Earthquake in Uttarakhand: 25 दिनों में 10 बार हिल चुकी धरती, किसी बड़े खतरे की आशंका

Earthquake in Uttarakhand: 25 दिनों में 10 बार हिल चुकी धरती, किसी बड़े खतरे की आशंका

Earthquake in Uttarakhand : हिमालयी राज्यों में लगातार भूकंप का खतरा मंडरा रहा है और किसी बड़े खतरे (Earthquake Danger) की आशंका सामने दिख रही है.

इस साल के 25 दिनों के भीतर इन राज्यों में 10 बार धरती हिल चुकी है और 2 जनवरी से आंकड़े देखें तो पांच बार तो उत्तराखंड में ही! मंगलवार को जितनी तीव्रता का भूकंप (Earthquake Scale) उत्तराखंड में दर्ज किया गया, उतना ही तीव्र भूकंप इस महीने की शुरुआत में हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के चंबा में रिकॉर्ड किया गया था. जानिए हिमालयी राज्यों (Himalayan States) में भूकंप को लेकर ताज़ा डेटा (Earthquake Data) क्या है और अंदेशा क्या!


भड़काऊ भाषण के मुद्दे में त्यागी को उच्चतम न्यायालय ने उपचार कराने के लिए तीन महीने की ज़मानत

भड़काऊ भाषण के मुद्दे में त्यागी को उच्चतम न्यायालय ने उपचार कराने के लिए तीन महीने की ज़मानत

 भड़काऊ भाषण के मुद्दे में त्यागी को उच्चतम न्यायालय ने उपचार कराने के लिए तीन महीने की ज़मानत दी है इससे पहले त्यागी के वकील ने दिल रोग के उपचार के लिए ज़मानत की मांग की थी इस याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने ज़मानत मंज़ूर करते हुए आदेश दिया की ज़मानत के दौरान वह कोई भड़काऊ भाषण नहीं देंगे

मंगलवार की सुनवाई से पहले हरिद्वार धर्म संसद मुद्दे से जुड़ी त्यागी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड गवर्नमेंट से उत्तर मांगा था न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कठोर टिप्पणी करते हुए क​हा था, चूंकि वे स्वयं संवेदनशील नहीं है, इससे पूरा माहौल खराब हो रहा है पीठ ने त्यागी की जमानत याचिका पर राज्य गवर्नमेंट और अन्य को नोटिस जारी किया था

त्यागी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने बोला था कि त्यागी लगभग छह महीने से हिरासत में हैं और वह कई रोंगों से पीड़ित हैं उन्होंने बोला कि त्यागी के विरूद्ध दर्ज मुद्दे में अधिकतम सजा तीन वर्ष ही है और इन आधारों पर उन्हें बेल दी जाना चाहिए उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मार्च में उत्तराखंड हाई कोर्ट द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज कर दिए जाने के बाद त्यागी ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था

धर्म संसद में हेट स्पीच का सिलसिला
गौरतलब है कि हरिद्वार धर्म संसद में कई साधु संतों ने मुसलमानों के विरूद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं इतना ही नहीं, धर्म संसद में महात्मा गांधी को भी नहीं बख्शा गया एक साधु कालीचरण महाराज ने तो बापू तक को बुरा भला कह दिया उन्हें हिरासत में भी लिया गया था दूसरी ओर मुस्लिम से हिन्दू बने वसीम रिजवी उर्फ त्यागी ने भी आपत्तिजनक बयान दिए थे हरिद्वार के बाद दिल्ली में धर्म संसद हुई थी और वहां भी भड़काऊ बयान दिए गए