अंतरराष्ट्रीय मार्केट में आकस्मित कच्चे ऑयल के दाम में हुआ यह बड़ा परिवर्तन, जाने कीमत

 अंतरराष्ट्रीय मार्केट में आकस्मित कच्चे ऑयल के दाम में हुआ यह बड़ा परिवर्तन, जाने कीमत

कच्चा ऑयल अब पानी से सस्ता हो गया है. अंतरराष्ट्रीय मार्केट में आकस्मित कच्चे ऑयल के दाम में 30 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिसके बाद भारतीय वायदा मार्केट में कच्चा ऑयल 2,200 रुपए प्रति बैरल के नीचे आ गया है. 

कच्चे ऑयल के दाम में 1991 के खाड़ी युद्ध के बाद यह सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट है, जो कि मुख्य रूप से सऊदी अरब द्वारा ऑयल का भाव घटाने के कारण आई है. 

एक बैरल में 159 लीटर कच्चा ऑयल होता है. इस प्रकार एक लीटर कच्चे ऑयल का दाम करीब 13-14 रुपए आएगा, जबकि एक लीटर पानी की बोतल के लिए कम से कम 20 रुपए चुकाने पड़ते हैं. कच्चे ऑयल को लेकर प्रारम्भ हुए प्राइस वार व कोरोनावायरस के प्रकोप के कारण अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे ऑयल के दाम में सोमवार (9 मार्च) को 30 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है. 

विदेशी मार्केट से चलने वाले कच्चे ऑयल के कारोबार में घरेलू वायदा मार्केट में कच्चे ऑयल का भाव 30 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 2,200 रुपए प्रति बैरल से नीचे आ गया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर कच्चे ऑयल के मार्च अनुबंध में 997 रुपए यानी 31.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 21,62 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था.

वहीं, अंतरराष्ट्रीय वायदा मार्केट इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज यानी आईसीई पर ब्रेंट क्रूड के मई अनुबंध में पिछले सत्र से 26.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 33.27 डॉलर पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले दाम 31.27 डॉलर प्रति बैरल तक गिरा. न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज यानी नायमैक्स पर अप्रैल डिलीवरी अमेरिकी रोशनी क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट के अनुबंध में 28.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 29.54 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले भाव 27.34 डॉलर प्रति बैरल तक गिरा था. 

एंजेल ब्रोकिंग के (एनर्जी व करेंसी रिसर्च) के  डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता ने बताया कि ऑयल के उत्पादन में कटौती को लेकर ओपेक व रूस के बीच सहमति नहीं बनने के बाद सऊदी ने प्राइस वार छेड़ दिया है व इसमें अगर ओपेक के कुछ व मेम्बर शामिल हुए तो कच्चे ऑयल के दाम में व गिरावट आ सकती है. उन्होंने बताया कि 2015 में भी इसी तरह की प्राइस वार का परिदृश्य देखने को मिला था जब सऊदी ने बोला था कि अगर क्रूड का भाव 20 डॉलर प्रति बैरल तक भी आ गया तो उसे कोई चिंता नहीं है.