीं चाहेंगे। हम जनता की आंखों में धूल झोक कर नहीं, जनता की आंखों में आंखें डालकर राजनीति करना चाहते हैं। 

उन्होंने कहा कि जिस भारत-चीन के बार्डर रेजंगला की धरती पर मुझे जाने से रोका जा रहा था, वहां का तापमान-20 डिग्री रहता है। लेकिन जो जवान ऐसी विषम परिस्थितयों में खड़े होकर देश की सीमा की रक्षा करते हैं, वहां मुझे जाने से कोई नहीं रोक सकता है। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जातिवाद, क्षेत्रवाद, परिवारवाद, वंशवाद की जरूरत नहीं है, अपना बूथ चलेगा, इस बार राष्ट्रवाद का नारा चलेगा, हमें सिर्फ भारत राष्ट्र देखना है क्योंकि भारत मेरी मां है। 


पाकिस्तान ने सात देशों पर लगाया यात्रा प्रतिबंध, ओमीक्रोन से दुनिया में बढ़ी दहशत

पाकिस्तान ने सात देशों पर लगाया यात्रा प्रतिबंध, ओमीक्रोन से दुनिया में बढ़ी दहशत

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट 'ओमीक्रोन' ने दुनियाभर में हड़कंप मचा दिया है। पाकिस्तान ने एहतियात बरतते हुए सात देशों की यात्रा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। डान की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल कमांड एंड आपरेशन सेंटर (एनसीओसी) द्वारा जारी एक अधिसूचना के मुताबिक, छह दक्षिणी अफ्रीकी देशों के साथ-साथ हांगकांग की यात्रा पर रोक लगा दी गई है। इन दक्षिणी अफ्रीकी देशों में दक्षिण अफ्रीका, लेसोथो, इस्वातिनी, मोजाम्बिक, बोत्सवाना और नामीबिया शामिल हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन को इस वैरिएंट के पहले मामले की जानकारी 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से मिली थी। इसके अलावा बेल्जियम, हांगकांग, इजरायल और बोत्सवाना में भी इस वैरिएंट की पहचान की गई है। डब्ल्यूएचओ ने इस वैरिएंट को लेकर चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि यह काफी खतरनाक है। इसके मद्देनजर कई देशों ने एहतियातन दक्षिण अफ्रीका से आने-जाने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

अब तक ये देश लगा चुके हैं प्रतिबंध

दक्षिणी अफ्रीकी देशों के लिए उड़ानों पर पाबंदी लगाने वाले देशों की संख्या बढ़ती जा रही है। यूरोपीय संघ के सदस्य देश, ब्रिटेन और पाकिस्तान सात अफ्रीकी देशों के लिए यात्रा पर पाबंदी लगा चुके हैं। इनके अलावा, आस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, ब्राजील, कनाडा, ईरान, जापान थाइलैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश और अमेरिका समेत कई देशों ने भी यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। ब्राजील ने दक्षिणी अफ्रीकी देशों से लगने वाली अपनी सीमाओं को भी सील करने का फैसला किया है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री ने तमाम देशों की तरफ से उठाए जा रहे इस कदम को अनुचित बताया है और कहा है कि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि नया वैरिएंट मौजूदा वैक्सीन के असर को बेअसर कर सकता है और अधिक संक्रामक है। इसके अलावा डब्ल्यूएचओ ने भी सभी राष्ट्रों से जल्दबाजी में कोई भी प्रतिबंधात्मक कदम नहीं उठाने की अपील की है।