टिकटॉक बैन होने के बाद छात्रा एवं सब इंस्पेक्टर की बेटी ने उठाया यह बड़ा कदम

टिकटॉक बैन होने के बाद छात्रा एवं सब इंस्पेक्टर की बेटी ने उठाया यह बड़ा कदम

उत्तर प्रदेश के मेरठ में दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा एवं सब इंस्पेक्टर की बेटी ने फांसी लगाकर जान दे दी. वह टिकटॉक स्टार थी. टिकटॉक बैन होने के बाद से बेहद परेशान थी. खुदकुशी की वजह स्पस्ट नहीं हो पाई है. पुलिस ने मोबाइल कब्जे में लेकर मृत शरीर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.


 यह मुद्दा मेर के पल्लवपुरम थाना क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी का है.  

हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर संजय चौहान का परिवार ग्रीन पार्क कॉलोनी में छह महीने से रह रहा है. यहां सब इंस्पेक्टर की पत्नी और बेटी रहती हैं. 22 वर्ष की बेटी संध्या चौहान दिल्ली यूनिवर्सिटी से अध्ययनरत है. लॉकडाउन में वह घर आई हुई थी. गुरुवार शाम करीब पांच बजे उसने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. घटना के वक्त संध्या की मां दूसरे कमरे में उपस्थित थीं. 

मृतका के फुफेरे भाई पुस्पांक ने पुलिस को फोन से इसकी सूचना दी. मोदीपुरम चौकी प्रभारी विकास चौहान मौके पर पहुंचे. दरवाजा तोड़ कर छात्रा को फंदे से नीचे उतारा. उसे एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया. यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मृत शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. 

चौकी प्रभारी विकास चौहान का बोलना है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि युवती ने परिवारिक कलह के चलते जान दी है. पल्लवपुरम थाना प्रभारी दिग्विजयनाथ शाही ने बताया कि छात्रा के मोबाइल को कब्जे में ले लिया है. पता चला है कि वह टिकटॉक पर बहुत ज्यादा सक्रिय रहती है. हालांकि अभी यह बोलना जल्दबाजी होगी कि टिकटॉक बैन के चलते उसने खुदकुशी की है. कमरे से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है. परिजनों से जानकारी हुई है कि वह पिछले दो महीने से ज्यादा डिप्रेशन में थी, लेकिन इसकी वजह पता नहीं चल पाई. सारे केस में गहनता से जाँच चल रही है.