पाकिस्तान में क्यों छाया अंधेरा ...

पाकिस्तान में क्यों छाया अंधेरा ...

30 और 31 जुलाई 2012 को हिंदुस्तान में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती हुई, जिसे मानव जाति के इतिहास में सबसे खराब बिजली संकट बोला जा सकता है. दो आउटेज में से पहले ने लगभग 350 मिलियन लोगों को प्रभावित किया.

आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पाक की बिजली गुल हो गई है. इस्लामाबाद, लाहौर और कराची जैसे बड़े शहर अंधकार में नजर आए. पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक ब्लूचिस्तान के गुड्डू से क्वेटा के बीच दो सप्लई लाइन में सुबह गड़बड़ी मिली, जिसके बाद देशभर में ग्रिड फेल हो गया. पाक में बत्ती गुल होने की सोशल मीडिया पर भी चर्चा हुई और खूब मीम भी शेयर किए गए. पाकिस्तानियों ने अपने हुक्मरानों को जमकर कोसा. #ElectricityShutDown और #Poweroutage टॉप ट्रेंड पर रहा. इसके साथ ही ये भी चर्चा चल पड़ी कि क्या पाक जैसा बिजली संकट हिंदुस्तान में भी हो सकता है? 

पाकिस्तान में क्यों छाया अंधेरा 

पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने बोला है कि सर्दियों में बिजली की मांग कम हो जाती है. ऐसे में आर्थिक तरीका के रूप में हम रात में पावर जेनरेशन यूनिट को अस्थायी रूप से बंद कर देते हैं. सोमवार सुबह जब सिस्टम चालू किया तो राष्ट्र के दक्षिण में दादू और जमशोरो के बीच वोल्टेज में उतार-चढ़ाव आया, जिससे ग्रिड पर असर पड़ा. पाक में चार महीने में दूसरी बार है जब पूरे राष्ट्र का पावर ग्रिड इस तरह से ठप हुआ है.

2012 को 40 करोड़ लोग अंधेरे में डूब गए थे

30 और 31 जुलाई 2012 को हिंदुस्तान में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती हुई, जिसे मानव जाति के इतिहास में सबसे खराब बिजली संकट बोला जा सकता है. दो आउटेज में से पहले ने लगभग 350 मिलियन लोगों को प्रभावित किया, जबकि दूसरे ने 670 मिलियन लोगों पर असर डाला. 28 भारतीय राज्यों में से 21 में इसका असर देखने को मिला था.  जरूरी प्रश्न जिसका उत्तर देना आवश्यक है, वास्तव में ऐसा क्या हुआ जिसके कारण आउटेज हुआ. 

भारतीय इलेक्ट्रिसिटी का बैक बोन: विद्युत ग्रिड

भारत में विद्युत नेटवर्क को पाँच क्षेत्रीय ग्रिडों उत्तरी, उत्तर-पूर्वी, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्रीय ग्रिड में विभाजित किया गया है. हिंदुस्तान में उत्पादित बिजली का लगभग दो-तिहाई हिस्सा कोयले से चलने वाले ताप विद्युत संयंत्रों से आता है, जो प्रमुख कोयला खदानों के निकट होने के कारण पूर्वी क्षेत्र में केंद्रित हैं. हाइड्रो उत्पादन ज्यादातर उत्तरी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में स्थित है. दूसरी ओर, प्रमुख बिजली निकासी भार उत्तर, पश्चिम और दक्षिण क्षेत्रों में स्थित हैं. हिंदुस्तान की बढ़ती अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए, इस भौगोलिक रूप से विषम उत्पादन-खपत प्रोफ़ाइल को हजारों मील की दूरी पर बिजली के भारी प्रवाह की जरूरत होती है. 30 जुलाई 2012 को न्यू ग्रिड में एक गड़बड़ी हुई, जिसके कारण उत्तरी क्षेत्रीय ग्रिड को बाकी हिस्सों से काट दिया गया और अंततः 28 भारतीय राज्यों में से 8 में अंधेरा छा गया. मात्र 32 घंटे बाद, 31 जुलाई 2012 को लगभग 1300 घंटेगड़बड़ी फिर से उभरी, जिससे लगभग 670 मिलियन लोग प्रभावित हुए. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब से लेकर, दिल्ली, यूपी, बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर हिंदुस्तान के कुल 22 राज्यों में अंधेरा छा गया था. बताया गया था कि 32 गीगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता ठप पड़ गई थी. 1 अगस्त 2012 को बिजली बहाल हो गई.