कोरोना से ब्राजील में 1,175 लोगों की मौत, अमेरिका में फ‍िर एक लाख के करीब मामले

कोरोना से ब्राजील में 1,175 लोगों की मौत, अमेरिका में फ‍िर एक लाख के करीब मामले

दुनिया के कई मुल्‍कों में कोरोना ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। कोरोना का बेहद संक्रामक डेल्टा वैरिएंट अब तक दुनिया के 135 देशों में पाया जा चुका है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ का कहना है कि यदि संक्रमण फैलने की रफ्तार नहीं थमी तो अगले हफ्ते तक कोरोना के कुल वैश्विक मामले 20 करोड़ को पार कर जाएंगे। ब्राजील और अमेरिका एक बार फ‍िर कोरोना की चपेट में हैं। बीते 24 घंटे में ब्राजील में 1,175 लोगों की महामारी से मौत हो गई है जबकि अमेरिका नए मामले एक बार फिर एक लाख के करीब पहुंच गए हैं। आइए जानें दुनिया के विभिन्‍न मुल्‍कों में महामारी के चलते कैसे हैं हालात...

ब्राजील में 1,175 लोगों की मौत

ब्राजील में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा दो करोड़ को पार कर गया है। समाचार एजेंसी एएनआइ ने सिन्‍हुआ के हवाले से बताया है कि बीते 24 घंटों में ब्राजील में महामारी से 1,175 लोगों की मौत हो गई है जबकि रिकॉर्ड 40,716 नए मामले सामने आए हैं। ब्राजील के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक ब्राजील में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 20,026,533 हो गया है जबकि 559,607 लोग महामारी से मारे जा चुके हैं। ब्राजील की सरकार का कहना है कि मुल्‍क महामारी की नई लहर का सामना कर रहा है।


अमेरिका में फ‍िर एक लाख के करीब मामले

अमेरिका में कोरोना के नए मामले एक लाख के करीब पहुंच गए हैं। अमेरिका में बुधवार को 94819 नए मामले सामने आए। बताया जा रहा है कि कोरोना का डेल्‍टा वैरिएंट तेजी से अमेरिका को अपनी गिरफ्त में जकड़ रहा है। अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्‍टर एंथनी फॉउसी का कहना है कि डेल्‍टा वैरिएंट की वजह से आने वाले कुछ सप्‍ताह में देश में मामले दोगुना हो जाएंगे। मालूम हो कि अमेरिका में आने वाले कुल मामलों में से करीब 83 फीसद केस के लिए कोरोना का डेल्‍टा वैरिएंट ही जिम्‍मेदार रहा है।


डेल्‍टा वैरिएंट से सहमा चीन

दुनिया को महामारी बांटने के आरोपों में घिरे चीन में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट का प्रकोप बढ़ता दिख रहा है। इसकी वजह से शहरों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगाने की रणनीति फिर से अपनानी पड़ रही है। 15 लाख की आबादी वाले वुहान में आवाजाही को बंद कर दी गई है। कुछ इलाकों में बड़े पैमाने पर जांच के आदेश दिए गए हैं। चिंताजनक बात यह भी है कि संक्रमण के नए मामले उन लोगों में भी सामने आए हैं जिन्होंने कोविड-19 रोधी टीके की खुराक ले ली है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि टीकाकरण तेज करके और संक्रमितों का इलाज करके ही संक्रमण को रोकने की जरूरत है। लॉकडाउन से बेरोजगारी और भुखमरी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

इंडोनेशिया में 640 डॉक्‍टरों की मौत

इंडोनेशिया में महामारी से अब तक 640 डॉक्‍टरों की मौत हो चुकी है। समाचार एजेंसी आइएएनएस ने सिन्‍हुआ के हवाले से बताया है कि सबसे ज्‍यादा डॉक्‍टरों की मौत इस साल जुलाई महीने में दर्ज की गई है। संक्रमण से मरने वाले डॉक्‍टरों में सर्वाधिक पुरुष हैं। रिपोर्ट के मुताबिक महामारी से 535 पुरुष डॉक्‍टरों और 105 मह‍िला डॉक्‍टरों की मौत हुई है। इंडोनेशिया में महामारी से अब तक 80,598 लोगों की मौत हुई है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इंडोनेशिया में अब तक संक्रमण के 3,082,410 मामले दर्ज किए गए हैं।


