इन स्ट्रेचिंग टिप्स की मदद से पाए पीठ दर्द, कमर दर्द, गर्दन में दर्द जैसी समस्या से छुटकारा

इन स्ट्रेचिंग टिप्स की मदद से पाए पीठ दर्द, कमर दर्द, गर्दन में दर्द जैसी समस्या से छुटकारा

दुनिया में करोड़ों लोग ऐसे हैं, जिनको अपनी नौकरी (Job) में लगातार आठ से नौ घंटे तक बैठना पड़ता है। लॉकडाउन (Lockdown) में कई क्षेत्र के लोगों के ऊपर वर्क लोड ज्यादा होने की वजह से उनको व भी ज्यादा समय तक बैठकर कार्य करना पड़ रहा है। 

ऐसे में उनके शरीर (Boby) में दर्द होना प्रारम्भ हो जाता है। समस्या बढ़ने पर बॉडी पॉश्चर (Body posture) भी बिगड़ सकता है। ऐसे में उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोग पीठ दर्द, कमर दर्द, गर्दन में दर्द जैसी समस्या से जूझने लगते हैं। जो लोग डेस्क वर्क करते हैं आज हम उनके लिए कुछ स्ट्रेचिंग टिप्स बता रहे हैं, जिसको वो कार्यालय में ही कर सकते हैं

स्ट्रेचिंग के फायदे यहां समझें
कार्यालय में सिटिंग नौकरी करने वालों को अभ्यास से भी बहुत ज्यादा सहायता मिलती है, लेकिन हर कोई जिम नहीं जा सकता। इसके लिए बहुत सारे लोग प्रातः काल बिस्तर पर स्ट्रेचिंग करते हैं। स्ट्रेचिंग के अपने कुछ फायदे हैं, जिनके बारे में हर कोई नहीं जानता। स्ट्रेचिंग करने से वर्क आउट की तरह जोड़ों व मसल्स का ब्लड फ्लो बढ़ता है। विभिन्न मसल्स में खिंचाव के बाद शरीर आमतौर पर बेहतर महसूस करता है। इसलिए धीरे-धीरे स्ट्रेच करें, नहीं तो मसल्स में खिंचाव आ सकता है। गर्दन, पीठ, कंधों, हिप्स की अकड़न ध्यान में रखते हुए हम आपको फ्लेग्जिबिलिटी स्ट्रेचिंग अभ्यास बता रहे हैं। इनको करने से आपको कुछ ही समय में आराम मिलेगा।

1. वन आर्म हग
इस स्ट्रेच को करते समय दायां हाथ आगे से बाएं कंधे पर रखें। इसके बाद अधिक खिंचाव के लिए बाएं हाथ से दाएं हाथ की कोहनी को पीछे की ओर धकेलें। इससे हाथ व शोल्डर पर स्ट्रेच आएगा। इस स्ट्रेच को दोनों हाथों से 30-30 सेकेंड के लिए 2-3 बाार करें।

2. शोल्डर श्रग
कंधे व गर्दन टाइपिंग क्लिकिंग व स्क्रंचिंग से अधिक स्ट्रेस व टेंशन में आ जाते हैं। उन्हें लूज करने के लिए बैठे-बैठे शोल्डर श्रग करना अच्छा ऑपशन होने कि सम्भावना है। इसे करने के लिए कुर्सी पर बैठकर कंधों को ऊपर उठाते हुए कानों के पास ले जाने की प्रयास करें व 30 सेकेंड के लिए होल्ड करें। फिर नॉर्मल स्थिति में आएं। ऐसे 2-3 बार करें। लंबे समय तक टाइपिंग या अन्य कार्य करने के बाद यह स्ट्रेच बहुत ज्यादा रिलेक्स फील कराता है।



3. नेक स्ट्रेच
यदि कार्य करते-करते आपकी गर्दन भी टाइट हो जाती है, तो इसके लिए नेक स्ट्रेचिंग करनी चाहिए। क्योंकि गर्दन में टेंशन के कारण सिरदर्द व अपर बैक में स्ट्रेस आने लगता है। कई लोग कंप्यूटर पर कार्य करते समय सिर को आगे की ओर झुकाते हैं, जिससे गर्दन के मसल्स पर अधिक लोड पड़ता है। नेक स्ट्रेच करने के लिए कुर्सी पर बैठे-बैठे अपने दाहिने हाथ से सिर को पहले दायी तरफ स्ट्रेच करें, फिर बाएं हाथ से बाईं ओर। इसके बाद दोनों हाथों को हल्के से सिर पर रखकर गर्दन को आगे की ओर झुकाएं। अब ठोड़ी से हल्का दवाब देते हुए ऊपर की ओर स्ट्रेच करें।

4. चेयर बैक स्ट्रेच
इस स्ट्रेचिंग से बैक मसल्स लूज होंगे। इसे करने के लिए घर या कार्यालय में बैक सपोर्ट वाली चेयर पर बैठें। अब दोनों हाथ पीछे की ओर ले जाकर आपस में पकड़ लें या एक साइड हवा में रखें। अब पीठ मोड़ते हुए छाती को आगे की ओर बढ़ाएं। स्ट्रेच को 30 सेकेंड तक करें व 5 बार दोहराएं।

5. सीटेड लेट स्ट्रेच
लेट्स मसल्स को स्ट्रेच करने के लिए यह अच्छी स्ट्रेचिंग अभ्यास है। इसे करने के लिए सिर के ऊपर एक हाथ बढ़ाएं व उल्टा हाथ की दिशा में अपने शरीर को थोड़ा सा मोड़ें। चाहें तो उल्टा हाथ से अपनी कलाई को पकड़ें एवं गहरी सांस लेकर भी स्ट्रेच कर सकते हैं इससे अधिक स्ट्रेच आएगा। 30 सेकेंड तक इस स्थिति को होल्ड करें व 3-5 बार दोहराएं। (Disclaimer: इस आर्टिक्ल में दी गई जानकारियां व सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। मीडिया इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबधित जानकार से सम्पर्क करें। )