बिहार में कोविड-19 के इतने नए मामले, कुछ मरीजों की मौत

बिहार में कोविड-19 के इतने नए मामले, कुछ मरीजों की मौत

पटना: बिहार में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 6,413 नए मामले सामने आए जबकि संक्रमित तीन और मरीजों की मौत हो गई।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में तीन लोगों की कोरोना की चपेट में आकर मौत हो गयी।

प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान सामने आए नए मामलों में सबसे अधिक 2,014 पटना में सामने आए हैं। बिहार में वर्तमान में 28,659 मरीज उपचाराधीन हैं। पिछले 24 घंटों में 1.80 लाख नमूनों का परीक्षण किया गया।


FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: छात्रों को भड़काने के आरोप में खान सर के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज किया गया. पटना के पत्रकार नगर थाना की पुलिस ने हिरासत में लिए गए छात्रों के बयान के आधार पर खान सर समेत एसके झा सर, नवीन सर, अमरनाथ सर, गगन प्रताप सर, गोपाल वर्मा सर पर हिंसा भड़काने और साजिश करने के आरोप के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

पुलिस की मानें तो प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए किशन कुमार, रोहित कुमार, राजन कुमार और विक्रम कुमार ने इस बात को कबूल किया है कि खान सर समेत अन्य ने छात्रों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया था.

इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज 

इसी बयान के आधार पर पटना के विभिन्न कोचिंग संचालकों और अज्ञात तीन-चार सौ लोगों को षड्यंत्र के तहत नाजायज मजमा बनाकर सड़क मार्ग को बाधित करने, दण्डाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अपमानित करने, तोड़फोड़ करने और यातायात व लोकमार्ग को बाधित करने आदि के आरोप में भारतीय दंड विधान की धारा- 147/ 148/ 149/ 151/ 152/ 186/ 187/ 188/ 323/ 332/ 353/ 504/ 506/ 120 (B) के अंतर्गत आरोपित किया गया है.खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी लेकिन मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था.उन्होंने आरोप लगाया की RRB की वजह से घटनाएं हुईं. सुनिए क्या कहा.

खान सर ने दी थी सफाई

बता दें कि खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी. लेकिन उन्होंने खुद पर मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था. उन्होंने आरोप लगाया कि आरआरबी की वजह से घटनाएं हुईं है. उन्होंने कहा था कि सबसे बड़ी समस्या यह आई कि 24 जनवरी को जब राजेंद्र नगर टर्मिनल पर 500 के करीब एनटीपीसी के छात्र हंगामा कर रहे थे, तभी आरआरबी ने ग्रुप डी वालों के लिए तीन बजे ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया. एनटीपीसी के छात्र सोच रहे थे कि कुछ अच्छी सूचना मिलेगी. लेकिन आरआरबी की नोटिफिकेशन ने आग में घी डालने का काम किया. बोर्ड का नोटिफिकेशन ग्रुप डी वालों के लिए था. नोटिफिकेशन में बताया गया था कि ग्रुप-डी के अभ्यर्थियों का अब मेंस एग्जाम लिया जाएगा.

ग्रुप डी वाले भी करने लगे हंगामा

ऐसे में ग्रुप डी के सिंगल एग्जाम वाले जो डेढ़ करोड़ छात्र हैं, जो एनटीपीसी छात्रों का हंगामा मीडिया के माध्यम से देख रहे थे, वे लोग परीक्षा की बात से उग्र हो गए और एनटीपीसी के छात्रों के साथ शामिल हो गए. अब जो हंगामा हो रहा है उनमें ग्रुप डी के ज्यादा छात्र हैं. यह सारी गलती आरआरबी की है. खान सर ने कहा कि पहले ही एनटीपीसी गलती कर चुका था, जिससे छात्र गुस्से में थे. उसी वक्त आरआरबी ने नोटिफिकेशन जारी कर हंगामे को और बढ़ा दिया. हालांकि, अब आरआरबी ने परीक्षा स्थगित कर दिया है.