पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति हुई खराब मांग रहा कर्ज

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति हुई खराब मांग रहा कर्ज
  • पाकिस्तान पर जीडीपी का 70 प्रतिशत ऋण है.
  • अमेरिकी सेना के शीर्ष ऑफिसरों से भी मुलाकात की
  • एक $ की मूल्य 223 रुपये है

Pakistan Economic Crisis: पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. इस बीच पाकिस्तान ने भी पूरे विश्व के राष्ट्रों से ऋण मांगने के लिए हाथ फैलाना प्रारम्भ कर दिया है. पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ऋण लेने के लिए पहुंच गए हैं. उन्होंने दोनों राष्ट्रों के ऑफिसरों से अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर भी चर्चा की है. बाजवा ने कुछ दिन पहले अमेरिका का दौरा किया था और पाक के लिए ऋण की अपील की थी.

IMF से मांगा कर्ज

वही इसी वर्ष पाक को आईएमफ के तरफ से ऋण मिलने वाला है. अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान जनरल बाजवा ने पाक को चूक से बचाने के लिए आईएमएफ कार्यक्रम के अनुसार 1.2 अरब $ की शुरुआती सहायता जल्द से जल्द जारी करने की अपील की थी जनरल बवाजा ने अमेरिका के उप विदेश मंत्री वेंडी शेरमेन से टेलीफोन पर बात करने के साथ ही साथ उन्होंने अमेरिकी सेना के शीर्ष ऑफिसरों से भी मुलाकात की. जनरल बाजवा ने व्हाइट हाउस और ट्रेजरी विभाग से आईएमएफ से बेलआउट प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह करने का आग्रह किया.

इस बीच पाक ने दावा किया है कि उसने आईएमएफ की सभी शर्तों को पूरा किया है. 1.2 अरब $ की सहायता के लिए दोनों पक्षों के बीच कर्मचारी स्तर का समझौता पहले ही हो चुका है. पाक को आशा है कि इस सप्ताह आईएमएफ बोर्ड की बैठक में पाक को दी जाने वाली सहायता को स्वीकृति मिल जाएगी. वहीं आईएमएफ ने बोला है कि जैसे ही हम इस बात की पुष्टि करेंगे कि पाक ने ऋण लेने की सभी शर्तें पूरी कर दी हैं, उसके तुरंत बाद पहली किस्त जारी कर दी जाएगी. इस संबंध में अगस्त के अंत में बोर्ड की एक संभावित बैठक भी निर्धारित की गई है. इस ऋण को लेकर पाक काफी दिनों से इन्तजार कर रहा है. 

पाकिस्तानी रूपया हुआ कमजोर

पाकिस्तानी रुपया कमजोर होकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है. वर्तमान में एक $ की मूल्य 223 रुपये है. पाक का विदेशी मुद्रा भंडार भी गिरकर 9.3 अरब $ पर आ गया है इतने पैसे से पाक की आवश्यकता की चीजें पांच सप्ताह तक भी इंपोर्ट नहीं की जा सकतीं. यही वजह है कि शाहबाज शरीफ गवर्नमेंट अपने खर्चों में तेजी से कटौती कर रही है. इस समय राष्ट्र मे मंहगाई अपने चरम पर है और दैनिक जीवन में प्रयोग करने वाले समानों के मूल्य आसमान छू रहे हैं. पाकिस्तानी अवाम काफी बुरे दौर से गूजर रही है. 

वहीं देश पर जीडीपी का 70 प्रतिशत ऋण हो गया है. इसमें से 40 प्रतिशत ऋण बाहर से लिया है, जबकि बाकी घरेलू ऋण है. घरेलू कर्ज को संभालना आसान है, क्योंकि यह अपनी मुद्रा में है. पाक का केवल 7 प्रतिशत ऋण थोड़े समय के लिए लिया गया है, इसलिए इस ऋण को चुकाने की शीघ्र है. बाकी ऋण लंबी अवधि के लिए है. स्टेट बैंक ऑफ पाक (एसबीपी) के कार्यवाहक गवर्नर डॉ मुर्तजा सैयद ने बोला कि पाक ने 20 प्रतिशत ऋण व्यावसायिक शर्तों पर लिया है और बाकी छूट पर आधारित ह