तुर्की में तीन महीने बाद बढ़े मामले

तुर्की में बीते 24 घंटों में कोरोना के 26,822 नए मामले सामने आए हैं। चार मई के बाद से संक्रमितों का यह अधिकतम एकदिनी आंकड़ा है। तुर्की के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जुलाई की शुरुआत के बाद से संक्रमितों की संख्या पांच गुना से अधिक बढ़ गई है। तुर्की में 16 अप्रैल को रिकॉर्ड 63,082 मामले दर्ज किए गए थे। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बीते 24 घंटे में संक्रमण से 122 लोगों की मौत भी हुई है। बीते 24 घंटे में 262,048 नमूनों की जांच की गई है।


135 देशों में पहुंचा डेल्‍टा वैरिएंट

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ का कहना है कि कोरोना का बेहद संक्रामक डेल्‍टा वैरिएंट अब 135 देशों में पहुंच गया है। इसकी पहचान सबसे पहले भारत में हुई थी। समाचार एजेंसी रायटर के डाटा के अनुसार बुधवार को कोरोना मरीजों का वैश्विक आंकड़ा 20 करोड़ के पार पहुंच गया जबकि अब तक 42 लाख से ज्यादा पीडि़तों की मौत हुई है। डब्ल्यूएचओ के ताजा डाटा के मुताबिक कोरोना के बीटा वैरिएंट के मामले अब तक 132 देशों में पाए गए हैं। गामा वैरिएंट 81 देशों में दस्तक दे चुका है जबकि अल्फा वैरिएंट 182 देशों में पहुंचा है।


डब्ल्यूएचओ का टीकाकरण पर जोर

बीते एक हफ्ते के दौरान दुनिया में कोरोना के 40 लाख से ज्यादा नए मामले पाए गए। ये मामले 26 जुलाई से एक अगस्त के दौरान मिले। हालांकि इस अवधि में मरने वालों की संख्या में थोड़ी कमी आई है। इससे पहले वाले सप्ताह में 64 हजार पीडि़तों की जान गई थी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेबरेसस ने गरीब देशों में टीकाकरण में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमीर और गरीब देशों में टीकाकरण के अंतर को पलटने की जरूरत है। टेड्रोस ने कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि सितंबर तक हर देश में दस फीसद आबादी का टीकाकरण पूरा हो जाए।'


एक साल में खत्म हो सकती है कोरोना महामारी, जानिए दिग्गज वैक्सीन निर्माता ने क्यों किया ये दावा

एक साल में खत्म हो सकती है कोरोना महामारी, जानिए दिग्गज वैक्सीन निर्माता ने क्यों किया ये दावा

पिछले डेढ़ साल से भी अधिक समय से दुनियाभर में जारी कोरोना महामारी ने हमारे जीवन को प्रभावित कर दिया है। पढ़ाई से लेकर कामकाज, व्यापार से लेकर नौकरी तक सभी को कोरोना ने गंभीर रूप से प्रभावित किया है। ऐसे में सभी लोगों के मन में बस एक सवाल है, आखिर कोरोना महामारी कब खत्म होगी? इसको लेकर दुनिया के एक दिग्गज वैक्सीन निर्माता ने बड़ा दावा किया है। माडर्ना वैक्सीन के निर्माण (एमआरएनए.ओ) और कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन बंसेल का मानना है कि कोरोना वायरस महामारी एक साल में खत्म हो सकती है।

उन्होंने स्विस अखबार नीयू ज़ुएर्चर ज़ितुंग को बताया कि वैक्सीन उत्पादन में वृद्धि से टीके के वैश्विक आपूर्ति में तेजी होगी। इसका मतलब हुआ कि वैक्सीन दुनिया के सभी कोनों तक तेजी से पहुंच सकेगी। उन्होंने एक इंटरव्यू में अखबार को बताया कि यदि आप पिछले छह महीनों में वैक्सीन की उत्पादन क्षमता को देखते हैं, तो अगले साल के मध्य तक पर्याप्त डोज उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे इस धरती पर मौजूद सभी इंसानों को टीका लगाया जा सके। इतना ही नहीं, जिन्हें बूस्टर डोज की जरूरत है उन्हें भी वैक्सीन लग सकेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही शिशुओं के लिए भी कोरोना का टीकाकरण उपलब्ध होगा।


इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि जो लोग वैक्सीन नहीं ले रहे हैं वे स्वाभाविक रूप से खुद को प्रतिरक्षित करेंगे क्योंकि डेल्टा वैरिएंट इतना संक्रामक है। इस तरह हम फ्लू जैसी स्थिति में समाप्त हो जाएंगे। आप या तो टीका लगवा सकते हैं और वायरस से संक्रमित होकर प्रतिरक्षा पा सकते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या इसका मतलब हुआ कि अगले साल की दूसरी छमाही में हम सामान्य स्थिति में लौट सकते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि आज के जैसे हालात रहे तो एक साल में मुझे लगता है कि कोरोना महामारी खत्म हो सकती है।