अमरीका में पुलिस कस्टडी में मृत्यु के बाद प्रारम्भ हुआ जापान व न्यूजीलैंड में विरोध प्रदर्शन

अमरीका में पुलिस कस्टडी में मृत्यु के बाद प्रारम्भ हुआ जापान व न्यूजीलैंड में विरोध प्रदर्शन

अफ्रीकी-अमरीकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड ( African-American George Floyd ) की अमरीका में पुलिस कस्टडी में मृत्यु के बाद प्रारम्भ हुआ विरोध प्रदर्शन अब संसार के कई राष्ट्रों तक पहुंच गई है. 

इसी कड़ी में रविवार को जॉर्ज फ्लॉयड की मृत्यु का शोक मनाने के लिए जापान व न्यूजीलैंड ( Protest In Japan and New Zealand ) में लोगों ने मार्च निकाला. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नस्वाद के विरूद्ध ( Protest Against Racism ) परिवर्तन की मांग की.

न्यूजीलैंड में प्रदर्शनकारियों ने 'ब्लैक लाइव्स मैटर' व नस्लवाद को एक महामारी बताया व बोला चलो इसके विरूद्ध लड़ें. वहीं जापान की राजधानी टोक्यो ( Tokyo ) स्थित एक पार्क में 100 से ज्यादा लोगों ने शांतिपूर्वक मार्च निकाला.

रविवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड व वेलिंगटन ( Potest in Auckland and Wellington ) में हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. ऑकलैंड के केंद्रीय अटिया स्क्वायर से लोगों ने विरोध प्रदर्शन प्रारम्भ किया व अमरीकी वाणिज्य दूतावास ( American consulate ) के पास खत्म किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने घुटने टेककर फ्लॉयड के लिए एक मिनट का मौन भी रखा. वहीं राजधानी वेलिंगटन में प्रदर्शनकारियों ने सिविक स्क्वायर से संसद के मैदान तक मार्च किया. इस दौरान 'ब्लैक लाइव्स मैटर' व नस्लवाद एक महामारी है!, चलो इससे लड़ें के नारे लगाए.

कई राष्ट्रों में व्यापक प्रदर्शन

आपको बता दें कि 25 मई को अमरीका के मिनियापोलिस में पुलिस कस्टडी में जॉर्ज फ्लॉयड की मृत्यु हुई थी. इसके बाद इसके विरूद्ध अमरीका में प्रदर्शन प्रारम्भ हो गया. देखते ही देखते अमरीका के 140 शहरों में यह विरोध प्रदर्शन फैल गया.

प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान कई जगहों पर आगजनी की व लूटपाट की घटना को भी अंजाम दिया. इससे अरबों को नुकसान हुआ. लिहाजा अमरीकी प्रशासन ने बेकाबू होते दशा को नियंत्रित करने के लिए मिलिट्री को तैनात कर दिया.

इधर अमरीका में प्रदर्शन को देखते हुए कई राष्ट्रों में प्रदर्शन प्रारम्भ हो गया. बेल्जियम, जर्मनी व ब्रिटेन के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया ( Protest In Australia and Britain ) सहित सारे यूरोप में विरोध प्रदर्शन जारी है. इन सभी राष्ट्रों में लोग नस्लवाद का सामना कर रहे हैं व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं. ब्रिटेन में प्रदर्शन कर रहे 100 से अधिक लोगों को पुलिस ने अरैस्ट भी किया है.